बैडमिंटन एशिया चैम्पियनशिप : आयुष शेट्टी ने दोहराया इतिहास, विश्व नंबर एक वितिदसार्न को स्तब्ध कर फाइनल में पहुंचे
निंगबो (चीन), 11 अप्रैल। भारतीय बैडमिंटन इतिहास की नई सनसनी आयुष शेट्टी ने यहां बैंक ऑफ निंगबो बैडमिंटन एशिया चैम्पियनशिप में शनिवार को इतिहास दोहराया, जब वह मौजूदा चैम्पियन व विश्व नंबर एक थाई स्टार कुनलावुत वितिदसार्न को भी स्तब्ध करते हुए पुरुष एकल फाइनल में जा पहुंचे।
One word: Dominance.👊
Ayush Shetty took the bull by its horns and never let go! What a display by the youngster against the World #1👏
(Photo: @badmintonphoto ) pic.twitter.com/mqJCwvs70J
— BAI Media (@BAI_Media) April 11, 2026
दिनेश खन्ना के बाद फाइनल तक पहुंचने वाले पहले भारतीय
BWF विश्व रैंकिंग में 25वें नंबर के शटलर आयुष यहां पुरुष एकल फाइनल में पहुंचने वाले दूसरे और 1965 के बाद पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। 1965 में दिनेश खन्ना यहां खिताब जीतने वाले पहले भारतीय शटलर बने थे। खन्ना ने बाद में 1969 में कांस्य पदक जीता। उनके अलावा सुरेश गोयल (1965), प्रकाश पादुकोण (1976), पुलेला गोपीचंद (2000), अनूप श्रीधर (2007) व एचएस प्रणय (2018) भी इस चैम्पियनशिप में कांस्य पदक जीत चुके हैं।
Outplayed the WR1 & reigning champion.
Beat 3 Top 10 players.
Defeated every higher-ranked opponent. 🔥Ayush Shetty is a BAC finalist and how! pic.twitter.com/0zNJKlX0yj
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पहला गेम गंवाने के बाद शेट्टी की असाधारण वापसी
मेंगलुरु में जन्मे 20 वर्षीय शेट्टी ने निंगबो ओलंपिक स्पोर्ट्स सेंटर के कोर्ट नंबर एक पर पहला गेम गंवाने के बाद असाधारण वापसी की और एक घंटा 15 मिनट की कश्मकश के बाद पेरिस ओलम्पिक 2024 के रजत पदक विजेता वितिदसार्न को 10-21, 21-19, 21-17 से हरा दिया।
आयुष ने इस जीत के साथ ही बैडमिंटन एशिया चैम्पियनशिप में भारतीय शटलरों के पोडियम पर पहुंचने का इंतजार भी खत्म कर दिया। इससे पहले अंतिम मेडल 2023 में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की युगल टीम ने जीता था।
आयुष की अब दूसरी सीड शी यू की से होगी खिताबी टक्कर
मौजूदा अमेरिकी ओपन सुपर 300 चैम्पियन आयुष की अब रविवार को दूसरी सीड चीनी दिग्गज शी यू की से खिताबी टक्कर होगी, जिन्होंने चतुर्थ वरीय चीनी ताइपे के चोउ तिएन चेन को 21-9, 21-3 से शिकस्त दी।
भारत के पूर्व मुख्य कोच विमल कुमार ने की आयुष की तारीफ
भारत के पूर्व मुख्य कोच और सेंटर फार बैडमिंटन एक्सीलेंस (पूर्व में PPBA) के डायरेक्टर विमल कुमार ने भारतीय शटलर के पदर्शन का जिक्र करते हुए बताया, ‘आयुष ने हालात को अच्छे से संभाला। ऐसा लगा कि अपने अटैकिंग स्टाइल से वह कुनलावुत पर हावी हो गए और इसका उन्होंने समझदारी से फयदा उठाया।’
