बनारस रेलवे स्टेशन को मिला नया अल्फाबेटिकल स्टेशन कोड – BNRS, एक दिसम्बर से होगा प्रभावी

वाराणसी, 21 नवम्बर। रेलवे ने धार्मिक नगरी काशी के प्रमुख रेलवे स्टेशनों में एक बनारस स्टेशन के अल्फाबेटिकल स्टेशन कोड में परिवर्तन का फैसला किया है। मौजूदा स्टेशन कोड BSBS की जगह अब बनारस स्टेशन को नया कोड BNRS दिया गया है। यह बदलाव पहली दिसम्बर से प्रभावी होगा।

उल्लेखनीय है कि 15 जुलाई, 2021 को मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर बनारस किया गया था। उस समय कोड BSBS किया गया था। इससे वाराणसी जंक्शन के कोड BSB और बनारस के कोड BSBS को लेकर यात्री कई बार भ्रमित हो जाते थे और रिक्शा और ऑटो वाले भी उन्हें बनारस की जगह वाराणरी कैण्ट पहुंचा देते थे। यात्रियों की इन्हीं दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए हुए कोड परिवर्तन का फैसला किया गया है।

पूर्वोत्तर रेलवे (वाराणसी मंडल) के जनसम्पर्क अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि पहली दिसम्बर से बनारस आने-जाने वाले यात्रियों को यात्री आरक्षण केंद्रों, नेशनल ट्रेन इन्क्वायरी सिस्टम (एनटीईएस) अथवा इंडियन रेलवे कैटरिंग ऐंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) की वेबसाइट से अपनी बर्थ आरक्षित कराने के लिए BSBS की जगह BNRS अंकित करना होगा।

दिलचस्प यह है कि वाराणसी शहरी क्षेत्र में मिलते-जुलते नामों से चार रेलवे स्टेशन हैं। इनमें वाराणसी कैंट व बनारस के अलावा गंगा किनारे नमो घाट से सटे काशी स्टेशन उससे दो किलोमीटर के दायरे में वाराणसी सिटी  स्टेशन भी शामिल हैं। इनमें काशी व वाराणसी सिटी के स्टेशन कोड क्रमशः KEI और BCY हैं।

संस्कृत में भी लिखा गया स्टेशन का नाम

भारतीय संस्कृति को सहेजने के लिए एनईआर के प्रमुख स्टेशन बनारस पर लगे बोर्ड पर हिन्दी, अंग्रेजी, उर्दू के साथ ही संस्कृत में ‘बनारस:’ भी लिखा गया, जो पुरातन काशी की संस्कृति का अहसास करता है। पुनर्निर्मित यह स्टेशन विश्व स्तर का है। न सिर्फ स्टेशन भवन बनारस रेलवे स्टेशन को अलग बनाता है बल्कि यहां सभी यात्री अनुकूल अत्याधुनिक सुविधाएं भी हैं।

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