अल्जाइमर एक ऐसी बीमारी है, जिसमें धीरे-धीरे याददाश्त, सोचने-समझने और रोजमर्रा के काम करने की क्षमता प्रभावित होने लगती है। कई बार शुरुआती लक्षणों को लोग उम्र बढ़ने का सामान्य हिस्सा समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन ऐसा करना सही नहीं है। समय रहते बदलावों को पहचानना और डॉक्टर से सलाह लेना आगे की देखभाल और सहायता की योजना बनाने में मदद कर सकता है।
हर वर्ष 21 सितम्बर को मनाया जाता है विश्व अल्जाइमर दिवस
अल्जाइमर के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए हर वर्ष 21 सितम्बर को विश्व अल्जाइमर दिवस मनाया जाता है। जितनी जल्दी आपको बीमारी के बारे में पता चलेगा, उतना ही बेहतर तरीके से आगे की तैयारी और जरूरी सहायता की जा सकती है। इसलिए इसके शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
दिनचर्या में कुछ सामान्य बदलावों पर ध्यान देना जरूरी
अल्जाइमर और डिमेंशिया के शुरुआती संकेत हर व्यक्ति में अलग हो सकते हैं, लेकिन कुछ सामान्य बदलावों पर ध्यान देना जरूरी है। जैसे व्यक्ति को समय या जगह को लेकर भ्रम होने लगना, रोजमर्रा की योजना बनाने या किसी समस्या को हल करने में परेशानी होना और पहले से आसानी से किए जाने वाले परिचित कामों को करने में कठिनाई महसूस होना।
इसी तरह ऐसी याददाश्त की कमी भी, जो रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करने लगे, महत्वपूर्ण संकेत हो सकती है। कुछ लोग काम या सामाजिक गतिविधियों से धीरे-धीरे दूरी बनाने लगते हैं। ऐसे बदलाव दिखाई दें तो उन्हें केवल बढ़ती उम्र का असर मानने के बजाय स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।
शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से सक्रिय रहना जरूरी
अल्जाइमर से बचाव के लिए शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से सक्रिय रहना जरूरी है। नियमित व्यायाम को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। रोजाना टहलना, योग या अपनी क्षमता के अनुसार दूसरी शारीरिक गतिविधियां शरीर के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी अच्छी हैं। अपने दोस्तों और परिवार के साथ मजबूत सामाजिक जुड़ाव बनाए रखें। बातचीत करना, लोगों से मिलना-जुलना और सामूहिक गतिविधियों में शामिल होना व्यक्ति को मानसिक और भावनात्मक रूप से सक्रिय रख सकता है।
दिमाग को सक्रिय रखने के लिए नई चीजें सीखते रहें
खाने में फल और सब्जियों सहित संतुलित और पौष्टिक आहार को प्राथमिकता दें। साथ ही पर्याप्त और नियमित नींद लेना भी जरूरी है। कोशिश करें कि सोने और जागने का समय लगभग तय रहे। दिमाग को सक्रिय रखने के लिए नई चीजें सीखते रहें। किताब पढ़ना, कोई नया कौशल सीखना, संगीत या रचनात्मक गतिविधियों में रुचि लेना जैसे काम मानसिक सक्रियता बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। ऐसी गतिविधियों के लिए भी समय निकालें, जिनसे आपको खुशी और संतुष्टि मिलती है।


