केंद्र ने डाकघर की छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरों में की 1.1 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी, भविष्य निधि में कोई बदलाव नहीं

नई दिल्ली, 30 दिसम्बर। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को डाकघर सावधि जमा, एनएससी (राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र) और वरिष्ठ नागरिक बचत योजना सहित छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरों में एक जनवरी से 1.1 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की। यह कदम अर्थव्यवस्था में ब्याज दरों में मजबूती के अनुरूप उठाया गया है। हालांकि, पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (पीपीएफ) और बालिका बचत योजना सुकन्या समृद्धि पर ब्याज दरों में इस बार कोई बदलाव नहीं किया गया है।

केंद्र ने एक बयान में कहा कि राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) पर 1 जनवरी से 7 प्रतिशत की ब्याज दर मिलेगी, जबकि वर्तमान में यह 6.8 प्रतिशत है। इसी तरह सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम पर 7.6 फीसदी के मुकाबले 8 फीसदी का ब्याज मिलेगा। इसी तरह 1 से 5 साल की अवधि की डाकघर सावधि जमा योजनाओं पर ब्याज दरों में 1.1 प्रतिशत तक की वृद्धि होगी।

छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरों में सितम्बर के बाद से दूसरी बढ़ोतरी

मासिक आय योजना में भी 6.7 प्रतिशत से बढ़कर 7.1 प्रतिशत ब्याज मिलेगा। केंद्र द्वारा अक्टूबर-दिसम्बर 2022 के लिए कुछ छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी के बाद सितम्बर के बाद से यह दूसरी बढ़ोतरी है। जनवरी 2019 के बाद यह पहली बार बढ़ोतरी थी। इससे पहले किसान विकास पत्र (केवीपी) के लिए ब्याज दरों में बढ़ोतरी की गई थी।

वहीं वरिष्ठ नागरिक बचत योजना, मासिक आय खाता योजना, और दो और तीन साल के लिए सावधि जमा दरों में 10-30 आधार अंकों की सीमा में वृद्धि की गई थी। उल्लेखनीय है कि छोटी बचत योजनाएं तीन श्रेणियों बचत जमा, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और मासिक आय योजना के अंतर्गत आती हैं।

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