वॉवरे (बेल्जियम), 28 अगस्त। सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर होने के बाद भारतीय पुरुष टीम ने शुक्रवार को यहां सातवें/आठवें स्थान का निर्धारण करने वाले मुकाबले में गत उपजेता व संयुक्त मेजबान बेल्जियम को उसके घर में यथासंभव जबर्दस्त चुनौती दी। लेकिन निर्धारित समय तक 3-3 की बराबरी के बाद विश्व नंबर दो बेल्जियन टीम ने पेनाल्टी शूटआउट के जरिए 4-3 से जीत हासिल की और विश्व नंबर आठ भारत को आठवें स्थान पर रहने के लिए बाध्य किया।
We gave it everything till the final hooter.
The Indian Men’s Team drew 3–3 against Belgium in the 7th/8th place clash at the FIH Hockey World Cup Belgium & Netherlands 2026, with Harmanpreet Singh finding the equaliser in the final minute. 🏑
The game went to a shootout,… pic.twitter.com/T3h2F2WQTL
— Hockey India (@TheHockeyIndia) August 28, 2026
मौजूदा सत्र में पहली बार सह मेजबान बेल्जियम के टर्फ पर उतरी भारतीय टीम
टूर्नामेंट के मौजूदा संस्करण में पिछले सारे मैच एम्सटेलवीन (नीदरलैंड्स) के वेगनेर हॉकी स्टेडियम में खेलने वाली भारतीय टीम पहली बार यहां बेल्फियस हॉकी एरेना में उतरी। इस रोमांचक मुकाबले में बेल्जियम ने आखिरी मिनट तक 3-2 से बढ़त बना रखी थी, लेकिन खेल समाप्ति से 26 सेकेंड पहले भारत को अहम पेनाल्टी कॉर्नर मिला, जिस पर कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने कोई चूक नहीं की और मौजूदा संस्करण में अपना आठवां गोल कर टीम को बराबरी दिला दी।
पेनाल्टी शूटआउट में हरमनप्रीत व सुखजीत के निशाने चूक गए
अब मैच के फैसले के लिए पेनाल्टी शूटआउट लागू किया गया, जिसमें भारत के लिए शिलानंद लाकड़ा, दिलप्रीत सिंह और अभिषेक ने गोल किए जबकि अंतिम दो मौकों पर सुखजीत सिंह व हरमनप्रीत के निशाने चूक गए। वहीं बेल्जियम के लिए टॉम बून, आर्थर डि स्लूवेर, अलेक्जेंडर हेंडरिक्स और रोमन डुवेकोट ने गोल दागे जबकि चौथी हिट लेने आए विक्टर फूबर्ट चूक गए।
The Indian Men’s Team took on Belgium in their final game of the FIH Hockey World Cup Belgium & Netherlands 2026, drawing 3–3 before narrowly going down 3–4 in the shootout in the 7th/8th place clash. 🏑
Here are the moments from a hard-fought final game of the campaign. 🇮🇳… pic.twitter.com/1qG7JmMOBV
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शुरुआती बढ़त कायम नहीं रख सकी भारतीय टीम
एक दिन पहले एम्सटेलवीन में भारतीय महिला टीम के जर्मनी को हराकर पांचवां स्थान हासिल करने के बाद हरमनप्रीत की टीम से भी जीत के साथ विदाई की उम्मीद थी, लेकिन एक बार फिर लचर डिफेंस का खामियाजा टीम को भुगतना पड़ा। हालांकि ठंडी हवाओं के बीच अच्छी-खासी तादाद में बेल्फियस हॉकी एरेना में जमा घरेलू समर्थकों के सामने भारत ने पहले बढ़त भी बनाई, लेकिन उस लय को कायम नहीं रख सकी।
मुकाबले का दिलचस्प तथ्य यह था कि शुरुआती क्वार्टर के आखिर में मैदान पर गोलकीपर के अलावा 11 खिलाड़ियों के होने से भारतीय कप्तान हरमनप्रीत को पीला कार्ड मिला, जिससे उन्हें पांच मिनट बाहर बैठना पड़ा।
हरमनप्रीत सिंह ने किए भारत के लिए दो गोल
खैर, भारत के लिए छठे मिनट में अभिषेक ने फील्ड गोल किया तो हरमनप्रीत ने 31वें व 60वें मिनट में पेनाल्टी कॉर्नर तब्दील किया। वहीं बेल्जियम के लिए रोमन डुवेकोट (22वां मिनट), हुगो लाबूशेरे (23वां), निकोलस डि करपल (47वां) ने गोल किए।
