घरेलू शेयर बाजार में लगातार चौथे दिन तेजी, सेंसेक्स 544 अंक चढ़ा, निफ्टी 391 अंक मजबूत
मुंबई, 3 अगस्त। अमेरिका व ईरान के बीच फिर से बातचीत की उम्मीदों के चलते कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट से घरेलू शेयर बाजार में कारोबारी सप्ताह के पहले दिन सोमवार को हरियाली दिखी और लगातार चौथे कारोबारी सत्र में दोनों मानक सूचकांक लाभ में रहे। इस क्रम में बीएसई सेंसेक्स जहां 544 अंक चढ़ा वहीं एनएसई निफ्टी ने बीएसई की अपेक्षा कहीं तेज रफ्तार से 391 अंकों की मजबूती हासिल की।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) के निवेश में सुधार और रुपये की मजबूती से भी बाजार की धारणा को समर्थन मिला। हालांकि, अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल का ऊंचा स्तर उभरते बाजारों में विदेशी निवेश के लिए अब भी एक प्रमुख जोखिम बना हुआ है।
सेंसेक्स 0.70 प्रतिशत चढ़कर 78,639.03 अंक पर बंद
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 544.39 अंक यानी 0.70 प्रतिशत चढ़कर 78,639.03 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 800.46 अंक यानी एक प्रतिशत चढ़कर 78,895.10 अंक तक जा पहुंचा था। सेंसेक्स से संबद्ध कम्पनियों में 23 के शेयर चढ़कर बंद हुए तो सात में कमजोरी रही।
निफ्टी 1.60 प्रतिशत की मजबूती से 24,774.30 अंक पर बंद
उधर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का 50 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक निफ्टी 390.70 अंक यानी 1.60 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,774.30 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी से संबद्ध कम्पनियों में 44 के शेयर हरे निशान पर रहे तो छह में गिरावट दर्ज की गई।
इंटरग्लोब एविएशन में सर्वाधिक 4.22% फीसदी की तेजी
सेंसेक्स समूह में शामिल कम्पनियों में इंटरग्लोब एविएशन के स्टॉक सर्वाधिक 4.22 फीसदी चढ़े। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), इन्फोसिस, इटर्नल, आईटीसी और एक्सिस बैंक प्रमुख रूप से बढ़त में रहे। दूसरी तरफ, सन फार्मा, भारती एयरटेल, मारुति और टाटा स्टील के शेयर नुकसान में रहे।
एफआईआई ने 277.48 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की शुद्ध लिवाली की
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को शुद्ध रूप से 277.48 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की लिवाली की। दरअसल, लगातार चार माह की बिकवाली के बाद विदेशी निवेशक जुलाई में भारतीय शेयर बाजार में शुद्ध खरीदार बने। उन्होंने आकर्षक मूल्यांकन, कम्पनियों के बेहतर वित्तीय नतीजों और वैश्विक परिस्थितियों में नरमी के बीच 20,200 करोड़ रुपये का निवेश किया। इस बीच वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 4.62 प्रतिशत टूटकर 83.88 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