विमल कुमार ने कहा, ‘दूसरा गेम जीतना बहुत जरूरी था। 20-14 के स्कोर पर आयुष शेट्टी पूरी तरह से कंट्रोल में लग रहे थे, लेकिन जब वितिदसार्न ने वापसी करते हुए स्कोर 20-19 कर दिया, तो वह थोड़े घबरा गए। ठीक उसी समय उन्होंने कुछ ऐसा खास किया, जिससे वह गेम जीत गए। पूरे हफ्ते उन्होंने मुश्किल पलों में सही रणनीति अपनाते हुए और अपने स्मैश और क्लिप्स का समझदारी से इस्तेमाल करते हुए, जवाब देने की अपनी काबिलियत दिखाई है। उनकी यही अनुशासन काम आया।’
दूसरी मुलाकात के पहले गेम में कुनलावुत पूरी तरह हावी दिखे
वर्ष 2023 में BWF विश्व जूनियर चैम्पियनशिप में कांस्य पदक जीत चुके आयुष और कुनलावुत की यह दूसरी मुलाकात थी। पिछले वर्ष आर्कटिक ओपन में थाई शटलर ने 21-15, 21-16 से जीत हासिल की थी। वितिदसार्न निंगबो में भी उसी नतीजे को दोहराने की राह पर लग रहे थे क्योंकि उन्होंने भारतीय शटलर पर पूरी तरह से दबदबा बनाते हुए पहला गेम आसानी से जीत लिया था।
दूसरे गेम में शेट्टी ने पलट दिया पासा
हालांकि, आयुष ने पासा पलट दिया। उन्होंने अपनी डिफेंस को मजबूत किया और शुरू से ही वितिदसार्न से एक अच्छी-खासी दूरी बनाए रखी। मिड-गेम ब्रेक तक वे 11-4 से आगे थे और जल्द ही उन्होंने छह गेम अंक हासिल कर लिए। लेकिन पूर्व विश्व चैम्पियन 24 वर्षीय थाई शटलर ने लगातार पांच अंक बना लिए। आयुष ने छठी कोशिश में आखिरकार एक ‘डाउन-द-लाइन जंप स्मैश’ के साथ दूसरा गेम अपने नाम कर लिया।
निर्णायक गेम में आयुष ने मिड-गेम ब्रेक तक चार अंकों की बढ़त बना ली थी। अंततः उन्होंने अपने चार मैच अंकों में से दूसरे को भुनाते हुए शानदार जीत हासिल कर ली।
चैम्पियनशिप में अब तक का शानदार सफर
देखा जाए तो शेट्टी ने इस प्रतियोगिता में अब तक का सफर अविस्मरणीय रहा है। उन्होंने शुक्रवार को क्वार्टरफाइनल में सीधे गेमों में मिली जीत से मौजूदा विश्व नंबर चार, पूर्व चैम्पियन व तीसरी सीड इंडोनेशियाई जोनाथन क्रिस्टी को चौंकाया था। शेट्टी ने पहले दौर में विश्व नंबर सात चीनी दिग्गज लिन शी फेंग को सीधे गेमों में स्तब्ध किया था तो गुरुवार को राउंड 16 में चीनी ताइपे के 20वीं रैंकिंग वाले खिलाड़ी ची यू जेन पर भी सीधे गेमों में ही जीत हासिल की थी।
सिंधु व लक्ष्य सहित अन्य भारतीयों ने किया निराश
हालांकि टूर्नामेंट में उतरने अन्य भारतीय शटलरों ने निराश किया। दो बार की ओलम्पिक मेडलिस्ट पी.वी. सिंधु दूसरे राउंड में हार गईं जबकि मौजूदा समय देश के शीर्षस्थ पुरुष शटलर लक्ष्य सेन पहले ही राउंड में हारकर बाहर हो गए। उनके अलावा किदांबी श्रीकांत व एचएस प्रणय को भी मायूसी हाथ लगी।
