नई दिल्ली, 23 सितम्बर। भारत ने जम्मू-कश्मीर को लेकर इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) की टिप्पणी को खारिज करते हुए उसे बेबुनियाद और गैरजरूरी करार दिया है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने बुधवार को कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए ओआईसी की टिप्पणी को अनुचित और तथ्यों से परे बताया है। इसके साथ ही समूह को सलाह दी कि वह पाकिस्तान को अपनी करतूतों पर लगाम लगाने के लिए प्रेरित करे।
विदेश मंत्रालय ने OIC की टिप्पणी को लेकर जारी बयान में कहा, ‘भारत, जम्मू-कश्मीर पर तथाकथित ओआईसी कॉन्टैक्ट ग्रुप के संयुक्त बयान में भारत के बारे में की गई गैर-जरूरी और तथ्यों के लिहाज से गलत टिप्पणियों को पूरी तरह से खारिज करता है।’
ओआईसी की विश्वसनीयता पर उठाया गंभीर सवाल
भारत ने ओआईसी की विश्वसनीयता को लेकर सवाल उठाते हुए कहा, ‘ओआईसी के पास उन मामलों पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार या आधार नहीं है, जो पूरी तरह से भारत का आंतरिक मामला है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के पूरे केंद्र-शासित प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा हैं, और राजनीतिक मकसद से किए जा रहे दुष्प्रचार को बार-बार दोहराने से यह सच्चाई नहीं बदल सकती। ऐसे मकसद वाले बयानों का बार-बार समर्थन करने से ओआईसी की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठते हैं।’
Statement on references to India in the Joint Communiqué of the OIC Contact Group on Jammu & Kashmir ⬇️
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— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) September 23, 2026
पाकिस्तान को भी आड़े हाथों लिया
इसके साथ ही भारत ने पाकिस्तान को भी आड़े हाथों लिया। एमईए ने बयान में आगे कहा, ‘पाकिस्तान को अपना मनगढ़ंत और गलत मकसद से प्रेरित दुष्प्रचार फैलाने के लिए मंच देने के बजाय, ओआईसी के लिए बेहतर होगा कि वह पाकिस्तान को सलाह दे कि वह आत्म-मंथन करे और अपने नियंत्रण वाले इलाकों से पनप रहे आतंकवाद के लगातार खतरे से निबटे।’ मंत्रालय ने यह भी कहा कि उस मुल्क का आतंकवाद को समर्थन और प्रयोजित करने का इतिहास पुराना है।
दरअसल, बुधवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र के इतर ओआईसी कॉन्टैक्ट ग्रुप की एक बैठक आयोजित की गई, जहां पर इस ग्रुप ने भारत के आंतरिक मामलों को लेकर अनर्गल टिप्पणी की।


