Gujarat Gutkha Ban: गुजरात में गुटखा-पान मसाला पर प्रतिबंध एक साल और बढ़ा, 2027 तक रहेगा लागू

गांधीनगर, 31 अगस्त। गुजरात सरकार ने तंबाकू या निकोटीन युक्त गुटखा और पान मसाला के निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री पर लागू प्रतिबंध को एक और साल के लिए बढ़ा दिया है। खाद्य सुरक्षा आयुक्त की ओर से 31 अगस्त 2026 को जारी अधिसूचना के मुताबिक, नया प्रतिबंध 13 सितंबर 2026 से लागू होकर 12 सितंबर 2027 तक प्रभावी रहेगा। राज्य सरकार ने यह फैसला जन स्वास्थ्य से जुड़ी चिंताओं और विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों (NGO) की ओर से मिले अभ्यावेदनों को ध्यान में रखते हुए लिया है। गुजरात में तंबाकू और निकोटीन युक्त गुटखा-पान मसाला पर यह प्रतिबंध वर्ष 2012 से लागू है।

अलग-अलग नाम से बिकने वाले उत्पाद भी दायरे में

अधिसूचना के अनुसार, प्रतिबंध उन सभी संबंधित उत्पादों पर लागू होगा, चाहे उन्हें किसी भी नाम या ब्रांड के तहत बेचा जाए। इसके अलावा उन सामग्रियों पर भी कार्रवाई की जाएगी, जिन्हें अलग-अलग बेचकर बाद में मिलाने के जरिए तंबाकू या निकोटीन युक्त गुटखा अथवा पान मसाला तैयार किया जा सकता है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंध से बचने के लिए सामग्री को अलग-अलग बेचने की कोशिश भी कार्रवाई के दायरे में आएगी।

उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी

राज्य प्रशासन ने प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। प्रवर्तन एजेंसियों को अधिसूचना के दायरे में आने वाले उत्पादों के निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

कैंसर के बढ़ते खतरे का दिया हवाला

अधिसूचना में गुटखा और पान मसाला के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों का भी उल्लेख किया गया है। इसमें टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल, टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च और ‘हैमर’ द्वारा किए गए शोध का हवाला देते हुए कहा गया है कि गुटखा और पान मसाला का सेवन कैंसरकारी है और इससे मुंह के कैंसर का खतरा काफी बढ़ सकता है।

GATS के आंकड़ों का भी जिक्र

सरकार ने अधिसूचना में ग्लोबल एडल्ट टोबैको सर्वे (GATS) के निष्कर्षों का भी उल्लेख किया है। इसके अनुसार, भारत में 35 प्रतिशत वयस्क तंबाकू का सेवन करते हैं, जबकि 21 प्रतिशत लोग धुआं रहित तंबाकू का इस्तेमाल करते हैं।राज्य सरकार के मुताबिक, नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा करना और स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को देखते हुए प्रतिबंध को आगे बढ़ाना जरूरी था।

13 सितंबर से फिर शुरू होगा नया प्रतिबंध काल

नए आदेश के तहत गुजरात में मौजूदा प्रतिबंध 13 सितंबर 2026 से 12 सितंबर 2027 तक बिना किसी रुकावट के लागू रहेगा। यानी राज्य में तंबाकू या निकोटीन युक्त गुटखा और पान मसाला के निर्माण से लेकर उसकी बिक्री तक पर लगी रोक एक और वर्ष जारी रहेगी।

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