मिर्जापुर, 6 सितम्बर। मिर्जापुर जिले के अहरौरा में एक दिन पहले हुए क्रशर प्लांट हादसे के मामले में मृतकों के परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने खदान मालिक, ब्लास्टिंग कार्यकर्ता, क्रशर मालिक सहित पांच नामजद और अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
प्लांट का एक हिस्सा ढहने से 4 श्रमिकों की हुई थी मौत
ज्ञातव्य है कि अहरौरा थाना क्षेत्र के भगौतीदेई स्थित प्लांट का एक हिस्सा ढहने से चार मजदूरों की मलबे में दबकर मौत हो गई थी। मृतक दुर्योधन के चचेरे भाई सूर्यबली की तहरीर पर पुलिस ने खदान मालिक मधुसूदन सिंह, ब्लास्टिंग कार्यकर्ता मनोज यादव, क्रशर मलिक शिवकुमार पटेल उर्फ पिंटू, विनोद पटेल और आनंद पटेल के साथ अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
दुर्योधन के भाई ने आरोप लगाया है कि उसके भाई के साथ तीन लोग और काम कर रहे थे। जान बूझकर की गई लापरवाही एवं मानक सुरक्षा के अनदेखी के चलते घटना घटी और चार श्रमिकों की मौत हो गई। हादसे में सोनभद्र के जुगैल क्षेत्र के बड़गांवा गांव निवासी लाल बहादुर, अशोक और राकेश की भी मौत हुई।
यह हादसा तब हुआ, जब शनिवार दोपहर बगल के क्रशर प्लांट की खदान में ब्लास्टिंग चलते इस प्लांट का एक हिस्सा गिर गया। इसमें घायलों को आनन-फानन में निकालकर वाराणसी ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही सभी की मौत हो गई। जानकारी मिलने पर विंध्याचल मंडल के कमिश्नर राजेश प्रकाश, डीआईजी पूनम, जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार और पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक घटनास्थल का निरीक्षण किया था। परिजनों को आश्वासन दिया था कि जो दोषी होंगे, उन पर काररवाई की जाएगी।

मृत श्रमिकों के परिजनों को मिला 15-15 लाख रुपये का चेक
इस बीच समाज कल्याण राज्य मंत्री संजीव कुमार गोंड ने मृत श्रमिकों के परिजनों को घर पर जाकर 15-15 लाख रुपये का चेक सौंपा। साथ ही आगे भी हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया। यह सहायता जिला प्रशासन ने क्रशर मालिक से दिलवाई। आगे सरकारी सहायता भी की जाएगी। क्रशर मालिक की तरफ से 15-15 लाख रुपये की सहायता राशि के चेक के साथ ही 25-25 हजार रुपये तत्काल नगद अंतिम संस्कार के लिए भी दिए गए।


