नई दिल्ली, 26 सितम्बर। बंगाल की खाड़ी पर बने चक्रवाती तूफान ‘गुलाब’ के ओडिशा और पश्चिम बंगाल के दक्षिणी हिस्सों की ओर बढ़ने की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने इसी के मद्देनजर इन दोनों राज्यों के कई जिलों में अगले तीन दिनों में मूसलाधार बारिश होने की हाई अलर्ट जारी किया है।
ओडीआरएएफ और एनडीआरएफ की टीमें ओडिशा भेजी गईं
उधर भुवनेश्वर में ओडिशा के विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) पी.के. जेना ने कहा कि सरकार ने बचाव दलों को संवेदनशील इलाकों में भेजने और निचले इलाकों से लोगों को बाहर निकालने के लिए कहा है। ओडिशा आपदा त्वरित कार्य बल (ओडीआरएएफ) के 42 दलों और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के 24 दलों के साथ दमकल कर्मियों को सात जिलों गजपति, गंजम, रायगढ़, कोरापुट, मल्कानगिरी, नबरंगपुर, कंधमाल भेजा गया है।
ओडिशा के चिह्नित जिलों में बाढ़ की भी आशंका
आईएमडी ने चेतावनी देने के साथ आगाह किया है कि चिह्नित जिलों में कई निचले इलाके डूब जाएंगे। ओडिशा के दक्षिणी क्षेत्र के पर्वतीय इलाकों में अचानक बाढ़ आने की आशंका है। गंजम और पुरी के शहरी इलाकों सहित अन्य कई हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश के कारण जलभराव हो सकता है।’ राज्य सरकार ने कुछ इलाकों में नदियों के उफान पर होने, भूस्खलन आने की आशंका को लेकर आगाह किया है।
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आईएमडी के महानिदेशक ने बताया है कि अगले तीन दिनों के दौरान समुद्र में ऊंची लहरें उठेंगी और ओडिशा, पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश में मछुआरों को 25 से 27 सितम्बर तक बंगाल की खाड़ी के पूर्वी-मध्य और उत्तरपूर्वी क्षेत्र में समुद्र में न जाने को कहा गया है।
आईएमडी कोलकाता के निदेशक जी.के. दास ने कहा है कि उत्तर-पूर्व और इससे सटे पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बनने की संभावना है. बाद के 24 घंटों में, यह कम दबाव का क्षेत्र होगा और 29 सितम्बर के आसपास पश्चिम बंगाल तट पर पहुंचने की संभावना है।
