Rabindranath Tagore Death Anniversary : राष्ट्रपति नहीं, नेताओं ने दी श्रद्धांजलि, ओम बिड़ला से योगी तक ने किया नमन

नई दिल्ली, 7 जुलाई। राष्ट्रगान ‘जन-गण-मन’ के रचयिता, नोबेल पुरस्कार से सम्मानित महान साहित्यकार गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की पुण्यतिथि पर देशभर के नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, शिवराज सिंह चौहान समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें नमन किया।

ओम बिड़ला बोले- भारतीय चेतना को नई दिशा दी

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने कहा कि गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण के महान शिल्पी थे। उन्होंने साहित्य, शिक्षा, संगीत, चित्रकला और दर्शन के माध्यम से भारतीय चेतना को नई दिशा दी। बिड़ला ने कहा कि वर्ष 1913 में ‘गीतांजलि’ के लिए मिला नोबेल पुरस्कार भारतीय साहित्य को वैश्विक पहचान दिलाने वाला ऐतिहासिक क्षण था।

अमित शाह ने बताया राष्ट्र की चेतना का स्वर

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि गुरुदेव टैगोर ने अपनी लेखनी से भारत की आत्मा को स्वर दिया और स्वतंत्रता आंदोलन में नई चेतना का संचार किया। उन्होंने कहा कि ‘जन-गण-मन’ राष्ट्र की एकात्म चेतना और आत्मगौरव का प्रतीक है। साथ ही विश्व भारती विश्वविद्यालय की स्थापना कर उन्होंने भारतीय संस्कृति और शिक्षा को वैश्विक पहचान दिलाई।

केंद्रीय मंत्रियों ने याद किया योगदान

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि टैगोर की अमर कृतियां और आदर्श जीवन राष्ट्र और समाज के उत्थान के लिए हमेशा प्रेरणा देते रहेंगे। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने उन्हें भारतीय संस्कृति, शिक्षा और स्वराज के विचार को नई दिशा देने वाला महान व्यक्तित्व बताया। वहीं नितिन गडकरी ने उन्हें भारतीय विद्वता और राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।

मुख्यमंत्रियों ने भी दी भावभीनी श्रद्धांजलि

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गुरुदेव टैगोर ने साहित्य, संस्कृति और स्वाभिमान से भारत का गौरव बढ़ाया। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनकी कालजयी रचनाएं आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी।

1913 में मिला था साहित्य का नोबेल पुरस्कार

रवीन्द्रनाथ टैगोर को उनकी काव्य कृति ‘गीतांजलि’ के लिए वर्ष 1913 में साहित्य का नोबेल पुरस्कार मिला था। वे एशिया के पहले नोबेल पुरस्कार विजेता बने। उन्होंने राष्ट्रगान ‘जन-गण-मन’ की रचना की और शिक्षा, साहित्य, संगीत, कला एवं मानवता के क्षेत्र में अमिट योगदान दिया।

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