नई दिल्ली, तीन नवम्बर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को पुणे मेट्रो की पिंक लाइन का उद्घाटन किया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘त्योहारों की खुशियां तब और बढ़ जाती हैं, जब जीवन में कोई नई सुविधा जुड़ती है। आज पुणेवासियों के लिए ऐसा ही सुखद अवसर है। मुझे खुशी है कि आज पुणे मेट्रो की एक और लाइन का लोकार्पण हो रहा है।’

हिंजवड़ी आईटी हब को मिली बेहतर कनेक्टिविटी
पीएम मोदी ने याद दिलाया कि 10 वर्ष पहले उन्होंने पुणे मेट्रो के पहले चरण का शिलान्यास किया था। अब हिंजवड़ी से शिवाजीनगर के बीच मेट्रो शुरू होने से शहर के बड़े आईटी हब को मजबूत कनेक्टिविटी मिलेगी। नई लाइन से पुणे के पुराने और नए इलाकों के बीच जुड़ाव और बेहतर होगा। उन्होंने पुणे और महाराष्ट्र के सभी लोगों को बधाई दी।
पुणे बनेगा विकसित भारत की नई ऊर्जा का केंद्र
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पुणे हमेशा से ऐसे विचारों का केंद्र रहा है, जिन्होंने राष्ट्र और समाज को नई दिशा दी है। आज यह शहर विकसित भारत की नई ऊर्जा को भी दिशा दे रहा है। आईटी, ऑटोमोबाइल, फार्मा, स्टार्टअप्स, इनोवेशन और मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में पुणे युवाओं के सपनों और संकल्प का स्थान है। मजबूत होती मेट्रो कनेक्टिविटी शहर के विकास को नई रफ्तार देगी।
शहरों की नई पहचान : कॉम्पिटिटिवनेस और ईज ऑफ लिविंग
पीएम मोदी ने बताया कि पहले शहरों की पहचान उनके उद्योगों, खान-पान या फसलों से होती थी। अब दो नई कसौटियां जुड़ गई हैं – शहर कितना कॉम्पिटिटिव है और वहां ईज ऑफ लिविंग का स्तर क्या है। मेट्रो प्रोजेक्ट इन दोनों मोर्चों पर शहर को मजबूत बनाता है। समय बचने से उत्पादकता बढ़ती है, अर्थव्यवस्था को गति मिलती है और गरीब व मध्यम वर्ग दोनों को फायदा होता है। उन्होंने इसे प्रो-पीपुल, प्रो-एक्टिव और गुड गवर्नेंस का उदाहरण बताया।
2014 से पहले सिर्फ पांच शहरों में थी मेट्रो
प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 तक देश में महज पांच शहरों में मेट्रो सेवा थी। पुरानी सोच और कार्य संस्कृति से पुणे में मेट्रो पहुंचने में कई दशक और लग जाते। 2014 में एनडीए सरकार आने के बाद संकल्प लिया गया कि मिडिल क्लास की ईज ऑफ लिविंग और ईज ऑफ ट्रांसपोर्टेशन सुधारी जाए। पिछले 12 वर्षों में मेट्रो ट्रांसपोर्ट का पूरा कायाकल्प हो चुका है।
भारतीय मेट्रो नेटवर्क अब दुनिया के टॉप-3 में
पीएम मोदी ने बताया कि अब रोजाना एक करोड़ से ज्यादा लोग मेट्रो से यात्रा करते हैं। भारतीय मेट्रो नेटवर्क दुनिया के शीर्ष तीन मेट्रो नेटवर्क में शामिल हो गया है। विकसित भारत के निर्माण में देश के हर नागरिक का आत्मविश्वास झलक रहा है। बीते 12 वर्षों में गांव की सड़कों, हाईवे, एक्सप्रेसवे, रेलवे विद्युतीकरण, सुरंगों और पुलों जैसे अनेक बड़े प्रकल्प साकार हुए हैं।


