मुहर्रम जुलूस में कथित जहरीले कैप्सूल बांटने का मामला : मौलाना सैफ अब्बास बोले- यह बड़ी साजिश, गहन जांच जरूरी

लखनऊ, 29 जून। मुहर्रम के जुलूस के दौरान कथित तौर पर जहरीले कैप्सूल बांटे जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए शिया धर्मगुरु मौलाना सैफ अब्बास ने इसे एक गंभीर और सुनियोजित साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा कि मामले की गहन जांच कर इसके पीछे शामिल सभी लोगों और पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाना चाहिए। एक समाचार एजेंसी से बातचीत में मौलाना सैफ अब्बास ने कहा कि स्थानीय पुलिस की सतर्कता के कारण समय रहते इस कथित मामले का खुलासा हो गया। उनके अनुसार, जिस तरीके से कैप्सूल वितरित किए जा रहे थे, उससे किसी को आसानी से संदेह नहीं हो सकता था, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी से संभावित खतरे को टाल दिया गया।

उन्होंने पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी सतर्कता के लिए संबंधित अधिकारियों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि इस मामले में एक व्यक्ति की गिरफ्तारी हुई है, तो जांच केवल वहीं तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसके पीछे जुड़े अन्य लोगों और पूरी साजिश का भी खुलासा होना चाहिए। मौलाना सैफ अब्बास ने आशंका जताई कि इस तरह की घटनाओं के पीछे ऐसे तत्व हो सकते हैं जो देश और समाज का माहौल खराब करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों को यह पता लगाना चाहिए कि इस कथित घटना के पीछे किसका हाथ था, इसकी योजना कैसे बनाई गई और इसका उद्देश्य क्या था।

उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं समाज में भय और वैमनस्य फैलाने का प्रयास हो सकती हैं, इसलिए मामले के सभी संभावित लिंक की निष्पक्ष और व्यापक जांच होनी चाहिए। शिया धर्मगुरु ने केंद्रीय गृह मंत्री से भी अपील की कि मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच किसी केंद्रीय एजेंसी से कराई जाए। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार अपने स्तर पर जांच कर रही है, लेकिन यदि पूरे षड्यंत्र का खुलासा करना है तो विस्तृत और निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

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