जर्मन राजदूत जैस्पर विक ने जताई उम्मीद- भारत व EU के बीच FTA पर वर्षांत तक हो सकते हैं हस्ताक्षर

नई दिल्ली, 23 सितम्बर। भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता (FTA) पर इस वर्ष के अंत तक हस्ताक्षर हो सकते हैं। भारत में जर्मनी के राजदूत जैस्पर विक ने बुधवार को ऐसी उम्मीद जताते हुए कहा कि समझौते की आर्थिक क्षमता को साकार करना और द्विपक्षीय व्यापार एवं निवेश को बढ़ावा देना उनकी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल होगा।

जैस्पर विक ने राष्ट्रीय राजधानी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए ने कहा कि समझौते पर इस वर्ष की शुरुआत में बातचीत पूरी हो चुकी है और वर्षांत से पहले इस पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘हमारा एक प्रमुख उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होगा कि भारतीय और जर्मन कम्पनियां इस समझौते से मिलने वाले आर्थिक अवसरों का पूरा लाभ उठा सकें। साथ ही हमारा ध्यान समझौते की आर्थिक क्षमता को साकार करने पर रहेगा।’

भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण

जर्मन राजदूत के अनुसार, विशेषज्ञों का मानना है कि इस समझौते में द्विपक्षीय व्यापार को काफी बढ़ाने की क्षमता है और इससे दोनों पक्षों के बीच व्यापार दोगुना भी हो सकता है। व्यापक रणनीतिक संबंधों पर जोर देते हुए विक ने कहा कि वर्ष 2000 में स्थापित भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी वैश्विक भू-राजनीतिक परिदृश्य में तेजी से हो रहे बदलावों के बीच पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।

मौजूदा अंतरराष्ट्रीय माहौल को अप्रत्याशित बताया

हालांकि जैस्पर विक ने मौजूदा अंतरराष्ट्रीय माहौल को अप्रत्याशित बताया, जहां देशों के बीच भरोसा कम हो रहा है और प्रमुख शक्तियों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि वैश्विक रणनीतिक माहौल में गिरावट ने भरोसे, पूर्वानुमेयता और आपसी विश्वास पर आधारित साझेदारियों के महत्व को और बढ़ा दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत और जर्मनी इन गुणों को साझा करते हैं और उभरती वैश्विक चुनौतियों से निबटने में दोनों देशों के बीच सहयोग महत्वपूर्ण होगा।

इससे पहले रूसी तेल खरीदने के कारण भारत पर अमेरिकी टैरिफ के खतरे को लेकर विक ने कहा कि अमेरिका ने भारत पर कोई टैरिफ या प्रतिबंध नहीं लगाया है। कांग्रेस ने बस अमेरिकी राष्ट्रपति को अपनी मर्जी से प्रतिबंध लगाने की मंजूरी दी है। इसलिए, अब तक अमेरिका की तरफ से ऐसा कोई फैसला नहीं लिया गया है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular