नई दिल्ली, 10 अक्टूबर। कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने यूट्यूबर एवं कार्यकर्ता ध्रुव राठी को शनिवार को गुरुग्राम स्थित उनके आवास से हिरासत में लिए जाने की कड़ी निंदा की और अपने ‘जंतर-मंतर 2.0’ प्रदर्शन की शुरुआत करने की घोषणा की। संगठन ने राठी और जंतर-मंतर प्रदर्शन स्थल पहुंचने की कोशिश के दौरान हिरासत में लिए गए सैकड़ों अन्य युवाओं को तत्काल रिहा करने की मांग की।
कॉजपा ने एक बयान में इस हिरासत को ”मतदाता सूची में गड़बड़ी के खिलाफ लोकतांत्रिक असंतोष को कुचलने के लिए सरकार द्वारा राष्ट्रीय राजधानी में चलाए जा रहे व्यापक दमनकारी अभियान” का हिस्सा बताया। संगठन ने कहा, ”कॉजपा राठी और हिरासत में लिए गए सैकड़ों अन्य नागरिकों तथा छात्र कार्यकर्ताओं की तत्काल और बिना शर्त रिहाई की मांग करती है।”
कॉजपा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ”जंतर-मंतर 2.0 की शुरुआत हो चुकी है। ज्ञानेश कुमार, वोटों की चोरी में मदद करने का आपका दौर अब खत्म हो गया है।” यह संगठन ऑनलाइन माध्यम से उभरा था और कुछ सप्ताह पहले तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग से जुड़े घटनाक्रम में इसकी अहम भूमिका रही थी।
कॉजपा ने प्रदर्शनकारियों के लिए 12 सूत्रीय दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इनमें शांतिपूर्ण व्यवहार करने, उकसावे से बचने और कानून के निर्देशों का पालन करने पर जोर दिया गया है। दिशा-निर्देशों में कहा गया है, ”हर समय शांति बनाए रखें। किसी भी तरह के उकसावे के बावजूद हिंसा, टकराव, धमकी या डराने-धमकाने जैसी गतिविधियों में शामिल न हों।”
प्रदर्शनकारियों से सार्वजनिक या निजी संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाने, पथराव और आगजनी से दूर रहने तथा अवरोधक लांघने की कोशिश नहीं करने को कहा गया है। आंदोलनकारियों से यह भी आग्रह किया गया है कि वे अपने साथ लाठियां, पत्थर या ज्वलनशील पदार्थ न रखें और एंबुलेंस, दमकल वाहनों तथा अन्य आपातकालीन सेवाओं के वाहनों के लिए रास्ता खुला रखें।
संगठन ने प्रदर्शनकारियों को सांप्रदायिक गाली-गलौज, घृणा फैलाने वाली भाषा और अधिकारियों, पुलिसकर्मियों, पत्रकारों या आम लोगों पर व्यक्तिगत हमले करने के प्रति आगाह किया है। कॉजपा ने उनसे ऐसे अपुष्ट दावों, भ्रामक वीडियो या अफवाहों को प्रसारित नहीं करने का भी आग्रह किया, जिनसे दहशत या शत्रुता फैल सकती है। कॉजपा ने कहा, ”कानूनी निर्देशों का पालन करें और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें। पुलिस से बातचीत करते समय शांत रहें और शारीरिक रूप से विरोध न करें। यदि हिरासत में लिया जाता है, तो उसका कारण पूछें और कानूनी सहायता लें।”


