लखनऊ, 22 अगस्त। भारतीय रसोई में लहसुन का इस्तेमाल दाल, सब्जी, चटनी और सूप समेत कई तरह के व्यंजनों में किया जाता है। यह खाने का स्वाद और खुशबू बढ़ाने के साथ-साथ कई संभावित स्वास्थ्य लाभों के लिए भी जाना जाता है। शोध के मुताबिक, लहसुन या उससे बने कुछ सप्लीमेंट्स का हाई ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल पर हल्का सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि, इसका असर सीमित हो सकता है और इसे किसी बीमारी के इलाज का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।
ब्लड प्रेशर के लिए मददगार हो सकता है लहसुन
कुछ अध्ययनों में पाया गया है कि लहसुन से बने सप्लीमेंट्स हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों में रक्तचाप को थोड़ी मात्रा में कम करने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, उपलब्ध रिसर्च की गुणवत्ता और परिणाम हर अध्ययन में एक जैसे नहीं हैं। इसलिए ब्लड प्रेशर नियंत्रित करने के लिए डॉक्टर की बताई दवाओं और जीवनशैली में बदलाव को प्राथमिकता देना जरूरी है।
कोलेस्ट्रॉल पर भी पड़ सकता है असर
लहसुन का सेवन कोलेस्ट्रॉल के स्तर पर भी कुछ असर डाल सकता है। रिसर्च के अनुसार, लहसुन सप्लीमेंट्स कुछ लोगों में कुल और LDL यानी खराब कोलेस्ट्रॉल को थोड़ी मात्रा में कम कर सकते हैं। हालांकि, इसका प्रभाव कोलेस्ट्रॉल कम करने वाली दवाओं की तुलना में काफी कम होता है। इसलिए अगर किसी व्यक्ति का कोलेस्ट्रॉल अधिक है, तो केवल लहसुन पर निर्भर रहना सही नहीं है। संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि और डॉक्टर की सलाह जरूरी है।
लहसुन में होते हैं एंटीऑक्सीडेंट गुण
लहसुन में कई ऐसे यौगिक पाए जाते हैं, जिन पर उनके संभावित एंटीऑक्सीडेंट और अन्य जैविक प्रभावों को लेकर शोध हुआ है। इसे रोजाना संतुलित डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है। हालांकि, लहसुन को किसी गंभीर बीमारी से बचाव या इलाज की गारंटी के तौर पर देखना सही नहीं होगा।
कच्चा लहसुन खाना जरूरी नहीं
कई लोग सुबह खाली पेट कच्चा लहसुन खाने की सलाह देते हैं, लेकिन यह तरीका हर व्यक्ति के लिए उपयुक्त नहीं होता। कच्चा लहसुन कुछ लोगों में सीने में जलन, पेट दर्द, गैस या अपच जैसी समस्या पैदा कर सकता है। लहसुन को सब्जी, दाल, चटनी या सूप में शामिल करना आसान तरीका है। इसे काटने या कुचलने के बाद कुछ समय रखने से इसमें एलिसिन (Allicin) जैसे यौगिक बनने की प्रक्रिया शुरू होती है।
ज्यादा लहसुन खाने से हो सकती है परेशानी
लहसुन का जरूरत से ज्यादा सेवन करने पर मुंह से तेज गंध, गैस, पेट दर्द, सीने में जलन और मतली जैसी समस्या हो सकती है। सामान्य भोजन की मात्रा में लहसुन ज्यादातर लोगों के लिए सुरक्षित माना जाता है। खास सावधानी उन लोगों को रखनी चाहिए जो ब्लड थिनर या एंटीकोआगुलेंट दवाएं लेते हैं। लहसुन से ब्लीडिंग का जोखिम बढ़ सकता है, खासकर सप्लीमेंट के रूप में लेने पर। ऐसे लोगों को लहसुन की अधिक मात्रा या सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।


