BIMSTEC देशों ने अपनाया दिल्ली घोषणापत्र : आतंकवाद, ड्रग तस्करी और साइबर अपराध पर सख्ती

नई दिल्ली, 13 अक्टूबर। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में बंगाल की खाड़ी बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग पहल (BIMSTEC) गृह मंत्रियों की पहली बैठक आयोजित हुई। बैठक में बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा, विश्वास और सहयोग मजबूत करने के साथ सीमा-पार आतंकवाद, संगठित अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी, मानव तस्करी और साइबर अपराध से मिलकर निबटने पर जोर दिया गया।

सदस्य देशों ने सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने के लिए दिल्ली घोषणापत्र अपनाया और मानव तस्करी, मादक पदार्थों पर नियंत्रण, अवैध वित्तीय प्रवाह तथा आपदा प्रबंधन से जुड़ी पहलों को मंजूरी दी। अमित शाह ने कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर चलता है और क्षेत्र के किसी भी हिस्से में आतंकवादी नेटवर्क को आश्रय, भर्ती, प्रशिक्षण या वित्तीय संसाधन जुटाने की गुंजाइश नहीं मिलनी चाहिए।

पहली गृह मंत्री स्तरीय बैठक की मेजबानी भारत के लिए गौरव की बात

अमित शाह ने कहा कि BIMSTEC गृह मंत्रियों की पहली बैठक की मेजबानी करना भारत के लिए गौरव और सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि BIMSTEC क्षेत्रीय एकीकरण, आर्थिक सहयोग और सामूहिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण मंच बन गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ‘विश्वमित्र’ की भावना के साथ आगे बढ़ रहा है और शांति, सह-अस्तित्व तथा मानव कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।

BIMSTEC को समावेशी विकास और सुरक्षा का मॉडल बनाने पर जोर

शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चार अप्रैल, 2025 को बैंकॉक में आयोजित छठे BIMSTEC शिखर सम्मेलन में दिए गए संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि BIMSTEC केवल एक क्षेत्रीय संगठन नहीं बल्कि समावेशी विकास और सुरक्षा का मॉडल है। उन्होंने कहा कि गृह मंत्रियों की जिम्मेदारी है कि वे इस दृष्टिकोण को व्यावहारिक सहयोग में बदलें, ताकि सदस्य देशों के नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो और संबंधित एजेंसियों की क्षमता मजबूत हो।

आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस, साझा काररवाई जरूरी

केंद्रीय गृह मंत्री ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस नीति दोहराते हुए सीमा-पार आतंकवाद, संगठित अपराध, नशीले पदार्थों की तस्करी, मानव तस्करी और साइबर खतरों से निबटने के लिए सदस्य देशों के बीच बेहतर तालमेल का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि आतंकवादियों और अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए समय पर खुफिया जानकारी साझा करना, वित्तीय जांच, पारस्परिक कानूनी सहायता और प्रत्यर्पण बेहद जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के किसी भी हिस्से में आतंकवादी नेटवर्क को आश्रय देने, भर्ती करने, प्रशिक्षण देने, संसाधन जुटाने या पड़ोसी देशों के खिलाफ गतिविधियां चलाने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए।

सहयोग के पांच प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान

अमित शाह ने BIMSTEC देशों के बीच सहयोग के पांच अहम क्षेत्रों को रेखांकित किया। इनमें मादक पदार्थों पर नियंत्रण, आतंकवाद-रोधी काररवाई और कानूनी सहयोग, फरार अपराधियों की वापसी, साइबर सुरक्षा एवं साइबर अपराध की जांच और संस्थागत सहयोग तथा क्षमता निर्माण शामिल हैं। उन्होंने अवैध वित्तीय लेन-देन और आतंकवादी वित्तपोषण से निबटने के लिए क्षेत्रीय स्तर पर समन्वित रणनीति अपनाने तथा कानून प्रवर्तन, खुफिया और सीमा प्रबंधन एजेंसियों के बीच सहयोग मजबूत करने पर जोर दिया।