आखिरी क्वार्टर में भारत को एक और झटका लगा, जब मनप्रीत सिंह को लाबूशेरे के शॉट पर गेंद चेहरे पर लगी और वह कराहते हुए गिर गए। भारत के सबसे अनुभवी खिलाड़ी को मैदान से बाहर जाना पड़ा चूंकि गेंद इतनी तेजी से उनके चेहरे पर आई कि लग रहा था कि आंख के ऊपर गंभीर चोट लगी है लेकिन शूटआउट के दौरान वह मैदान पर लौटे।
पेरिस व टोक्यो ओलम्पिक में भी भारत को बेल्जियम से मात खानी पड़ी थी
उल्लेखनीय है कि बेल्जियम ने भारत को इस वर्ष प्रो लीग में दोनों मैचों में हराया था। पेरिस ओलम्पिक के पहले ही मैच में भारत को बेल्जियम के हाथों 1-2 से पराजय मिली थी जबकि टोक्यो ओलम्पिक में बेल्जियम ने ही भारत का खिताब जीतने का सपना तोड़कर सेमीफाइनल में 5-2 से मात दी।
वैसे देखा जाए तो दुनिया की दूसरे नंबर की टीम बेल्जियम का विश्व कप अभियान भी अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा था और ऑस्ट्रेलिया तथा स्पेन से दूसरे दौर में 1-1 से ड्रॉ खेलने के बाद टीम सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गई थी।
ओलम्पिक चैम्पियन नीदरलैंड्स पर जीत से स्पेन तीसरी बार फाइनल में
इस बीच सातवें क्रम पर काबिज स्पेन ने सेमीफाइनल में जबर्दस्त प्रदर्शन किया और रोमांचक संघर्ष के बाद ओलम्पिक चैम्पियन, सह मेजबान व विश्व नंबर एक नीदरलैंड्स को उसके घर (एम्सटेलवीन) में 4-3 से हराकर तीसरी बार फाइनल का टिकट पा लिया। इसके पूर्व खुद की मेजबानी में आयोजित पहले विश्व कप 1971 (बार्सिलोना) के दौरान स्पेनिश टीम फाइनल में पाकिस्तान के हाथों 0-1 की पराजय के बाद उपजेता रही थी। दूसरी बार भी वह 1998 में यूट्रेच (नीदरलैड्स) में अतिरिक्त समय तक खिंचे फाइनल में मेजबानों के हाथों 2-3 से परास्त हो गई थी।
अर्जेंटीना को हरा चैम्पियन जर्मनी छठी बार फाइनल में, स्पेन के खिलाफ खिताब बचाने उतरेगा
वहीं तीन बार के चैम्पियन जर्मनी ने बेल्फियस एरेना में लैटिन अमेरिकी देश अर्जेंटीना को 2-1 से हराकर छठी बार फाइनल में प्रवेश किया। विश्व नंबर चार जर्मनी अब रविवार को स्पेन के खिलाफ खिताब बचाने उतरेगा, जो उसने वर्ष 2023 में भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम में बेल्जियम को हराकर जीता था।
लगातार तीसरी बार यूरोप का घरेलू मामला बना फाइनल
दिलचस्प यह है कि लगातार तीसरी बार फाइनल में यूरोप की टीमें आमने-सामने होंगी। 2018 व 2023 विश्व कप की मेजबानी भारत ने की थी और दोनों बार ओडिशा में मुकाबले खेले गए थे। 2018 में बेल्जियम ने नीदरलैंड्स को हराकर पहली बार उपाधि जीती तो 2023 में लगातार दूसरी बार फाइनल खेलते हुए उसे जर्मनी से मात खानी पड़ी थी।
नीदरलैंड्स व अर्जेंटीना की महिलाओं में शनिवार को खिताबी टक्कर
उधर महिला वर्ग में विश्व रैंकिंग की शीर्ष दो टीमों यानी ओलम्पिक चैम्पियन व सह मेजबान नीदरलैंड्स और अर्जेंटीना के बीच शनिवार को फाइनल मुकाबला खेला जाएगा। गुरुवार को सेमीफाइनल में विश्व नंबर एक नीदरलैंड्स ने जहां दूसरे सह मेजबान व विश्व नंबर तीन बेल्जियम को 1-0 से हराया वहीं विश्व नंबर दो अर्जंटीनी टीम ने ऑस्ट्रेलिया पर इसी अंतर (1-0) से जीत हासिल की थी। भारतीय महिलाओं ने गुरुवार को ही विश्व नंबर पांच जर्मनी को 3-1 से हराकर पांचवां स्थान हासिल किया था।


