नई दिल्ली। शारदीय नवरात्रि के तीसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा की वंदना की। मंगलवार को पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा कर देशवासियों के सुख, शांति, सौभाग्य और सफलता की कामना की। इसके साथ ही उन्होंने देवी दुर्गा को समर्पित भजन ‘छोट्टानिक्कारा भगवती’ का यूट्यूब लिंक भी साझा किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी पोस्ट में लिखा, “नवरात्रि में आज साहस, शांति और दिव्य शक्ति की देवी मां चंद्रघंटा की करबद्ध वंदना! उनकी कृपा से सबका कल्याण हो। सभी का जीवन सुख-सौभाग्य एवं सफलता से सदैव परिपूर्ण रहे, यही मंगलकामना है।”
मां चंद्रघंटा की पूजा का विशेष महत्व
नवरात्रि के तीसरे दिन मां दुर्गा के चंद्रघंटा स्वरूप की पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां चंद्रघंटा साहस, शौर्य, शांति और दिव्य शक्ति की प्रतीक हैं। उनके मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र सुशोभित है, इसी कारण उन्हें मां चंद्रघंटा कहा जाता है। माता के दस हाथ बताए गए हैं, जिनमें विभिन्न अस्त्र-शस्त्र सुशोभित रहते हैं। उनका वाहन सिंह है। मान्यता है कि मां चंद्रघंटा की आराधना से भक्तों में साहस और आत्मविश्वास बढ़ता है तथा नकारात्मक शक्तियों से रक्षा होती है।
मां चंद्रघंटा को क्या चढ़ाएं?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां चंद्रघंटा की पूजा में लाल, सफेद, पीले या सुनहरे रंग के वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है। माता को लाल फूल, विशेषकर गुड़हल का फूल अर्पित किया जाता है। इसके अलावा दूध, खीर और दूध से बनी मिठाइयों का भोग लगाने की परंपरा है।
मां चंद्रघंटा का मंत्र और हिंदी अर्थ
नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा के दौरान उनके मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है।
मंत्र:
“पिण्डजप्रवरारूढा चण्डकोपास्त्रकैर्युता।
प्रसादं तनुते मह्यं चन्द्रघण्टेति विश्रुता॥”
हिंदी भावार्थ: सिंह पर सवार, अस्त्र-शस्त्र धारण करने वाली और चंद्रघंटा के नाम से प्रसिद्ध मां दुर्गा मुझ पर अपनी कृपा और आशीर्वाद बरसाएं। नवरात्र के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की आराधना कर भक्त सुख, शांति, समृद्धि और साहस की कामना करते हैं।


