भारत की विकास यात्रा में रतन टाटा का योगदान चिरस्मरणीय रहेगा – डॉ. मोहन भागवत  

नागपुर, 10 अक्टूबर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने देश के सुप्रसिद्ध उद्योगपति रतन टाटा के निधन को समस्त भारतवासियों के लिए अत्यंत दुःखद करार देते हुए कहा है कि उनके निधन से भारत ने एक अमूल्य रत्न को खोया है। संघ के दोनों शीर्ष नेताओं ने भारत की विकास यात्रा में रतन टाटा के योगदान के चिरस्मरणीय रहने की बात भी कही है।

आरएसएस के एक्स हैंडल पर डॉ. मोहन भागवत व दत्तात्रेय होसबाले की ओर से जारी शोक संवेदना में कहा गया, ‘देश के सुप्रसिद्ध उद्योगपति श्री रतन टाटा का निधन समस्त भारतवासियों के लिए अत्यंत दुःखद है। उनके निधन से भारत ने एक अमूल्य रत्न को खोया है। भारत की विकास यात्रा में रतन टाटा का योगदान चिरस्मरणीय रहेगा। उद्योग के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नई व प्रभावी पहल के साथ ही कई श्रेष्ठ मानकों को उन्होंने स्थापित किया। समाज के हितों के अनुकूल सभी प्रकार के कार्यों में उनका सतत सहयोग तथा सहभागिता बनी रही। राष्ट्र की एकात्मता व सुरक्षा की बात हो या विकास के कोई पहलू हो अथवा कार्यरत कर्मचारियों के हित का मामला हो रतन जी अपने विशिष्ट सोच व कार्य से प्रेरणादायी रहे। अनेक ऊंचाईयों को छू लेने के पश्चात भी उनकी सहजता एवं विनम्रता की शैली अनुकरणीय रहेगी। हम उनकी पावन स्मृतियों को विनम्र अभिवादन करते हुए भावभीनी श्रद्धांजली अर्पित करते हैं। ईश्वर दिवंगत आत्मा को सद्गति प्रदान करें यही प्रार्थना।’

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