रोम, 25 सितंबर। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की सरकार ने स्कूलों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। मंत्रिपरिषद ने स्कूल डिक्री को मंजूरी देते हुए कक्षाओं में इतालवी भाषा में पर्याप्त दक्षता नहीं रखने वाले छात्रों की संख्या को 30 प्रतिशत तक सीमित करने और स्कूलों में बुर्का व नकाब पर रोक लगाने का फैसला किया है। सरकार का कहना है कि इन उपायों का उद्देश्य छात्रों को अलग करना नहीं, बल्कि बेहतर एकीकरण और समान अवसर सुनिश्चित करना है।
मेलोनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि डिक्री के तहत उन छात्रों की संख्या पर 30 प्रतिशत की सीमा होगी, जिन्हें इतालवी भाषा का पर्याप्त ज्ञान नहीं है। इसके साथ ही ऐसे छात्रों को इतालवी भाषा सीखने में मदद के लिए अतिरिक्त सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। स्कूलों में बुर्का और नकाब पहनने पर भी रोक होगी। मेलोनी के मुताबिक, इसका उद्देश्य ऐसी कक्षाओं को बनने से रोकना है, जहां एक ही समुदाय के छात्रों की संख्या बहुत अधिक हो और दूसरे छात्रों से उनका संपर्क कम हो।
बुर्का-नकाब पहनने पर 1000 यूरो तक जुर्माना
डिक्री के मसौदे के अनुसार, स्कूल की पाठ्यक्रम और पाठ्येतर गतिविधियों के दौरान चेहरे को ढकने वाले परिधानों पर रोक होगी। इसमें बुर्का और नकाब शामिल हैं। स्वास्थ्य या सुरक्षा से जुड़े विशेष कारणों के अपवाद का प्रावधान है। नियम तोड़ने पर 200 से 1,000 यूरो तक जुर्माने का प्रावधान बताया गया है। नाबालिग के मामले में जुर्माना उसके माता-पिता पर लगाया जा सकता है।
किन छात्रों पर लागू होगी 30% की सीमा?
डिक्री में विदेशी नागरिकता रखने वाले छात्रों के लिए विशेष मानदंड तय किए गए हैं। प्राथमिक स्कूलों की पहली कक्षाओं में ऐसे छात्रों की संख्या 30 प्रतिशत से अधिक नहीं रखने का प्रावधान है, जो इटली में पैदा नहीं हुए हैं या जिन्होंने कम से कम दो वर्ष की प्री-स्कूल शिक्षा पूरी नहीं की है। माध्यमिक स्तर की पहली कक्षाओं में भी ऐसे विदेशी छात्रों के लिए 30 प्रतिशत की सीमा रखी गई है, जिन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा व्यवस्था में कम से कम तीन साल सफलतापूर्वक पढ़ाई नहीं की है।
इटली के शिक्षा मंत्री ज्यूसेपे वल्दितारा के अनुसार, देश में करीब 34 हजार ऐसी कक्षाएं हैं, जहां विदेशी छात्रों की संख्या 30 प्रतिशत से अधिक है। सरकार का कहना है कि इतालवी भाषा को एकीकरण के प्रमुख माध्यम के तौर पर मजबूत करना इस नीति का अहम हिस्सा है।
हिजाब और बुर्का-नकाब में क्या अंतर?
बुर्का और नकाब में चेहरे को ढका जाता है, जबकि हिजाब में आम तौर पर सिर और गर्दन ढकी होती है और चेहरा खुला रहता है। प्रधानमंत्री मेलोनी की घोषणा में विशेष रूप से बुर्का और नकाब पर रोक का उल्लेख किया गया है।
इटली में सार्वजनिक स्थानों पर चेहरे को इस तरह ढकने को लेकर 1975 से पहचान छिपाने वाले हेलमेट या कपड़ों से संबंधित कानून मौजूद है। हालांकि, स्कूलों में बुर्का और नकाब पर यह नया प्रावधान विशेष रूप से लागू किया गया है। डिक्री को संसद की प्रक्रिया से भी गुजरना होगा।
मेलोनी बोलीं- स्कूलों में सबको मिले बराबर मौका
मेलोनी ने कहा कि सरकार ऐसा स्कूल सिस्टम चाहती है, जो नियमों से समझौता किए बिना छात्रों को साथ लेकर चले। उनका कहना है कि जिन छात्रों को भाषा या एकीकरण में अधिक परेशानी है, उन्हें अतिरिक्त मदद दी जाएगी और हर छात्र को समान शुरुआत का अवसर देने की कोशिश होगी।


