नई दिल्ली, 19 सितंबर। दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन (DUSU) चुनाव 2026 के लिए शनिवार सुबह कड़ी सुरक्षा के बीच वोटों की गिनती जारी है। मतगणना दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस स्थित यूनिवर्सिटी स्पोर्ट्स स्टेडियम के मल्टीपर्पज हॉल में हो रही है। चार केंद्रीय पदों- अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव—के नतीजे शनिवार को घोषित किए जाने हैं।
अध्यक्ष पद पर ABVP और NSUI के बीच मुकाबला
अध्यक्ष पद के लिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने यश डबास को, जबकि नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) ने विजय शंकर मीणा को उम्मीदवार बनाया है। उपाध्यक्ष पद पर ABVP के इशू मौर्य और NSUI के वीर छत्रथ मैदान में हैं।
40.46 फीसदी हुआ मतदान
डूसू चुनाव के लिए शुक्रवार को हुई वोटिंग में कुल 40.46 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। दिल्ली विश्वविद्यालय के 52 मतदान केंद्रों से मिले आंकड़ों के आधार पर यह पिछले साल के करीब 39.5 प्रतिशत मतदान से अधिक है। मतदान दो चरणों में कराया गया था। पहले चरण में सुबह 8:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक और दूसरे चरण में दोपहर 3 बजे से शाम 7:30 बजे तक मतदान हुआ। इस व्यवस्था का उद्देश्य अलग-अलग समय पर कक्षाओं में आने वाले छात्रों को मतदान की सुविधा देना था।
कई कॉलेजों में पहले ही सामने आ चुके हैं नतीजे
विश्वविद्यालय स्तर के नतीजे घोषित होने से पहले दिल्ली विश्वविद्यालय के अलग-अलग कॉलेजों में छात्र संघ चुनावों के परिणाम सामने आ चुके हैं। हालांकि, डूसू की केंद्रीय चुनाव प्रक्रिया में विश्वविद्यालय के सभी कॉलेज सीधे तौर पर शामिल नहीं होते। सेंट स्टीफंस कॉलेज, लेडी श्रीराम कॉलेज और जीसस एंड मैरी कॉलेज समेत कुछ प्रमुख संस्थान डूसू चुनाव में हिस्सा नहीं लेते हैं।
डूसू रिजल्ट के बाद विजय जुलूस पर हाईकोर्ट की रोक
दिल्ली हाईकोर्ट ने डूसू चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद विजय जुलूस निकालने पर रोक लगा दी है। कोर्ट के निर्देश के मुताबिक उम्मीदवार, उनके समर्थक या अन्य छात्र दिल्ली की सड़कों के अलावा विश्वविद्यालय के कैंपस और हॉस्टल के भीतर भी विजय जुलूस नहीं निकाल सकेंगे।
हाईकोर्ट ने चुनाव प्रचार के दौरान कथित नियम उल्लंघनों को लेकर 140 छात्र उम्मीदवारों को नोटिस भी जारी किए हैं। कोर्ट ने Lyngdoh Committee की सिफारिशों और चुनाव आचार संहिता के पालन पर जोर दिया है। आदेश का उल्लंघन होने पर आपराधिक एवं प्रशासनिक कार्रवाई के साथ अवमानना की कार्यवाही भी हो सकती है। मतगणना के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है। अब सभी की नजरें डूसू के चार केंद्रीय पदों के अंतिम नतीजों पर हैं।