‘ड्रग ट्रैफिकिंग डेथ ट्रैफिकिंग’, युवाओं के भविष्य पर हमला

गृह मंत्री ने मादक पदार्थों की तस्करी को ‘डेथ ट्रैफिकिंग’ बताते हुए कहा कि इस अवैध कारोबार में कुछ भी ‘गोल्डन’ नहीं है। उन्होंने कहा कि यह केवल नशे का व्यापार नहीं, बल्कि युवाओं के जीवन, समाज, संस्कृति और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य पर हमला है।

अमित शाह ने कहा कि इस समस्या से निबटने के लिए पूरे क्षेत्र को मिलकर काम करना होगा। नशीले पदार्थों से होने वाली अवैध कमाई संगठित अपराध को आर्थिक ताकत देती है और आतंकवादी गतिविधियों के वित्तपोषण में भी इस्तेमाल हो सकती है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती रसायनों का अवैध इस्तेमाल और डार्क वेब के जरिए होने वाले लेन-देन इस चुनौती को और जटिल बनाते हैं।

आपदा प्रबंधन के लिए जामनगर में प्रस्तावित केंद्र

शाह ने BIMSTEC क्षेत्र में आपदा प्रबंधन सहयोग को भारत की प्राथमिकताओं में शामिल बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छठे BIMSTEC शिखर सम्मेलन में भारत में आपदा प्रबंधन केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव रखा था। उन्होंने बताया कि इस केंद्र को गुजरात के जामनगर में स्थापित करने की योजना है। यह केंद्र बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में प्राकृतिक आपदाओं से निबटने की तैयारी और समन्वय मजबूत करने में मदद करेगा। अमित शाह ने सदस्य देशों से केंद्र को कार्यशील बनाने में सक्रिय भागीदारी का आग्रह किया और आपदा के समय प्रथम प्रतिक्रिया देने वाले देश के रूप में भारत की भूमिका को रेखांकित किया।

मानव तस्करी रोकने के लिए BIMSTEC कन्वेंशन को मंजूरी

बैठक में BIMSTEC सदस्य देशों के गृह मंत्रियों ने मानव तस्करी के खिलाफ कन्वेंशन को मंजूरी दी। इसका उद्देश्य मानव तस्करी की रोकथाम, अपराधियों के खिलाफ काररवाई तथा पीड़ितों के संरक्षण और पुनर्वास के लिए सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाना है। बैठक में ऑनलाइन धोखाधड़ी से जुड़ी मानव तस्करी के पीड़ितों की सुरक्षा पर भी जोर दिया गया।

मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए क्षेत्रीय कार्ययोजना

सदस्य देशों ने मादक पदार्थों पर नियंत्रण से जुड़ी BIMSTEC कार्ययोजना को भी मंजूरी दी। इसका उद्देश्य मादक दवाओं, मन:प्रभावी पदार्थों और पूर्ववर्ती रसायनों की अवैध तस्करी पर रोक लगाने के लिए साझा प्रयासों को मजबूत करना है। इस पहल के तहत सदस्य देशों के बीच समन्वय, जानकारी साझा करने और नशीले पदार्थों से जुड़े संगठित नेटवर्क के खिलाफ काररवाई को बढ़ावा दिया जाएगा।

मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवादी वित्तपोषण पर सहयोग

बैठक में मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवादी वित्तपोषण से निबटने के लिए BIMSTEC देशों के बीच क्षमता निर्माण संबंधी समझौता ज्ञापन को मंजूरी दी गई। इसके तहत वित्तीय अपराधों की जांच, वित्तीय खुफिया जानकारी साझा करने, अवैध संपत्तियों की वसूली और धनशोधन रोकने से जुड़े उपायों पर विशेषज्ञ प्रशिक्षण तथा सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा। इसमें आतंकवादी गतिविधियों और प्रतिबंधित प्रसार गतिविधियों के वित्तपोषण से निबटने के लिए सहयोग भी शामिल है।

अवैध वित्तीय प्रवाह की पहचान के लिए साझा कार्ययोजना

BIMSTEC सदस्य देशों ने अवैध वित्तीय प्रवाह और उसकी रोकथाम के लिए कार्ययोजना को मंजूरी दी। इसके तहत अवैध धन के स्रोतों, जोखिमों और इस्तेमाल किए जाने वाले माध्यमों की पहचान करने तथा संबंधित एजेंसियों के बीच सहयोग बढ़ाने पर ध्यान दिया जाएगा। इसका उद्देश्य संगठित अपराध और आतंकवादी नेटवर्क को मिलने वाले वित्तीय संसाधनों पर प्रभावी रोक लगाना है।

