अमरावती, 27 अगस्त। आंध्र प्रदेश के पलनाडू जिले में गुरुवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसे में सात लोगों की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य घायल हो गए। मृतकों में छह महिलाएं शामिल हैं। हादसा चिलकलुरिपेट में अड्डा रोड के पास उस समय हुआ, जब विजयवाड़ा से तिरुपति जा रही एक निजी बस ने ऑटो-रिक्शा को टक्कर मार दी। पुलिस के मुताबिक, हादसे के वक्त ऑटो-रिक्शा में करीब 15 लोग सवार थे। टक्कर इतनी जोरदार थी कि सात लोगों की जान चली गई। घायलों में चार बच्चे भी शामिल हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए गुंटूर के सरकारी जनरल अस्पताल और चिलकलुरिपेट सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जन्मदिन की पार्टी से लौट रहे थे सभी लोग
पुलिस ने बताया कि हादसे का शिकार हुए लोग पलनाडू जिले के चिलकलुरिपेट मंडल के वेलुरु गांव के रहने वाले थे। वे प्रकाशम जिले के कोंडामांजुलुर में आयोजित जन्मदिन की पार्टी में शामिल होने के बाद वापस लौट रहे थे। हादसे में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल दो लोगों ने इलाज के दौरान गुंटूर के सरकारी जनरल अस्पताल में दम तोड़ दिया, जबकि एक घायल की मौत चिलकलुरिपेट सरकारी अस्पताल में हुई।
मृतकों की हुई पहचान
पुलिस के अनुसार, मृतकों की पहचान बोंटू बाबू (62), बोंटू मानेम्मा (55), संपूर्णम्मा (70), गंगम्मा (50), लक्ष्मम्मा (75), चौतुपल्ली स्वार्थम्मा (45) और मारियम्मा (45) के रूप में हुई है।
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने जताया दुख
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को घायलों को बेहतर से बेहतर इलाज उपलब्ध कराने और उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने भी हादसे पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने जिला अधिकारियों से बात कर घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
गृह मंत्री ने दिए जांच के निर्देश
राज्य की गृह मंत्री वंगालपुडी अनीता ने चिलकलुरिपेट सड़क हादसे को लेकर पलनाडू के अतिरिक्त एसपी से जानकारी ली। उन्होंने हादसे की परिस्थितियों, मृतकों और घायलों की संख्या तथा राहत एवं बचाव कार्यों की स्थिति के बारे में जानकारी हासिल की। गृह मंत्री ने अधिकारियों को घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने हादसे के सभी पहलुओं की जांच करने को कहा। इसमें दुर्घटना की वजह, बस की गति और चालक की संभावित लापरवाही की भी जांच शामिल है। अनीता ने कहा कि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए निजी वाहनों से जुड़े सड़क सुरक्षा नियमों को प्रभावी तरीके से लागू करने पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।


