IDBI बैंक के नए खरीदार प्रेम वत्स ने दूर की कर्मचारियों की आशंका, बोले- नहीं जाएगी किसी की नौकरी

नई दिल्ली, 16 अक्टूबर। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने जहां इस वर्ष भारतीय बाजार में धुआंधार बिकवाली की है वहीं लेकिन भारत में जन्मे कनाडाई अरबपति प्रेम वत्स ने भारत में बड़ा दांव लगाया है। उनकी फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स से जुड़ी कम्पनी ‘कनाडा इंक’ ने IDBI बैंक में 60.7% हिस्सेदारी खरीदने की बोली जीती है। यह भारत में वित्तीय सेक्टर में अब तक का सबसे बड़ा एफडीआई निवेश है।

प्रेम वत्स ने कहा कि भारत में अगले 10 वर्षों में बहुत बड़े पैमाने पर आर्थिक तेजी देखने को मिलेगी। उन्होंने साथ ही साफ किया है कि किसी भी कर्मचारी को नौकरी से नहीं निकाला जाएगा। यह उनके ग्रुप का अब तक का सबसे बड़ा अधिग्रहण है।

कर्मचारियों की सेवा शर्तें और अन्य लाभ पहले की तरह ही बने रहेंगे

इस अधिग्रहण के बाद बैंक के कर्मचारी अपने भविष्य को लेकर आशंकित हैं, लेकिन वत्स ने ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि कर्मचारियों की सेवा शर्तें और अन्य लाभ पहले की तरह ही बने रहेंगे। उन्होंने कहा, ‘हमने कभी भी अपने 5% या 10% कर्मचारियों को नौकरी से नहीं निकाला है। हम उनके साथ मिलकर काम करेंगे और हमारे सामने विकास के बड़े अवसर हैं। इसके लिए हमें और लोगों की जरूरत होगी। कोविड के दौरान भी हमने किसी लाभ या बोनस में कोई कटौती नहीं की और उस समय एक भी कर्मचारी को नौकरी से नहीं निकाला गया।’

IDBI बैंक के लिए योजना

यह पूछने पर कि IDBI बैंक के लिए उनकी क्या योजनाएं हैं, वत्स ने कहा, “हमारे पास ‘गो डिजिट’ के जरिए प्रॉपर्टी इंश्योरेंस और लाइफ इंश्योरेंस की सुविधा है, जो अब IDBI बैंक के साथ जुड़ जाएगी। इसके अलावा, IIFL के पास मौजूद वेल्थ मैनेजमेंट और इन्वेस्टमेंट बैंकिंग की सेवाएं भी इसमें शामिल होंगी। बैंक की 2,000 शाखाएं हैं, लेकिन कुछ चुनौतियों के कारण इसका बहुत ज्यादा विस्तार नहीं हो पाया। अब उन सभी चुनौतियों से निबट लिया गया है।”

वत्स का मानना ​​है कि भारत एक बेहतरीन जगह है। भारत 2047 तक विकसित देश बनने और 30 ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी का विजन लेकर चल रहा है। साफ है कि भारतीय अर्थव्यवस्था बहुत अच्छा प्रदर्शन करने वाली है। अगले दो दशक भारत के लिए बहुत बड़े साबित होने वाले हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और और कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल कई देशों के साथ व्यापार समझौते करने के लिए बातचीत कर रहे हैं।

दुनिया की निगाहें भारत पर

कनाडाई बिजनेसमैन ने कहा कि आप भारत में सामान बना सकते हैं और उसे पूरी दुनिया में बेच सकते हैं। भारत में बहुत प्रतिभाशाली लोग हैं, यहां के इंजीनियर बहुत अच्छे हैं। दुनिया भर की बड़ी कम्पनियों का नेतृत्व कई भारतीय CEO कर रहे हैं। अमेरिका, कनाडा, यूरोप, जापान और पूरी दुनिया से भारत में भारी मात्रा में निवेश आने वाला है। यह सबके लिए एक शानदार दौर होगा, जिसमें रोजगार के बड़े अवसर पैदा होंगे। इससे बैंकिंग सिस्टम को भी फायदा होगा। चीन ने 2000 से 2010 के बीच ऐसा ही दौर देखा था। भारत भी अब उसी स्तर पर है। अब पूरी दुनिया की निगाहें भारत पर होंगी।

यह पूछने पर कि किया कनाडा में भी बैंक की ब्रांच खुलेगी, वत्स ने कहा, ‘नहीं। मेरा पूरा ध्यान सबसे पहले भारत पर होगा। यहां 1.5 अरब लोगों का बहुत बड़ा बाजार है। भारत में लगभग 30 करोड़ लोग मिडिल क्लास से आते हैं, और अगले 10 वर्षों में इनकी संख्या दोगुनी होने की उम्मीद है। इससे बैंकिंग खातों और इंश्योरेंस जैसी सभी सेवाओं की भारी मांग होगी। बैंकिंग किसी भी अर्थव्यवस्था की लाइफलाइन होती है।

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