रूस पर पाबंदी वाले अमेरिकी कानून पर बोले विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह- ‘हम किसी के दबाव में काम नहीं करते’

नई दिल्ली, 19 सितम्बर। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रूस पर पाबंदी लगाने वाले नए कानून और भारत पर इसके संभावित असर के संदर्भ में प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कहा कि भारत अपने लोगों के भले के लिए फैसले लेगा और स्वतंत्र विदेश नीति का पालन करता रहेगा।

अमेरिका के नए कानून का भारत पर असर क्या होगा?

ह्वाइट हाउस ने एक बयान में कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस पर प्रतिबंध लगाने वाले बिल को कानून का रूप दे दिया है। ‘रूस और ईरान पर प्रतिबंध लगाने वाले कानून’ का मकसद मॉस्को और उससे ऊर्जा खरीदने वाले प्रमुख देशों – जिनमें भारत और चीन भी शामिल हैं – पर भारी शुल्क लगाना है।

भारत के लोग सरकार की प्राथमिकता : विदेश राज्य मंत्री

कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा, ‘भारत के लोग हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। हम ऐसे सभी कदम उठाएंगे, जिनसे हमारी जनता को फायदा हो।’ उन्होंने कहा कि भारत अपने फैसले दूसरे देशों के कहने पर नहीं लेता और देश की मजबूती और स्थिरता बनाए रखने के लिए कदम उठाएगा।

उन्होंने कहा, ‘हम अपने देश और उसकी आबादी की मजबूती और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए निर्णायक कदम उठाएंगे। हम स्वतंत्र विदेश नीति अपनाते हैं, हम दूसरे देशों के कहने पर किसी गुट में शामिल नहीं होते बल्कि अपने देश के भले के लिए काम करते हैं।’

‘हम किसी दूसरे देश के दबाव में काम नहीं करते’

विदेश राज्य मंत्री ने लगाए जा रहे टैरिफ पर भारत का रुख भी दोहराया। उन्होंने कहा, ‘हमारा हमेशा से यही मानना रहा है कि लगाए जा रहे शुल्क अनुचित हैं, और हम किसी दूसरे देश के दबाव में काम नहीं करते।’

भारत की ऊर्जा जरूरतों पर कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि सरकार व्यावसायिक रूप से फायदेमंद और किफायती विकल्पों के आधार पर ऊर्जा हासिल करना जारी रखेगी। उन्होंने कहा, ‘ऊर्जा हमारे लिए एक मुख्य चिंता का विषय है। हम अपने देश और लोगों के लिए ऊर्जा वहीं से हासिल करेंगे, जहां हमें व्यावसायिक रूप से फायदेमंद और किफायती विकल्प मिलेंगे।’

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular