लखनऊ, 9 जुलाई। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने राज्य में पर्यटन सुविधाओं को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में दिलचस्प पहल की है। इसके तहत Uttar Pradesh Tourism राजधानी लखनऊ में अत्याधुनिक डबल डेकर फूड ट्रकों का संचालन करने जा रहा है।
ये फूड ट्रक पर्यटकों को सिर्फ गुणवत्तापूर्ण खानपान ही नहीं, स्थानीय व्यंजनों, अत्याधुनिक डिजिटल तकनीक, सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा अनुभव भी प्रदान करेंगे। इससे उत्तर प्रदेश के पर्यटन स्थलों पर आगंतुकों को स्वाद, संस्कृति और तकनीक का ऐसा संगम मिलेगा, जो उनके सफर को और अधिक यादगार बनाएगा।
UPETDB करेगा डबल डेकर फूड ट्रक का संचालन – जयवीर सिंह
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘डबल डेकर फूड ट्रक का संचालन उत्तर प्रदेश इको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड (UPETDB) करेगा। इसके लिए टेंडर आमंत्रित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पहले चरण में इन अत्याधुनिक फूड ट्रकों को लखनऊ के नवाब वाजिद अली शाह प्राणी उद्यान और डॉ. राम मनोहर लोहिया पार्क में संचालित करने की योजना है।
प्रदेश के प्रमुख पर्यटन, धार्मिक व सांस्कृतिक स्थलों तक किया जाएगा विस्तार
जयवीर सिंह ने बताया कि लखनऊ के बाद पर्यटकों की जरूरत और मांग को देखते हुए इसका विस्तार प्रदेश के प्रमुख पर्यटन, धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों तक किया जाएगा। यह पहल प्रदेश में पर्यटन सुविधाओं को आधुनिक बनाने के साथ-साथ आगंतुकों को गुणवत्तापूर्ण खानपान की बेहतर व्यवस्था उपलब्ध कराएगी।
‘क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी‘ से बढ़ा मान
पर्यटन मंत्री ने बताया, “यूनेस्को की तरफ से लखनऊ को ‘क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी’ का दर्जा मिलने के बाद हमारी जिम्मेदारी और बढ़ गई है। इसी सोच के अनुरूप फूड ट्रकों के मेन्यू में प्रदेश के स्थानीय और पारंपरिक व्यंजनों को प्रमुखता दी जाएगी। ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजीन’ की अवधारणा के माध्यम से क्षेत्र विशेष के विशिष्ट व्यंजन को पर्यटकों तक पहुंचाया जाएगा। हमारा प्रयास है कि पर्यटकों को कम समय में ताजा, पौष्टिक और स्वच्छ भोजन उपलब्ध हो, जिससे उत्तर प्रदेश का पर्यटन अनुभव स्वाद, संस्कृति और गुणवत्ता यादगार बन सके।”
डबल डेकर फूड ट्रक की विशेषताएं
योजना के तहत चयनित एजेंसी को डबल डेकर फूड ट्रक की डिजाइनिंग, संचालन और रखरखाव की पूरी जिम्मेदारी होगी। फूड ट्रक अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा, जिससे यह पर्यटन का नया आकर्षण बन सके। यह पूरी तरह मोटर चालित, आधुनिक और सभी वैधानिक मानकों के अनुरूप होगा. वहीं, उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग और उत्तर प्रदेश ईको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड संचार के विभिन्न माध्यमों से प्रचार-प्रसार में मदद करेगा।
डिजिटल और पारदर्शी रहेगी पूरी व्यवस्था
पूरी व्यवस्था को डिजिटल और पारदर्शी बनाया जाएगा। सभी बिक्री केवल डिजिटल पीओएस प्रणाली के माध्यम से होगी। एआई आधारित सीसीटीवी निगरानी, यूपीआई और कार्ड भुगतान, क्यूआर कोड आधारित ग्राहक फीडबैक और डिजिटल मॉनिटरिंग व्यवस्था अनिवार्य होगी। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और सेवा गुणवत्ता पर लगातार नजर रखी जा सकेगी।
फूड ट्रक की संरचना भी इसे खास बनाएगी
डबल डेकर फूड ट्रक की संरचना भी इसे खास बनाएगी। इसकी छत पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे, जिससे ऊर्जा की खपत कम होगी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। ट्रक का ऊपरी हिस्सा पर्यटकों के लिए अत्याधुनिक अनुभव केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां एआर और वीआर तकनीक के माध्यम से उत्तर प्रदेश की ऐतिहासिक धरोहर, पर्यटन स्थलों और जैव विविधता का डिजिटल अनुभव मिलेगा. बिना हेडफोन के इमर्सिव ऑडियो, एलईडी आधारित डिजिटल हेरिटेज गैलरी और आरामदायक ईको डाइनिंग लाउंज इसकी विशेषता होगी।
डिजिटल मेन्यू सहित अन्य आकर्षण
फूड ट्रक के निचले हिस्से को पूरी तरह आधुनिक व्यावसायिक रसोई के रूप में विकसित किया जाएगा। इसमें ऊर्जा उपकरणों से सुसज्जित किचन, ऑर्डर सुविधा और पिकअप काउंटर, स्मार्ट स्टोरेज, स्वच्छता का विशेष ख्याल रखा जाएगा। ट्रक के बाहरी हिस्से पर बड़े एलईडी डिस्प्ले लगाया जाना प्रस्तावित है, जिन पर उत्तर प्रदेश पर्यटन के प्रचार, डिजिटल मेन्यू और जन जागरूकता संबंधी संदेश प्रसारित किए जाएंगे।
पत्तल-बांस-मिट्टी के बर्तनों में खाने की पैकेजिंग
पर्यावरण संरक्षण इस परियोजना की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल है। फूड ट्रक के निर्माण में टिकाऊ, अग्निरोधक और पर्यावरण अनुकूल सामग्री का उपयोग किया जाएगा. सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। खाद्य सामग्री की पैकेजिंग के लिए पत्तल, बांस, मिट्टी या अन्य बायोडिग्रेडेबल सामग्री का इस्तेमाल किया जाएगा। जल संरक्षण के लिए जीरो लिक्विड डिस्चार्ज नीति लागू होगी। फूड ट्रक के चारों ओर 25 मीटर क्षेत्र को प्रतिदिन साफ रखा जाएगा।

