यूपी विधानसभा : मानसून सत्र निर्धारित से एक दिन पहले ही स्थगित, सीएम योगी ने विपक्ष के हंगामे को बताया शर्मनाक

लखनऊ, 5 अगस्त। राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी और 69,000 शिक्षक भर्ती के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी (सपा) व कांग्रेस के विधायकों ने उत्तर प्रदेश विधानसभा में लगातार तीसरे दिन भी जमकर हंगामा किया। इसका नतीजा हुआ कि चार दिनों तक चलने वाला मानसून सत्र निर्धारित से एक दिन पहले बुधवार को ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना सदन में विपक्ष के आचरण से जहां काफी व्यथित दिखे वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष के इस हंगामे को शर्मनाक करार दिया।

विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के वक्तव्य से गंभीर हुआ माहौल

विपक्ष के हंगामे के बीच आज सदन में कुछ देर के लिए माहोल अत्यंत गंभीर हो गया, जब विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने मंगलवार को हुई घटनाओं पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि वह इस बात पर गंभीरता से विचार करेंगे कि क्या वह इस पद के योग्य हैं। लेकिन कुछ देर में ही फर हंगामा होने लगा।

सरकार ने अनुपूरक बजट के साथ ही कई विधेयक बिना चर्चा के ही पास कराए

इस हंगामे बीच सरकार ने अनुपूरक बजट के साथ ही कई विधेयक बिना चर्चा के ही पास कराए। इसके बाद सदन के पटल पर संभल में हुए दंगे की रिपोर्ट रखी गई और दोपहर करीब डेढ़ बजे सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।

सीएम योगी बोले – विपक्ष का आचरण गरीब और महिला विरोधी

सदन स्थगित होने के तत्काल बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष द्वारा किए गए हंगामे को लेकर नाराजगी जताई और कहा कि सदन में विपक्ष का आचरण शर्मनाक है। ये लोग लोकतंत्र विरोधी हैं और यही इनका असली चेहरा है। सीएम योगी ने यह भी कहा कि विपक्षी सदस्यों का विधानसभा सत्र को हंगामे के हवाले करना प्रदेश के युवाओं, किसानों, महिलाओं और गरीबों के साथ भारी अन्याय है। यह सब इसलिए किया गया ताकि सरकार गरीबों, महिलाओं के लिए कुछ नई योजना न घोषित कर सके और गरीबों के कल्याण के लिए कुछ नए कार्यक्रम शुरू करने का एलान ना होने पाए।

‘हम प्रदेश के विकास व गरीबों के कल्याण के लिए 59,019.54 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट लेकर आए

सीएम योगी ने कहा, ‘हम प्रदेश के विकास और गरीबों के कल्याण के लिए 59,019.54 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट लेकर आए थे, लेकिन सपा के नकारात्मक रवैये के कारण युवाओं, किसानों, महिलाओं के स्वावलंबन के मुद्दे पर सदन में चर्चा नहीं हो सकी। इन लोगों का आचरण युवा, किसान, महिला और गरीब विरोधी है।’

सपा शासन में शिक्षामित्रों व अनुदेशकों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया था

सपा नेताओं पर नाराजगी जाहिर करते हुए सीएम योगी ने यह भी कहा, ‘अखिलेश सरकार के दौरान शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया था। हमारी सरकार ने शिक्षामित्रों का मानदेय 10 हजार से बढ़ाकर 18 हजार रुपये किया और उन्हें पांच लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा दी। अनुदेशकों का मानदेय 9 हजार से बढ़ाकर 17 हजार रुपये किया गया। हम इस सत्र में भी इन सभी वर्गों के मानदेय बढ़ाने और नई कल्याणकारी योजनाओं के लिए डिमांड लेकर आए थे, लेकिन सपा ने लगातार इसमें रोड़ा अटकाया।

भावुक हुए विधानसभा अध्यक्ष महाना

सीएम योगी के इस कथन के पूर्व सदन में विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना भावुक हो गए। उन्हें इस बात की पीड़ा थी कि मंगलवार को सदन में हुए हंगामे के दौरान सपा विधायक सचिन यादव को पूरे सत्र के लिए सदन से बाहर किए जाने का आदेश देना पड़ा। अपनी इस पीड़ा को सतीश महाना ने सदन में व्यक्त किया।

उन्होंने कहा, ‘मेरे राजनीतिक जीवन का यह अंतिम चरण है। अब मुझे गंभीरता से विचार करना होगा कि विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी के योग्य हूं या नहीं। मेरे मन में पीड़ा है। पहली बार लगा कि या तो हमारे प्रयास में कहीं कमी रह गई या फिर डॉ. भीमराव आंबेडकर की यह बात सही है कि कमी संविधान में नहीं, बल्कि उसे चलाने वाले व्यक्तियों में होती है।’

उन्होंने यह दावा किया, ‘पिछले साढ़े चार वर्षों से सदन को गरिमा और संवाद के साथ चलाने का प्रयास किया, लेकिन हाल की घटनाओं के बाद आत्ममंथन करने की आवश्यकता महसूस हो रही है। मैं गंभीरता से विचार करूंगा कि जो कुछ मैंने किया, वह उचित था या नहीं। जल्द ही इस संबंध में निर्णय लूंगा।’

सदन चलना सरकार की ज़िम्मेदारी : नेता विपक्ष माता प्रसाद

वहीं मुख्यमंत्री ने आरोपों का संज्ञान लेते हुए नेता विपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि सदन विपक्ष के हंगामे के कारण अनिश्चितकाल के लिए स्थगित नहीं हुआ बल्कि इसलिए हुआ कि विपक्ष द्वारा पूछे जा रहे सवालों का जवाब न देना पड़े? सदन में विपक्षी सदस्य राम मंदिर के चढ़ावा चोरी को लेकर सरकार के जवाब मांग रहे थे, इसमें क्या गलत था। सरकार को जवाब देना चाहिए था, लेकिन सरकार जवाबदेही से बचने का प्रयास करती रही।

सरकार ने सिर्फ अनुपूरक बजट पास करने के लिए सदन बुलाया

माता प्रसाद ने कहा कि वास्तव में सरकार ने सिर्फ अनुपूरक बजट पास करने के लिए सदन बुलाया था और मात्र 24 घंटे में बिना चर्चा के 59,019.54 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पास करवा लिया। यह आचरण है सरकार का और खराब आरचरण मुख्यमंत्री विपक्ष का बताते हैं।

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