कांग्रेस मुख्यालय पर ध्वजारोहण : पूरा वंदेमातरम् गाए जाने पर सोनिया गांधी ने जताया ऐतराज? कांग्रेस बोली- ‘किसी ने नहीं रोका’

नई दिल्ली, 15 अगस्त। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर शनिवार को पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ध्वजारोहण किया। इस दौरान सोनिया गांधी और राहुल गांधी भी मौजूद रहे। दावा किया जा रहा है कि सोनिया गांधी ने ध्वजारोहण के बाद पूरा वंदे मातरम् गाने को लेकर आपत्ति जताई। भारतीय जनता पार्टी ने इसको लेकर तंज कसा तो कांग्रेस ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पूरा वंदे मातरम् गाया गया, किसी ने बीच में नहीं रोका।

कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम् को लेकर हुए कथित विवाद पर पार्टी की ओर से प्रतिक्रिया देते हुए जयराम रमेश ने कहा, “आज इंदिरा भवन में ‘वंदे मातरम्’ का पूरा संस्करण गाया गया और इसमें कोई विवाद नहीं है। इसे रोकने की कोई कोशिश नहीं की गई। चूंकि कांग्रेस अध्यक्ष काफी देर से खड़े थे, इसलिए सोनिया जी उनके लिए कुर्सी लाने को कह रही थीं।”

कार्यक्रम से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें सोनिया गांधी वंदे मातरम् के दौरान कुछ इशारा कर रही हैं। उनके पास में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी खड़े दिखे। ऐसा करते वक्त राहुल गांधी भी कुछ इशारा करते नजर आए।

इस पूरे मामले पर कांग्रेस नेता शकील अहमद ने कहा कि कांग्रेस के कार्यक्रमों में पहले से ‘वंदे मातरम्’ के दो छंद गाए जाते रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस बार छह छंद गाए गए। कांग्रेस का ‘वंदे मातरम्’ से पुराना जुड़ाव रहा है और स्वतंत्रता आंदोलन के समय से ही पार्टी के कार्यक्रमों में इसे गाया जाता रहा है।

लाल किले पर भी पूरा वंदे मातरम् गाया गया

उल्लेखनीय है कि स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान पहली बार लाल किले पर भी वंदे मातरम् के पूरे संस्करण का गायन चर्चा में रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ध्वजारोहण से पहले राष्ट्रगीत का गायन किया गया। वंदे मातरम् भारत के स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा एक महत्वपूर्ण गीत रहा है और लंबे समय से राष्ट्रीय समारोहों में इसके चयनित छंदों का इस्तेमाल किया जाता रहा है।

वंदे मातरम् को लेकर कानून

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की मंजूरी के बाद 11 अगस्त, 2026 को राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) अधिनियम, 2026 लागू हो गया है। नए कानून के तहत ‘वंदे मातरम्’ को भी ‘जन गण मन’ की तरह कानूनी संरक्षण दिया गया है। अब ‘वंदे मातरम्’ के गायन में जानबूझकर बाधा डालना या उसका अपमान करना कानून के तहत दंडनीय माना जाएगा।

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