राष्ट्रपति मुर्मु ने स्वतंत्रता दिवस से पहले 78 वीरता पुरस्कारों को दी मंजूरी

नई दिल्ली, 14 अगस्त। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने स्वतंत्रता दिवस 2026 की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को देश की रक्षा और आंतरिक सुरक्षा में असाधारण वीरता, साहस और सर्वोच्च बलिदान का परिचय देने वाले वीरों के सम्मान में 78 वीरता पुरस्कारों को मंजूरी प्रदान की। इनमें 13 पुरस्कार मरणोपरांत दिए गए हैं। इसके साथ ही राष्ट्रपति ने 89 ‘मेंशन-इन-डिस्पैचेस’ यानी विशेष उल्लेख को भी मंजूरी दी है। इनमें भारतीय सेना के 75, भारतीय नौसेना के चार और भारतीय वायुसेना के 10 जवान शामिल हैं।

कीर्ति चक्र के लिए 9 वीरों का चयन

राष्ट्रपति भवन से जारी सूची के अनुसार इस वर्ष नौ कीर्ति चक्र, एक बार टू शौर्य चक्र, 19 शौर्य चक्र, पांच बार टू सेना मेडल (गैलेंट्री), 36 सेना मेडल (गैलेंट्री), तीन नौसेना मेडल (गैलेंट्री) और पांच वायु सेना मेडल (गैलेंट्री) को मंजूरी दी गई है। कीर्ति चक्र पाने वालों में सात पुरस्कार मरणोपरांत हैं।

कीर्ति चक्र पाने वालों में 7 पुरस्कार मरणोपरांत

कीर्ति चक्र पाने वाले वीरों में लेफ्टिनेंट कर्नल मैनियो फ्रांसिस, मेजर जितेंद्र राठी, हवलदार गजेंद्र सिंह (मरणोपरांत), हेड कांस्टेबल जगबीर सिंह (मरणोपरांत), एसजी कांस्टेबल जसवंत सिंह (मरणोपरांत), एसजी कांस्टेबल बलविंदर सिंह (मरणोपरांत), एसजी कांस्टेबल तारिक हुसैन (मरणोपरांत), हेड कांस्टेबल बशीर अहमद (मरणोपरांत) और इंस्पेक्टर एसटीएफ सुनील कुमार (मरणोपरांत) शामिल हैं।

मेजर आदित्य प्रताप सिंह को बार टू शौर्य चक्र

देश की सेवा में अदम्य साहस और वीरता का प्रदर्शन करने वाले मेजर आदित्य प्रताप सिंह को बार टू शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया है। वह द राजपूताना राइफल्स और 44 असम राइफल्स से संबद्ध हैं।

19 वीरों को शौर्य चक्र

इस वर्ष कुल 19 वीरों को शौर्य चक्र प्रदान किया गया है। इनमें भारतीय सेना के 11, नौसेना और वायुसेना के एक-एक तथा गृह मंत्रालय के छह वीर शामिल हैं। शौर्य चक्र पाने वालों में मेजर परमवीर, मेजर तरुण वासुदेवन, मेजर केशव कुमार, मेजर गौरव सिंह ब्रिजवाल, मेजर विपीन कुमार, नायब सूबेदार शंकर राम, नायब सूबेदार डब्बल सिंह बिष्ट, हवलदार जगतार सिंह, लांस नायक नरेंद्र सिंधु (मरणोपरांत), लांस नायक कपिल देव और सिपाही जसविंदर सिंह शामिल हैं।

नौसेना से लेफ्टिनेंट कमांडर शिवम कुमार और वायुसेना से स्क्वाड्रन लीडर सुधीर कुमार को शौर्य चक्र दिया गया है। गृह मंत्रालय के धीरज सिंह कटोच, अजय सिंह चिब, सुखवीर सिंह, नियाज अहमद, अंजनी कुमार और दीपक साह को भी इस सम्मान के लिए चुना गया है।

5 जवानों को बार टू सेना मेडल

देश की सेवा में असाधारण वीरता और साहस का परिचय देने वाले सेना के पांच जवानों को बार टू सेना मेडल (गैलेंट्री) प्रदान किया गया है। इनमें मेजर डी.एस. पाओशो, मेजर अनुज महाजन, मेजर कृष्ण कांत, सूबेदार रमेश कुमार और नायब सूबेदार राजेंद्र सिंह शामिल हैं।

36 सैन्यकर्मियों को सेना मेडल

 

सेना के 36 अधिकारियों और जवानों को सेना मेडल (गैलेंट्री) से सम्मानित किया गया है। इनमें लेफ्टिनेंट कर्नल पुष्कर विजय चौधरी, लेफ्टिनेंट कर्नल सोनम टोपडेन भूटिया, मेजर सुधांशु शेखर पानी, मेजर मोहित पोडिया, मेजर आर. साहिल, मेजर बलेंदु कुमार झा, मेजर रवि शंकर जोशी, मेजर रूपम दास, मेजर अर्णव बाली, मेजर अंशुमान रंजन और मेजर अरविंद कुमार समेत कई अधिकारी शामिल हैं।

सम्मान पाने वालों में कैप्टन करण सिंह चीमा, कैप्टन हरीश सिंह डेवली, कैप्टन मोहित रावत, कैप्टन अंशुमान सिंह, कैप्टन बाणे स्वराज सुधीर, कैप्टन पृथ्वीराज जयसिंग निघोट, कैप्टन साविक, लेफ्टिनेंट भानु प्रताप सिंह और लेफ्टिनेंट अमन पांडे भी शामिल हैं।

वीरता के लिए नौसेना और वायुसेना के जवान भी सम्मानित

नौसेना के कमांडर विनीत शर्मा, कमांडर युवराज कुमार और एसी अविनाश अन्नासो को वीरता के लिए नौसेना मेडल प्रदान किया गया है। वायुसेना में ग्रुप कैप्टन राहुल जगोटा, ग्रुप कैप्टन राहुल रावत, विंग कमांडर आशीष राजपूत, फ्लाइट लेफ्टिनेंट यश और मास्टर वारंट ऑफिसर रविंदरजीत सिंह को वायु सेना मेडल (गैलेंट्री) से सम्मानित किया गया है।

89 ‘मेंशन-इन-डिस्पैचेस’ भी मंजूर

राष्ट्रपति मुर्मु ने 89 ‘मेंशन-इन-डिस्पैचेस’ यानी विशेष उल्लेख को भी मंजूरी दी है। इनमें भारतीय सेना के 75, भारतीय नौसेना के चार और भारतीय वायुसेना के 10 जवान शामिल हैं। यह सम्मान सैन्य अभियानों और कर्तव्य के दौरान उल्लेखनीय सेवा एवं योगदान को मान्यता देने के लिए दिया जाता है।

वीरता और बलिदान को राष्ट्र का सम्मान

स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर घोषित ये वीरता पुरस्कार देश की रक्षा और आंतरिक सुरक्षा में योगदान देने वाले सैन्यकर्मियों और सुरक्षा बलों के साहस, कर्तव्यनिष्ठा और बलिदान को राष्ट्र की ओर से सम्मानित करते हैं। मरणोपरांत दिए गए पुरस्कार उन वीरों के सर्वोच्च बलिदान की स्मृति को भी सम्मान देते हैं, जिन्होंने देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर किए।

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