नई दिल्ली, 30 अगस्त। उत्तर प्रदेश कैडर की IAS अधिकारी दिव्या मित्तल के इस्तीफे को लेकर एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। इस क्रम में भाजपा प्रवक्ता प्रशांत उमराव ने दावा किया है कि सिविल सेवा छोड़ने से पहले उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से एक ‘गुप्त’ मुलाकात की थी।
इस्तीफे का मकसद राज्य में कांग्रेस नेता के राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाना
प्रशांत उमराव ने X पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि मित्तल ने ‘अंधेरे में’ राहुल गांधी से मुलाकात के बाद इस्तीफ़ा दिया और कहा कि यह कदम आने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से जुड़ा था। उन्होंने दावा किया कि उनके इस्तीफे का मकसद राज्य में कांग्रेस नेता के राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाना था।
एक IAS का खूब PR हो रहा है कि इस्तीफा दे दिया पर ये नहीं बताया जा कि रात के अंधेरे में राहुल गांधी से मिलने के बाद इस्तीफ़ा दिया है ताकि यूपी चुनाव में पप्पू का एजेंडा फैलाया जा सके।
सदैव राजा रहने की इच्छा थी इसलिए संयुक्त सचिव का पद रास नहीं आया क्यूँकि DM के बाद सीधा कमिश्नर…
— Prashant Umrao (@ippatel) August 30, 2026
भाजपा प्रवक्ता ने मित्तल के प्रशासनिक कामकाज पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि जिन भी जिलों में उनकी पोस्टिंग हुई, वहां जन-प्रतिनिधियों के साथ उनके मतभेद रहे। उमराव ने दावा किया कि वह राजस्व विभाग में विशेष सचिव के तौर पर अपनी पोस्टिंग से खुश नहीं थीं और डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के तौर पर काम करने के बाद फील्ड असाइनमेंट को प्राथमिकता देती थीं।
उमराव ने मित्तल पर सरकारी योजनाओं को अपनी निजी उपलब्धियों के तौर पर पेश करने का भी आरोप लगाया और मिर्जापुर में उनके कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि पानी की सप्लाई से जुड़ी एक सरकारी पहल को उनकी निजी कोशिश के तौर पर दिखाया गया था।
दरअसल, ये आरोप 2013 बैच की आईएएस अफसर के इस्तीफा देने की घोषणा के कुछ ही समय बाद सामने आए हैं। मिर्जापुर, बस्ती और देवरिया में जिला मजिस्ट्रेट के तौर पर काम कर चुकीं मित्तल ने अपने इस्तीफे की वजह सार्वजनिक रूप से नहीं बताई है।


