नई दिल्ली, 24 सितम्बर। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार एवं उनके दो सहयोगी चुनाव आयुक्तों – सुखबीर सिंह संधू व विवेक जोशी के बीच मतभेद से संबंधित अंग्रेजी दैनिक ‘इंडियन एक्सप्रेस’ में प्रकाशित रिपोर्ट को भले ही सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि सभी फैसले सर्वसम्मति से किए गए। लेकिन उक्त मीडिया रिपोर्ट को लेकर सियासी तूफान उठ खड़ा हुआ है।
कांग्रेस सहित विभिन्न राजनीतिक दलों ने चुनाव आयोग में व्याप्त कथित मतभेदों व गड़बड़ियों को लेकर सत्तारूढ़ भाजपा सरकार पर जहां हमले तेज कर दिए हैं वहीं दो माह पूर्व नीट पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे सहित अन्य मांगों को लेकर जंतर-मंतर पर बेखौफ धरना-प्रदर्शन से सुर्खियों में आई कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने भी यह चेतावनी देते हुए मोर्चा खोल दिया है कि सीईसी ज्ञानेश कुमार 48 घंटे के भीतर इस्तीफा दें अन्यथा देशभर में आंदोलन किया जाएगा।
Gyanesh Kumar must resign! pic.twitter.com/9OxTO1i9sW
— Cockroaches of India (@CJP_for_India) September 24, 2026
सीजेपी ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे सहित 3 प्रमुख मांगें रखीं
CJP प्रमुख अभिजीत दिपके ने अपने दो सहयोगियों – सह संयोजक व मुख्य प्रवक्ता सौरव दास एवं संह संयोजक आशुतोष रांका के साथ गुरुवार को यहां आहूत प्रेस कॉन्फ्रेंस में ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे सहित तीन मांगें रखीं। सीजेपी ने कई आरोप लगाते हुए कहा, ‘ज्ञानेश कुमार भारत के सबसे बड़े देश-विरोधी हैं। वह देश के लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं। हमारी तीन प्रमुख मांगों में पहली ये है कि ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त किया जाए। आने वाले सभी चुनावों पर रोक लगाई जाए और SIR प्रक्रिया बंद की जाए।’
SOURAV DAS : We have 3 demands
1) CEC's resignation
2) Hold back further polls 🤯
3) Repeal 2023 law for appointment of Election Commissioners pic.twitter.com/iQmHgy1h18
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सीजेपी ने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट भी बराबर का दोषी है। कोर्ट को आदेश देना चाहिए कि सभी एसआईआर फाइलें जब्त कर अपनी कस्टडी में ले, ताकि कोई यह दावा न कर सके कि फाइलें आग में जलकर खाक हो गईं।
उनके घर पर चपरासी बन जाएं
अभिजीत दिपके ने सीईसी पर प्रहार करते हुए कहा कि यदि ज्ञानेश कुमार पीएम मोदी की चापलूसी करना चाहते हैं तो बेहतर है कि उनके घर पर चपरासी बन जाएं। ज्ञानेश कुमार को 48 घंटे के अंदर इस्तीफा दे देना चाहिए। यदि ऐसा नहीं हुआ तो उनके खिलाफ सीजेपी देशव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू करेगी। हम पूरे देश में लोगों को एकजुट करना शुरू करेंगे। फिर दिल्ली में आंदोलन छेड़ेंगे। जब तक सिस्टम ठीक नहीं हो जाता, तब तक विपक्षी पार्टियों को चुनावों का बहिष्कार करना चाहिए।’
"CEC Gyanesh should become Modi ji’s house chaprasi"
: Abhijit Dipke @CJP_for_India pic.twitter.com/lfmrOY9FbX
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दिपके ने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार के मुख्य चुनाव आयुक्त बनने के बाद ये तय हो रहा कि चुनाव कौन हारेगा और कौन जीतेगा। महाराष्ट्र में दो करोड़ से ज्यादा वोट हटा दिए गए। बंगाल में बड़ी संख्या में वोटर्स मतदान नहीं कर पाए। इतना ही नहीं देश की राजधानी दिल्ली में 47 लाख वोटर्स को मतदाता सूची से हटाया जा रहा है।
अब तक 13 करोड़ वोटर्स के नाम हटाए गए
सीजेपी ने आरोप लगाया कि अब तक 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जा चुके हैं। लोकसभा चुनाव-2024 की बात करें तो ये लड़ाई महज दो फीसदी वोटों के अंतर से जीती गई। सीजेपी ने सवाल उठाया – क्या भाजपा की जीत पक्की करने के लिए नाम हटाए जा रहे हैं।
प्रॉक्सी पार्टियां बना रही है भाजपा
सीजेपी प्रमुख ने आरोप लगाया कि लोकसभा चुनाव-2024 में पैनिक बटन दबाया गया था। स्टालिन से लेकर ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल से लेकर पिनाराई विजयन तक सभी क्षेत्रीय नेताओं को वोट हटाकर हराया गया। भाजपा प्रॉक्सी पार्टियां बना रही है।
ज्ञानेश की वजह से जीत रही भाजपा
अभिजीत दिपके ने आरोप लगाया कि बागी गुटों को क्षेत्रीय पार्टियों के चुनाव चिह्न और फंड सौंप दिए गए हैं। ये भाजपा की शेल कंपनियां हैं। भाजपा नरेंद्र मोदी की वजह से चुनाव नहीं जीत रही है, ये पार्टी ज्ञानेश कुमार की वजह से जीत रही है। मोदी लहर के चरम पर भी भाजपा कई राज्यों में इतनी सीटें नहीं जीत पाई थी। ज्ञानेश कुमार भाजपा को एक के बाद एक राज्य जिताने में मदद कर रहे हैं।


