लखनऊ, 29 अगस्त। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर रक्षाबंधन के मौके पर आयोजित लिफाफा वितरण कार्यक्रम को लेकर तीखा हमला बोला है। राजभर ने आरोप लगाया कि महिलाओं को 11-11 हजार रुपये देने के नाम पर कार्यक्रम में बुलाया गया, लेकिन कथित तौर पर उन्हें सिर्फ 1100 रुपये के लिफाफे दिए गए। उन्होंने इस पूरे मामले को तंज कसते हुए ‘राखी घोटाला’ करार दिया।
राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट के जरिए अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव के कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं को 11 हजार रुपये देने की बात कहकर बुलाया गया था, लेकिन बाद में उन्हें कम राशि वाले लिफाफे थमा दिए गए।
- ‘सत्ता में रहें या न रहें, आदतें नहीं बदलतीं’
ओम प्रकाश राजभर ने अपनी पोस्ट में लिखा कि लोगों की स्थिति बदल सकती है, लेकिन उनकी आदतें नहीं बदलतीं। उन्होंने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि इस बार कुछ नहीं मिला तो ‘राखी घोटाला’ करके बैठ गए। राजभर ने रक्षाबंधन जैसे पवित्र त्योहार पर महिलाओं के सम्मान और भावनाओं का ख्याल रखने की बात भी कही।
उन्होंने आरोप लगाया कि दो दिन पहले अखिलेश यादव के कार्यालय में धूमधाम से लिफाफा वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। राजभर के मुताबिक, महिलाओं को 11-11 हजार रुपये देने की बात कहकर बुलाया गया, लेकिन कार्यक्रम में पहुंचने के बाद कथित तौर पर उन्हें केवल 1100-1100 रुपये के लिफाफे दिए गए।
- ‘बाकी पैसे कहां गायब हो गए?’
ओपी राजभर ने अपने पोस्ट में सवाल उठाया कि अगर महिलाओं को 11 हजार रुपये देने की बात कही गई थी तो उन्हें सिर्फ 1100 रुपये क्यों दिए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि बाकी रकम कहां गई, इसका जवाब अखिलेश यादव को देना चाहिए।
उन्होंने आगे दावा किया कि अखिलेश यादव के कार्यालय में इस मामले को लेकर चर्चा है कि उनके ही कुछ करीबी लोगों ने कथित तौर पर प्रत्येक पैकेट से करीब 10 हजार रुपये निकाल लिए। राजभर ने कहा कि कुछ महिलाओं ने लिफाफे खोलकर देखे तो उनमें केवल 1100 रुपये होने की बात सामने आई।
- ‘विभीषणों से जल्द छुटकारा पाएं’
ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव को सलाह देते हुए कहा कि उन्हें अपने आसपास मौजूद कथित ‘विभीषणों’ से जल्द छुटकारा पा लेना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ये लोग उनकी ‘लंका’ लगाकर ही मानेंगे।
राजभर के आरोपों के बीच इस मामले में अखिलेश यादव या समाजवादी पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने की जानकारी नहीं है। ऐसे में लिफाफों में वास्तव में कितनी राशि दी गई और राजभर के आरोपों में कितनी सच्चाई है, यह संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।


