केंद्र सरकार ने जारी की चेतावनी : AI की मदद से बैंकों, NBFC और फिनटेक कम्पनियों पर बढ़ रहे साइबर हमले

नई दिल्ली, चार नवम्बर। भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) की नेशनल साइबरक्राइम थ्रेट एनालिसिस यूनिट (NCTU) और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत कार्यरत सीईआरटी-इन ने बैंकों, गैर-बैंकिंग वित्तीय कम्पनियों (NBFC) और फिनटेक कम्पनियों पर बढ़ते साइबर हमलों को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है।

एजेंसियों के अनुसार, हाल के दिनों में ऐसे साइबर हमलों में वृद्धि देखी गई है, जिनमें अपराधी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एजेंट्स का उपयोग कर रहे हैं। इन हमलों का मुख्य उद्देश्य वित्तीय लाभ कमाना है। कई मामलों में फंड डिस्बर्समेंट सिस्टम और एपीआई का दुरुपयोग कर करोड़ों रुपये के अनाधिकृत लेनदेन किए गए हैं।

हमलावर सबसे पहले इंटरनेट से जुड़े सुरक्षा खामियों वाले सर्वर व आईटी सिस्टम की पहचान करते हैं

जारी चेतावनी के अनुसार हमलावर सबसे पहले इंटरनेट से जुड़े ऐसे सर्वर और आईटी सिस्टम की पहचान करते हैं, जिनमें सुरक्षा खामियां होती हैं या जिनका अपडेट समय पर नहीं किया गया होता। कई मामलों में ग्राहक शिकायत प्रणाली को भी निशाना बनाया जाता है।

इसके बाद हैकर्स भुगतान और फंड ट्रांसफर से जुड़े ऑटोमेटेड सिस्टम तथा API पर हमला करते हैं। एआई आधारित तकनीकों की मदद से यह पूरा हमला मशीन की गति से अंजाम दिया जाता है। अवैध रूप से निकाला गया पैसा विभिन्न बैंकों में मौजूद तथाकथित ‘म्यूल अकाउंट्स’ में भेजा जाता है। इसके बाद राशि को आईएमपीएस और एनईएफटी जैसे माध्यमों से तेजी से आगे ट्रांसफर या नकद निकासी कर ली जाती है। जांच से बचने के लिए अपराधी रिकॉर्ड मिटाने और अपने डिजिटल निशान छिपाने की भी कोशिश करते हैं।

बैंक सहित संबंधित संस्थानों को सुरक्षा उपाय तुरंत लागू करने की सलाह

सीईआरटी-इन और आई4सी ने सभी बैंकों, एनबीएफसी, फिनटेक कम्पनियों, पेमेंट एग्रीगेटर और पेमेंट गेटवे संचालकों को सुरक्षा उपाय तुरंत लागू करने की सलाह दी है। निर्देशों के अनुसार किसी भी साइबर घटना की जानकारी छह घंटे के भीतर सीईआरटी-इन को देनी होगी। बैंकों और एनबीएफसी को घटना की रिपोर्ट छह घंटे के भीतर आरबीआई के दक्ष पोर्टल पर भी दर्ज करनी होगी। धोखाधड़ी वाले लेनदेन की बड़ी संख्या में रिपोर्टिंग के लिए एनबीएफसी और फिनटेक कम्पनियां आई4सी से संपर्क कर सकती हैं, ताकि संदिग्ध राशि को फ्रीज किया जा सके।

भुगतान से जुड़ी सभी एपीआई की सूची तैयार करें वित्तीय संस्थान

एजेंसियों ने वित्तीय संस्थानों को सलाह दी है कि वे भुगतान से जुड़ी सभी एपीआई की सूची तैयार करें और पुरानी या इस्तेमाल न होने वाली एपीआई को तुरंत निष्क्रिय कर दें। साथ ही मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी (सीआईएसओ), ट्रांजैक्शन मॉनिटरिंग टीम और आईटी टीम के बीच बेहतर समन्वय बनाने की सलाह दी गई है।

प्रत्येक लेनदेन और दैनिक भुगतान की सीमा तय करने का निर्देश

निर्देशों में कहा गया है कि प्रत्येक लेनदेन और दैनिक भुगतान की सीमा तय की जाए। लाभार्थी के नाम और खाते का सत्यापन किया जाए। असामान्य गति से होने वाले ट्रांजैक्शनों पर नजर रखी जाए। गैर-अधिकृत आईपी एड्रेस से होने वाले एक्सेस प्रयासों की निगरानी की जाए। ग्राहक सहायता और शिकायत तंत्र की सुरक्षा मजबूत की जाए। केवाईसी और अन्य जरूरी मंजूरियों के बिना फंड ट्रांसफर की अनुमति न दी जाए।

इसके अलावा संस्थानों को मशीन गति वाले साइबर हमलों की स्थिति का परीक्षण करने के लिए अधिकृत ‘रेड टीम एक्सरसाइज’ आयोजित करने और अपनी सुरक्षा प्रतिक्रिया क्षमता का मूल्यांकन करने की भी सलाह दी गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि डिजिटल भुगतान प्रणाली की सुरक्षा और ग्राहकों के धन की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा साइबर खतरों से निबटने के लिए निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था लगातार मजबूत की जा रही है।

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