Green Economy : ग्रीन इकोनॉमी से अगले चार साल में पैदा होंगी 2.4 करोड़ नौकरियां, एआई प्रशिक्षण देगा एकेटीयू

लखनऊ, 27 अप्रैल। इंटरनेशनल लेबर आर्गेनाइजेशन के अनुसार ग्रीन इकोनॉमी से अगले चार साल में 2.4 करोड़ नौकरियां पैदा होंगी, जिनमें सर्वाधिक अवसर भारत जैसे देशों में होने की संभावना है। भारत भी इसके लिए तैयार है और इस क्षेत्र में प्रशिक्षण से लेकर अन्य स्तर की तैयारियां शुरू हो गई है। इसी क्रम में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) ग्रीन इकोनॉमी को बढ़ावा देने के लिए एआई आधारित ट्रेनिंग कार्यक्रम आयोजित करेगा।

एकेटीयू और आईएमआईएम की यह पहल एआई आधारित सस्टेनेबिलिटी इंटर्नशिप के जरिए छात्रों को भविष्य के रोजगार के लिए तैयार करेगी। “एआई फॉर सस्टेनेबिलिटी” विषय पर 6 सप्ताह की वर्चुअल इंटर्नशिप आयोजित होगी, जो अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के सहयोग से संचालित की जाएगी। इसमें छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सस्टेनेबिलिटी जैसे उभरते क्षेत्रों में व्यावहारिक ज्ञान प्रदान किया जाएगा।

इंटर्नशिप के दौरान छात्रों को वास्तविक जीवन से जुड़ी समस्याओं पर आधारित प्रोजेक्ट्स पर कार्य करने का अवसर मिलेगा। वे पर्यावरण संरक्षण, कार्बन उत्सर्जन में कमी और संसाधनों के कुशल उपयोग जैसे विषयों पर समाधान विकसित करेंगे। विशेषज्ञों द्वारा निरंतर मेंटरशिप और मार्गदर्शन दिया जाएगा, जिससे छात्र अपने प्रोजेक्ट्स को प्रभावी ढंग से पूरा कर सकें और व्यावहारिक समझ विकसित कर सकें। कार्यक्रम की विशेषता यह है कि इससे छात्र “क्लाइमेट-रेडी” प्रोफेशनल बन सकेंगे।

हरित अर्थव्यवस्था के अनुरूप तैयार होंगे छात्र

जलवायु परिवर्तन वैश्विक चुनौती बन चुका है, जिससे निपटने के लिए कुशल मानव संसाधन की मांग बढ़ रही है। यह इंटर्नशिप छात्रों को हरित अर्थव्यवस्था के अनुरूप कौशल विकसित करने का अवसर देगी, जिससे वे इलेक्ट्रिक वाहन, सोलर पावर और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में करियर बना सकेंगे।

आईएलओ के अनुसार करोड़ों नौकरियां होंगी सृजित

अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन के अनुसार वर्ष 2030 तक ग्रीन इकोनॉमी में लगभग 2.4 करोड़ नई नौकरियां सृजित होंगी, जिनमें से 84 लाख विकासशील देशों में होंगी। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के अनुसार नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में 3.8 करोड़ से अधिक रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। इससे स्पष्ट है कि सस्टेनेबिलिटी से जुड़े क्षेत्रों में करियर की अपार संभावनाएं हैं। यह प्रशिक्षण दिया जाएगा

इंटर्नशिप के तहत छात्रों को सिमुलेटेड कंसल्टिंग

प्रोजेक्ट्स पर काम करने का अवसर मिलेगा। साथ ही डेटा एनालिसिस टूल्स का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, जिससे वे अपने प्रोजेक्ट्स को अधिक प्रभावी बना सकें और भविष्य में इन कौशलों का उपयोग कर सकें।

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