नई दिल्ली, 18 अक्टूबर। दक्षिण कोरिया के प्रसिद्ध अर्थशास्त्री क्युंघून किम ने रविवार को कहा कि पिछले एक दशक में भारत ने उल्लेखनीय आर्थिक प्रगति की है, जो सराहनीय है। उनके अनुसार, देश की निरंतर मजबूत आर्थिक वृद्धि और बेहतर होती आर्थिक स्थिति भविष्य के प्रति आशावाद का आधार प्रदान करती हैं।
क्युंघून किम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में किम ने कहा कि भारत के सामने अब भी कई चुनौतियां हैं, लेकिन तेजी से आर्थिक विकास करने की उसकी क्षमता और मध्यम अवधि में मजबूत वृद्धि की संभावनाएं महत्वपूर्ण उपलब्धियां हैं।
1.4 अरब की आबादी वाले देश के लिए यह उपलब्धि बेहद महत्वपूर्ण
उन्होंने कहा, ‘मेरा निष्कर्ष अब भी वही है। भारत के सामने कई चुनौतियां हैं, लेकिन विशेष रूप से पिछले एक दशक में देश ने जो आर्थिक प्रगति की है और मध्यम अवधि में विकास की जो सकारात्मक संभावनाएं हैं, वे सराहना के योग्य हैं। 1.4 अरब की आबादी वाले देश के लिए यह उपलब्धि बेहद महत्वपूर्ण है।’
My post on India’s medium-term growth prospects drew considerable attention, with some comments along the lines of “but India is still poor.”
A more useful question is whether living standards are rising rapidly and whether India is CATCHING UP.
Let’s look at the data. (1/n)
— Kyunghoon Kim (@Kyunghoon_Kim_) October 18, 2026
किम की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब एक दिन पहले उन्होंने भारत की मजबूत आर्थिक विकास यात्रा का उल्लेख किया था। उन्होंने कहा था कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF), एशियाई विकास बैंक (ADB) और विश्व बैंक सहित लगभग सभी प्रमुख वैश्विक संस्थानों ने चालू वर्ष और अगले वर्ष के लिए भारत की आर्थिक विकास दर के अनुमान को बढ़ाकर सात प्रतिशत से अधिक कर दिया है।
कोविड-19 महामारी के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय मजबूती
अर्थशास्त्री किम के अनुसार, कोविड-19 महामारी के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था ने उल्लेखनीय मजबूती दिखाई है। महामारी के दौरान अर्थव्यवस्था में 5.8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी, लेकिन 2021 में इसमें 9.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इसके बाद अगले चार वर्षों तक विकास दर 7 प्रतिशत से ऊपर बनी रही। किम ने कहा कि लगातार बेहतर जीडीपी आंकड़ों के कारण उन्हें और कई अन्य अर्थशास्त्रियों को अपने विकास अनुमानों में बार-बार बढ़ोतरी करनी पड़ी।
Kyunghoon Kim, the head of the India and South Asia Team at the Korea Institute for International Economic Policy told ETV Bharat that the new division within the ministry demonstrated “Korea’s strong commitment to strengthening its partnership with India”.
He noted that at the April 2026 summit, the two countries agreed to establish an Industrial Cooperation Committee, resume negotiations to upgrade the Comprehensive Economic Partnership Agreement (CEPA) signed in 2010, and expand cooperation in strategic industries.
“The new division is expected to oversee bilateral industrial cooperation and help ensure that these agreements and initiatives translate into concrete action.”
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The proposed Korean enclave is aimed at facilitating the entry of Korean firms into India. The key challenge for companies is a “lack of experience and network in India especially for Korean SMEs,” said Kimhttps://t.co/dFgVWaP0fV
— Kyunghoon Kim (@Kyunghoon_Kim_) October 15, 2026
भारत ने लगातार 5 वर्षों तक दर्ज की 7% से अधिक की विकास दर
उन्होंने कहा कि इसके परिणामस्वरूप भारत ने लगातार पांच वर्षों तक 7 प्रतिशत से अधिक की विकास दर दर्ज की है। यह प्रदर्शन 2003 से 2007 के उस दौर के बराबर है, जब भारत पहली बार दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हुआ था।
किम ने यह भी कहा कि वर्ष 2021 से 2025 के दौरान 7.83 प्रतिशत की औसत वार्षिक विकास दर 1960 के बाद किसी भी पांच वर्षीय अवधि की दूसरी सबसे ऊंची औसत वृद्धि दर है। इससे अधिक केवल 2003 से 2007 के दौरान 7.89 प्रतिशत की औसत वृद्धि दर रही थी।
दो दशक पहले की तुलना में आज बिल्कुल अलग आर्थिक स्तर पर खड़ा है भारत
भारत की अर्थव्यवस्था के बढ़ते आकार का उल्लेख करते हुए किम ने कहा कि आज का भारत दो दशक पहले की तुलना में बिल्कुल अलग आर्थिक स्तर पर खड़ा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2007 में भारत की अर्थव्यवस्था का आकार एक ट्रिलियन डॉलर से थोड़ा अधिक था, जबकि अब यह चार ट्रिलियन डॉलर के करीब पहुंच रही है। ऐसे में समान विकास दर का अर्थ अब कहीं अधिक बड़े पैमाने पर आर्थिक विस्तार और मूल्य सृजन से है।


