अहमदाबाद, 12 अक्टूबर। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में पुलिस उपाधीक्षक (DSP) बनकर लोगों को ठगने के आरोप में अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने पंजाब के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी लोगों को एयरपोर्ट पर नौकरी दिलाने, दुबई से सस्ते आईफोन, सेना की कैंटीन से रियायती सामान और कश्मीर से कम कीमत पर अखरोट व केरोसिन उपलब्ध कराने का लालच देकर रुपये वसूलता था। पुलिस ने उसके पास से फर्जी CISF पहचान पत्र समेत कई दस्तावेज और अन्य सामान बरामद किए हैं।
क्राइम ब्रांच के मुताबिक, आरोपी की पहचान पंजाब के मालेरकोटला शहर के जमालपुरा निवासी आजमा ए सिकंदर मोहम्मद अख्तर कंबोज के रूप में हुई है। उसे 10 अक्टूबर को गुजरात के अहमदाबाद में सरदार बाग के पीछे पालिका बाजार के प्रवेश द्वार के पास से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के समय आरोपी पुलिस बल की टी-शर्ट पहने था और खुद को CISF में DSP रैंक का अधिकारी बता रहा था।
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फर्जी पहचान पत्र दिखाकर जीतता था लोगों का भरोसा
पुलिस ने आरोपी के पास से एक जाली पहचान पत्र बरामद किया है, जिसमें उसे भारत सरकार के CISF विभाग में DSP के रूप में दर्शाया गया था। आरोप है कि वह इसी पहचान का इस्तेमाल कर लोगों का विश्वास जीतता था और फिर उन्हें सस्ते सामान व नौकरी दिलाने का झांसा देकर पैसे वसूलता था।
इस मामले में करंज पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 204 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों और संबंधित शिकायतों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि की जा रही है।
- सस्ते आईफोन और कैंटीन के सामान का देता था लालच
जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी कश्मीर से कम कीमत पर अखरोट और केरोसिन, सेना की कैंटीन से रियायती सामान तथा दुबई से सस्ते आईफोन उपलब्ध कराने का दावा करता था। इसके अलावा वह एयरपोर्ट पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर भी लोगों से रुपये लेता था।
क्राइम ब्रांच के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि वह कुछ लोगों को वादा किया गया सामान उपलब्ध नहीं करा सका और उनसे मिले रुपये अपने निजी खर्चों में इस्तेमाल कर लिए। पुलिस के अनुसार, भुगतान नकद और ऑनलाइन बैंक ट्रांसफर के जरिए प्राप्त किए गए थे।
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दूसरे लोगों के बैंक खातों का भी इस्तेमाल
जांचकर्ताओं को पता चला कि कथित ठगी की रकम हासिल करने के लिए अन्य व्यक्तियों, एक ट्रैवल एजेंसी और एक पेट्रोल पंप के बैंक खातों का भी इस्तेमाल किया गया। पुलिस अब इन खातों और संबंधित लेन-देन की जांच कर रही है। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि इस मामले में अन्य लोग भी शामिल थे या नहीं और आरोपी ने कुल कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया।
- जम्मू-कश्मीर में भी वांछित होने का दावा
क्राइम ब्रांच के अनुसार, आरोपी जम्मू-कश्मीर के माजगांव पुलिस स्टेशन में दर्ज धोखाधड़ी और चोरी के एक मामले में भी वांछित था। यह मामला भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 420, 380 और 201 के तहत दर्ज बताया गया है। पुलिस ने इसे माजगांव न्यायालय के केस नंबर 08/2022 से संबंधित बताया है।
- 11,120 रुपये का सामान जब्त
पुलिस ने आरोपी के पास से फर्जी CISF पहचान पत्र, पैन कार्ड, आधार कार्ड, 1,120 रुपये नकद और करीब 10,000 रुपये कीमत का मोबाइल फोन जब्त किया है। जब्त सामान का कुल मूल्य 11,120 रुपये बताया गया है। आधार कार्ड से संबंधित निजी विवरण गोपनीय रखे गए हैं।
फिलहाल पुलिस आरोपी के कथित ठगी नेटवर्क, वित्तीय लेन-देन और दूसरे राज्यों में उसके खिलाफ दर्ज शिकायतों या मामलों की जानकारी जुटा रही है। जांच के बाद ही ठगी की कुल रकम और प्रभावित लोगों की संख्या स्पष्ट हो सकेगी।


