FIH हॉकी विश्व कप : भारतीय पुरुष भी नीदरलैंड्स से हारे, सेमीफाइनल की दौड़ से लगभग बाहर

एम्सटेलवीन, 22 अगस्त। पिछले 51 वर्षों से FIH हॉकी विश्व कप में पदक की तलाश में भटक रहे 1975 के चैम्पियन भारतीय पुरुषों की उम्मीदें एक बार फिर टूटती नजर आईं, जब वे 16वें संस्करण में शनिवार को नॉकआउट सरीखे दूसरे दौर के पूल ई मैच में मौजूदा ओलम्पिक चैम्पियन नीदरलैंड्स के हाथों 1-3 से हार गए। उल्लेखनीय है कि एक दिन पूर्व भारतीय महिला टीम भी दूसरे दौर में ही पिछले तीन बार के चैम्पियन नीदरलैंड्स के हाथों पराजय के साथ सेमीफाइनल की रेस से लगभग बाहर हो चुकी है।

ओलम्पिक चैम्पियन नीदरलैंड्स सेमीफाइनल में

वस्तुतः वेगनर हॉकी स्टेडियम में खेले गए इस मैच के दौरान पहले हाफ में शानदार प्रदर्शन के बावजूद आखिरी क्वार्टर में दो गोल गंवाने का खामियाजा भारत को भुगतना पड़ा और उसकी सेमीफाइनल में प्रवेश की उम्मीदें लगभग खत्म हो गई। वहीं डच टीम ने मैच जीतते ही सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली।

इंग्लैंड पर जीत से अर्जेंटीना ने भारत की क्षीण आस जीवित रखी

उधर, पूल के दूसरे मुकाबले में अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को 3-1 से हराकर भारत की अंतिम चार में पहुंचने की उम्मीदों को कुछ हद तक जिंदा रखा। भारत को अब पूल चरण के अपने आखिरी मुकाबले में अर्जेंटीना को कम से कम पांच गोलों के अंतर से हराना होगा। साथ ही उसे उम्मीद करनी होगी कि नीदरलैंड्स की टीम इंग्लैंड को शिकस्त दे।

अर्जेंटीना पर बड़ी जीत भी भारत को सेमीफाइनल की गारंटी नहीं देगी

पूल ई की मौजूदा स्थिति यह है कि अर्जेंटीना के खिलाफ प्रारंभिक पूल ए में मिली जीत से अर्जित तीन अंकों के सहारे दूसरे दौर में पहुंचे नीदरलैंड्स के अब छह अंक हो गए हैं। वहीं अर्जेंटीना ने भी इंग्लैंड के बराबर तीन अंक बटोर लिए हैं। इंग्लैंड ने ये तीन अंक प्रारंभिक पूल डी में भारत के खिलाफ मिली जीत से बटोरे थे। कहने का तात्पर्य यह कि भारत खाता नहीं खोल सका है और अर्जेंटीना पर जीत भी उसके सेमीफाइनल में प्रवेश की गारंटी नहीं होगी।

भारत की सोमवार को आखिरी मैच में अर्जेंटीना से होगी टक्कर

मुकाबले की बात करें तो अच्छी शुरूआत के बावजूद आखिरी दस मिनट में की गई गलतियों ने भारत को मैच से बाहर कर दिया। हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली भारतीय टीम को अब दूसरे दौर का आखिरी मैच सोमवार को अर्जेंटीना से खेलना है। इसके बाद टीम पांचवें से आठवें स्थान के क्लासीफिकेशन मुकाबले खेलेगी।

कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने किया भारत का इकलौता गोल

भारत के लिए मैच में एकमात्र गोल कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने 52वें मिनट में छठे व अंतिम शॉर्ट कॉर्नर पर किया। वहीं शुरुआती 17 मिनटों में मिले सभी चार पेनाल्टी कॉर्नर गंवाने वाले नीदरलैंड्स के लिए डुको टेलगेनकेम्प (41वां मिनट), येप होडेमेकर्स (51वां मिनट) व वान डैम यिप (55वां मिनट) ने गोल दागे।

विश्व कप में जबर्दस्त रहा है नीदरलैंड्स का प्रदर्शन

दिलचस्प यह है कि विश्व कप के इतिहास में भारतीय टीम तीन ओलम्पिक और तीन विश्व कप जीत चुके नीदरलैंड्स को कभी हरा नहीं सकी है। डच टीम ने 1973 में अपने घरेलू मैदान पर ही उसे पेनाल्टी शूटआउट तक खिंचे फाइनल में हराकर पहली बार चैम्पियन का श्रेय अर्जित किया था। उसके बाद नीदरलैंड्स ने 1990 और 1998 में फिर खिताब जीता जबकि पिछले चार विश्व कप में भी वह दो बार रजत और दो बार कांस्स पदक जीत चुका है। कुल मिलाकर देखें तो प्रतियोगिता के 15 संस्करणों में डचों ने अब तक तीन स्वर्ण, चार रजत व तीन कांस्य पदक जीते हैं।

भारतीय महिलाओं की रविवार को ऑस्ट्रेलिया से टक्कर

उधर महिला वर्ग में भारत (एक अंक) की पूल ई के दूसरे व आखिरी मैच में रविवार को ऑस्ट्रेलिया (एक अंक) से टक्कर होनी है। इस ग्रुप से डच महिलाएं शुक्रवार को भारत पर जीत के साथ ही अंतिम चार में पहुंच चुकी हैं। वहीं नीदरलैंड्स (छह अंक) का सामना चीन (दो अंक) से होगा।

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