कोलकाता, 18 अक्टूबर। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दुर्गा पूजा के दौरान हुए भीषण भगदड़ हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया है। उत्तर कोलकाता के मुक्ताराम बाबू स्ट्रीट स्थित प्रसिद्ध चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई इस त्रासदी में कम से कम 19 लोगों की मौत की खबर है, जबकि बड़ी संख्या में श्रद्धालु घायल हुए हैं। हादसे के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पूजा समिति के पदाधिकारियों, भीड़ नियंत्रण में लगे कर्मियों और निजी सुरक्षाकर्मियों समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मामले में स्वतः संज्ञान लेकर मुकदमा दर्ज किया है। वहीं, घटनास्थल पर फोरेंसिक टीम पहुंचकर हादसे से जुड़े साक्ष्य जुटा रही है।
चोरबागान पंडाल में कैसे मची भगदड़?
जानकारी के मुताबिक, महासप्तमी की शाम मां दुर्गा के दर्शन के लिए पंडाल में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। इसी दौरान तेज बारिश के कारण स्थिति बिगड़ गई। बताया जा रहा है कि बारिश से बचने के लिए बड़ी संख्या में लोग पंडाल के भीतर जाने लगे, जिससे प्रवेश और निकास मार्गों पर भीड़ का दबाव बढ़ गया। इसी बीच पंडाल के प्रवेश द्वार के पास बने ढांचे का एक हिस्सा ढहने की खबर सामने आई, जिसके बाद वहां अफरा-तफरी मच गई। भीड़ के अनियंत्रित होने से कई श्रद्धालु गिर पड़े और दूसरे लोग भी उनकी चपेट में आ गए। हादसे के बाद स्थानीय लोगों और स्वयंसेवकों ने घायलों को निकालने में मदद की। घायलों को कलकत्ता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल समेत अन्य चिकित्सा केंद्रों में पहुंचाया गया।
पूजा समिति के पदाधिकारियों समेत सात गिरफ्तार
कोलकाता पुलिस ने इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में पूजा समिति के सचिव राजकुमार सेवदा, उपाध्यक्ष शांतनु दुबे, बांस के ढांचे के निर्माण से जुड़े बिप्लब मुखर्जी उर्फ जॉय, भीड़ नियंत्रण के लिए तैनात कौशिक साहा और पिंटू तथा निजी सुरक्षा प्रभारी सुमन चक्रवर्ती और राजेश पाल शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, कुछ अन्य लोगों को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि पंडाल में भीड़ प्रबंधन, प्रवेश और निकास व्यवस्था तथा सुरक्षा इंतजामों में कहां चूक हुई। रविवार को फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए।
मुख्यमंत्री ने किया घटनास्थल का दौरा, मुआवजे का ऐलान
हादसे के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कलकत्ता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचकर मृतकों और घायलों के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने देर रात घटनास्थल का भी दौरा किया और अधिकारियों तथा आयोजकों से बातचीत कर स्थिति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने मृतकों के प्रत्येक परिवार को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है। साथ ही, मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने का ऐलान किया गया है, ताकि हादसे के कारणों और संभावित लापरवाही की पड़ताल की जा सके।
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने जताया दुख
कोलकाता में हुए इस हादसे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है। प्रधानमंत्री ने भगदड़ में जान गंवाने वालों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।
हादसे के बाद पंडालों की सुरक्षा पर सवाल
इस घटना के बाद कोलकाता के दुर्गा पूजा पंडालों में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हादसे के बाद प्रभावित पंडाल को बंद कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने की खबर है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि भारी भीड़ के बीच पर्याप्त निकासी मार्ग, सुरक्षा कर्मियों की तैनाती और आपातकालीन इंतजाम मौजूद थे या नहीं। दुर्गा पूजा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पंडालों में दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में इस हादसे ने भीड़ नियंत्रण, प्रवेश-निकास व्यवस्था और आपातकालीन प्रतिक्रिया की तैयारियों को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।


