हिन्दी व कन्नड़ फिल्मों के दिग्गज अभिनेता अनंत नाग को दादा साहब फाल्के पुरस्कार

नई दिल्ली, 16 सितम्बर। हिन्दी और कन्नड़ सिनेमा में ‘मिंचिना ओटा’, ‘हंसागीते’, ‘अंकुर’ और ‘मंथन’ सरीखी फिल्मों में शानदार एक्टिंग के लिए दिग्गज अभिनेता अनंत नाग को 2024 के दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। सरकार ने बुधवार को यह जानकारी दी।

केवड़िया में 22 सितम्बर को नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स समारोह में सम्मानित किए जाएंगे

बीते पांच दशकों में 250 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके 78 वर्षीय अनंत नाग थिएटर की दुनिया में भी एक जाना-माना नाम हैं। उन्हें भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े सम्मान, दादा साहब फाल्के पुरस्कार से 22 सितम्बर को गुजरात के केवड़िया में नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स समारोह में सम्मानित किया जाएगा।

पीएम मोदी ने बेहतरीन कलाकार को दी बधाई

इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेहतरीन कलाकार अनंत नाग को दादा साहब फाल्के पुरस्कार के लिए बधाई दी है। उन्होंने एक्स पोस्ट में लिखा, “दिग्गज कलाकार अनंत नाग जी को दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित होने पर बधाई। कई दशकों से उनके सहज अभिनय, अद्भुत बहुमुखी प्रतिभा और बेहतरीन कला ने भारतीय सिनेमा, विशेष रूप से कन्नड़ सिनेमा पर बहुत गहरी छाप छोड़ी है। उन्होंने जो भी भूमिका निभाई, उसमें उन्होंने अनोखी गहराई और सच्चाई दिखाई। सच में यह बेहतरीन कलाकार के लिए पूरी तरह से योग्य सम्मान है।”

53 वर्षीय करिअर में 300 से ज्यादा फिल्मों में निभा चुके हैं विविध भूमिकाएं

उल्लेखनीय है कि अनंत नाग (जन्म चार सितम्बर 1948, कर्नाटक) एक वरिष्ठ भारतीय अभिनेता हैं, जो अपनी बहुमुखी प्रतिभा और पांच दशकों से अधिक समय से भारतीय सिनेमा में अपने योगदान के लिए प्रसिद्ध हैं। उन्होंने कन्नड़ फीचर फिल्म ‘संकल्प’ से अपने फिल्मी करिअर की शुरुआत की और ‘अंकुर’ से हिन्दी सिनेमा में पदार्पण किया। इसके बाद उन्होंने कन्नड़, हिन्दी, तेलुगु, मलयालम, तमिल और मराठी सिनेमा की 300 से अधिक फिल्मों में विविध भूमिकाएं निभाईं, जिनमें मालगुडी डेज़ जैसे उल्लेखनीय कार्य भी शामिल हैं।

5 फिल्मफेयर पुरस्कार सहित कई सम्मान पा चुके हैं अनंत नाग

अनंत नाग को पांच फिल्मफेयर पुरस्कार और पांच कर्नाटक राज्य सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं। इसके अलावा, उन्हें कर्नाटक राज्योत्सव पुरस्कार, कर्नाटक साहित्य अकादमी पुरस्कार और कर्नाटक राज्य लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है। उन्हें बेंगलुरु विश्वविद्यालय (उत्तर) से मानद डॉक्टरेट की उपाधि भी प्राप्त है। वर्ष 2023 में उन्होंने सिनेमा में अपने 50 वर्ष के करिअर की स्वर्ण जयंती मनाई।

कर्नाटक में बेंगलुरु शहर विकास राज्य मंत्री का पद भी संभाल चुके हैं

सिनेमा से इतर, अनंत ने वर्ष 1988 से 1994 तक कर्नाटक विधान परिषद के सदस्य और वर्ष 1994 से 1999 तक विधानसभा के सदस्य के रूप में कार्य किया। इस दौरान उन्होंने बेंगलुरु शहर विकास राज्य मंत्री के रूप में भी पद संभाला।

वर्ष 2025 में पद्म भूषण से सम्मानित

वर्ष 2025 में भारत सरकार ने उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया। आज श्री अनंत नाग भारत के सबसे सम्मानित सांस्कृतिक व्यक्तित्वों में से एक हैं और अपनी बहुमुखी प्रतिभा, विनम्रता तथा भारतीय सिनेमा में अपने स्थायी योगदान के लिए प्रशंसित हैं।

दादासाहेब फाल्के पुरस्कार

वर्ष 1969 में देविका रानी को प्रदान किए जाने के साथ शुरू किया गया दादासाहेब फाल्के पुरस्कार भारत सरकार द्वारा भारतीय सिनेमा में दादासाहेब फाल्के के योगदान के सम्मान में स्थापित किया गया था। दादासाहेब फाल्के ने वर्ष 1913 में भारत की पहली पूर्ण लंबाई की फीचर फिल्म, राजा हरिश्चंद्र का निर्देशन किया था। सिनेमा के क्षेत्र में इस सर्वोच्च पुरस्कार से सम्मानित किए जाने वाले पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं को ‘भारतीय सिनेमा के विकास और संवर्धन में उत्कृष्ट योगदान’ के लिए सम्मानित किया जाता है। इस पुरस्कार में स्वर्ण कमल पदक, एक शॉल और 10 लाख रुपये की नकद पुरस्कार राशि शामिल है।

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