प्राकृतिक आपदाओं से निबटने के लिए संयुक्त तैयारी

बैठक में बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में प्राकृतिक आपदाओं से निबटने की तैयारी और समन्वय मजबूत करने के लिए कार्ययोजना को भी मंजूरी दी गई। इसमें क्षेत्रीय जोखिम आकलन, संयुक्त अभ्यास, प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली, आपदा मानचित्रण, प्रशिक्षण केंद्रों, सूचना साझा करने, अनुसंधान और तकनीकी नवाचार पर सहयोग का प्रस्ताव है। सुनामी के जोखिम को कम करने के लिए भी सदस्य देशों के बीच समन्वित प्रयासों पर जोर दिया गया।

दिल्ली घोषणापत्र में क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग का संकल्प

गृह मंत्रियों की पहली बैठक में अपनाए गए दिल्ली घोषणापत्र में क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और विकास के लिए सहयोग मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई। इसमें सीमा-पार आतंकवाद, आतंकवादी वित्तपोषण, कट्टरपंथ, मादक पदार्थों की तस्करी, मानव तस्करी, साइबर अपराध और संगठित अपराध से निबटने को प्राथमिकता दी गई।

घोषणापत्र में सूचना साझा करने, पारस्परिक कानूनी सहायता, प्रत्यर्पण, क्षमता निर्माण और मौजूदा समझौतों तथा कार्ययोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया गया। इसमें क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने में भारत की भूमिका की सराहना भी की गई।

पुलिस प्रशिक्षण और फॉरेंसिक जांच में विशेषज्ञता साझा करेगा भारत

भारत ने पुलिस प्रशिक्षण, आतंकवाद-रोधी अभियानों और फॉरेंसिक जांच के क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता सदस्य देशों के साथ साझा करने की प्रतिबद्धता दोहराई। बैठक में कानून प्रवर्तन एजेंसियों की क्षमता बढ़ाने, साइबर अपराधों की जांच और उभरते सुरक्षा खतरों से निबटने के लिए संस्थागत सहयोग मजबूत करने पर भी चर्चा हुई।

सभी 7 सदस्य देशों ने लिया हिस्सा

बैठक में BIMSTEC के सातों सदस्य देशों – बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड के प्रतिनिधिमंडलों ने भाग लिया। गृह मंत्रियों की बैठक से पहले वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक आयोजित हुई, जिसका नेतृत्व भारत के केंद्रीय गृह सचिव ने किया। दोनों बैठकों में क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़ी पहलों की समीक्षा की गई और उभरते खतरों से निबटने के लिए आगे की कार्ययोजना पर विचार किया गया।

एक देश की सुरक्षा पूरे क्षेत्र को मजबूत करती है

अमित शाह ने कहा कि एक सदस्य देश की सुरक्षा पूरे क्षेत्र की सुरक्षा को मजबूत करती है। उन्होंने कहा कि भारत सभी सदस्य देशों के साथ विश्वास, सम्मान और सहयोग बढ़ाकर बंगाल की खाड़ी क्षेत्र को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और समृद्ध बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। बैठक में लिए गए निर्णयों को क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग को व्यावहारिक और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना गया।

दक्षिण और दक्षिणपूर्व एशिया को जोड़ने वाला मंच है BIMSTEC

BIMSTEC दक्षिण और दक्षिणपूर्व एशिया के उपक्षेत्रों के बीच महत्वपूर्ण संस्थागत कड़ी है। यह बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड के बीच बहुआयामी सहयोग, सामूहिक सुरक्षा और आर्थिक साझेदारी को बढ़ावा देता है। वर्ष 2018 में आयोजित चौथे BIMSTEC शिखर सम्मेलन में सहयोग और समन्वय मजबूत करने के लिए गृह मंत्रियों के स्तर पर बैठकें आयोजित करने का निर्णय लिया गया था। इसके बाद छठे शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पहल को समर्थन देते हुए भारत में पहली गृह मंत्री स्तरीय बैठक आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई थी।

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