नई दिल्ली, 25 सितम्बर। राष्ट्रीय टीमों की जर्सी के रंग को लेकर हॉकी इंडिया (HI) के भीतर शुरू हुआ विवाद अब गहराता जा रहा है। इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है कि देश में हॉकी को संचालित करने वाली सर्वोच्च संस्था के अध्यक्ष व पूर्व भारतीय कप्तान दिलीप टिर्की ने हॉकी इंडिया के कुछ अधिकारियों के खिलाफ दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। टिर्की में शिकायत में उन अधिकारियों पर आपराधिक विश्वासघात, चोरी, जान जोखिम में डालने और गलत तरीके से परित्याग’ का आरोप लगाया है।
टिर्की ने शिकायत में HI अधिकारियों के खिलाफ चोरी व साजिश का लगाया आरोप
टिर्की द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत में उनकी संपत्तियों और दस्तावेजों की तत्काल बरामदगी की भी मांग की गई है। दक्षिण दिल्ली के डीसीपी (पुलिस उपायुक्त) कार्यालय ने शिकायत प्राप्त होने की पुष्टि की, लेकिन यह भी बताया कि अब तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है।
शिकायत में पूर्व कार्यकारी निदेशक श्रीवास्तव सहित 4 अधिकारियों के नाम
टिर्की की शिकायत में हॉकी इंडिया के पूर्व कार्यकारी निदेशक कमांडर आर के श्रीवास्तव, हॉकी इंडिया के वित्त प्रबंधक सुबोध कुमार, हॉकी इंडिया के निदेशक भूषण कुमार और वाहन चालक हरमिंदर सिंह के नाम शामिल हैं। आरके श्रीवास्तव को हालिया एफआईएच विश्व कप के दौरान केसरिया जर्सी विवाद के बाद टिर्की ने पद से हटा दिया था।
दिल्ली दौरे पर पहुंचे टिर्की को उपलब्ध कराया गया वाहन अचानक वापस बुलाया
हालांकि इस घटनाक्रम पर दिल्ली टिर्की की कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। फिलहाल विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, टिर्की गत 22 सितम्बर को राष्ट्रीय राजधानी के आधिकारिक दौरे पर थे और प्रोटोकॉल के अनुसार हॉकी इंडिया ने उनके प्रवास के दौरान उन्हें एक आधिकारिक वाहन उपलब्ध कराया था। लेकिन हॉकी इंडिया ने अचानक वाहन वापस बुला लिया और टिर्की का निजी सामान वापस नहीं किया, जिसमें उनकी जरूरी दवाइयों वाला एक बैग भी शामिल था, जो वाहन के अंदर रखा था।
वाहन में रहा टिर्की का निजी सामान भी हॉकी इंडिया ने नहीं लौटाया
प्राप्त जानकारी के अनुसार पूर्व भारतीय डिफेंडर ने हॉकी इंडिया अधिकारियों को बार-बार फोन कर वाहन के साथ उनका सामान लेकर वापस भेजने को कहा। आरोप है कि हॉकी इंडिया अधिकारियों ने उनके फोन का जवाब तक नहीं दिया।
वर्चस्व की लड़ाई में उलझे हैं टिर्की व महासचिव भोलानाथ
उल्लेखनीय है कि टिर्की वर्तमान में प्रशासनिक फैसलों और बैठक के प्रोटोकॉल को लेकर हॉकी इंडिया के महासचिव भोलानाथ सिंह के साथ वर्चस्व की लड़ाई में उलझे हुए हैं। यह विवाद नीदरलैंड और बेल्जियम में होने वाले विश्व कप से ठीक पहले भारतीय टीम की जर्सी के रंग में किए गए विवादास्पद बदलाव के बाद और बढ़ गया। इसके बारे में अध्यक्ष टिर्की का दावा है कि यह फैसला उनकी सहमति के बिना किया गया था।
कार्यकारी बोर्ड की आपात बैठक को भी अवैध घोषित कर चुके हैं टिर्की
हॉकी इंडिया में उपजे इन आंतरिक मतभेदों को दूर करने, हॉकी इंडिया लीग (एचआईएल) के पुनर्गठन पर चर्चा करने और चुनाव की तारीखों को अंतिम रूप देने के लिए 18 सितम्बर को कार्यकारी बोर्ड की एक आपातकालीन बैठक निर्धारित की गई थी। लेकिन टिर्की ने कहा कि उनकी मंजूरी नहीं ली गई थी और इसलिए यह अवैध थी।
इसके बावजूद बैठक हुई और एचआईएल की योजनाओं पर चर्चा की गई, जिसमें फ्रेंचाइजी इक्विटी के साथ एक अलग संयुक्त उद्यम कम्पनी का गठन और इसके प्रशासन की निगरानी के लिए एक नई संचालन परिषद का गठन शामिल था। बैठक में टिर्की द्वारा श्रीवास्तव को जारी कारण बताओ नोटिस और आगामी एशियाई चैम्पियंस ट्रॉफी की मेजबानी मोहाली और जालंधर में किए जाने पर भी विचार-विमर्श हुआ।
नागोया में मौजूद भोलानाथ को ताजा घटनाक्रम की जानकारी नहीं
इस बीच जब भोलानाथ से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें टिर्की द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत की जानकारी नहीं है क्योंकि वह एशियाई खेलों के लिए नागोया में हैं। भोलानाथ ने नागोया से समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, ‘मुझे सही में ऐसी किसी घटना की जानकारी नहीं है। मैं जापान में हूं ताकि अपनी दोनों टीम को प्रेरित कर सकूं, जिससे वे एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतकर सीधे लॉस एंजिलिस ओलम्पिक के लिए क्वालीफाई कर सकें। जहां तक चुनाव का सवाल है, यह तय कार्यक्रम के अनुसार सात नवम्बर को होगा।’


