नई दिल्ली, 16 जुलाई। राष्ट्रीय राजधानी स्थित जंतर-मंतर पर आमरण अनशन कर रहे शिक्षा सुधारक व पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का गुरुवार को 19वां दिन था। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले चल रहे आंदोलन के बीच उनकी बिगड़ती हालत को लेकर अब सियासत भी जारी है। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ बालीवुड हस्तियां भी खुलकर उनके समर्थन में आ गई हैं।
इसी क्रम में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल आज शाम सोनम वांगचुक से मिलने जंतर-मंतर पहुंचे। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा।
श्री Sonam Wangchuk जी के समर्थन में जंतर-मंतर से @ArvindKejriwal जी LIVE https://t.co/O7j88SScwx
— AAP (@AamAadmiParty) July 16, 2026
केजरीवाल ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाया जाना चाहिए और शिक्षा सुधार के लिए काम करने वाले सोनम वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मौजूदा शिक्षा व्यवस्था में व्यापक और क्रांतिकारी बदलाव की जरूरत है।
AAP प्रमुख ने कहा कि सोनम वांगचुक पिछले 19 दिनों से अपने लिए नहीं, बल्कि देश के करोड़ों छात्रों और युवाओं के भविष्य के लिए आमरण अनशन कर रहे हैं। जो लोग शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, वे देश के भविष्य के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं और उनका सम्मान किया जाना चाहिए।
— AAP (@AamAadmiParty) July 16, 2026
राकेश टिकैत ने केंद्र पर साधा निशाना
इस बीच किसान नेता राकेश टिकैत ने आंदोलन स्थल पर प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान की सरकार तानाशाह है। वह तो चाहती है कि आंदोलनकारी की मौत हो जाए। 19 दिनों से लगातार अनशन पर बैठे एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य की भी काफी चिंता है।

छात्रों का यह आंदोलन वैचारिक क्रांति से ही आगे बढ़ सकता है
टिकैत ने कहा कि सरकार यदि कॉकरोच जनता पार्टी की मांगों को नहीं मानती तो सामाजिक लोगों को आगे आकर इनका समर्थन करना चाहिए। छात्रों द्वारा किए जाने वाला यहां आंदोलन वैचारिक क्रांति से ही आगे बढ़ सकता है। दुनिया की सबसे बड़ी क्रांति वैचारिक क्रांति है। अब वैचारिक क्रांति आ गई है और उम्मीद है कि जल्दी जीत मिल जाएगी।
20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च के लिए सौरभ भारद्वाज की विपक्षी दलों से अपील
वहीं AAP दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जो भी नया (शिक्षा मंत्री) आएगा, हो सकता है कि वह भी अच्छा काम न करे। सबके मन में जो सवाल था… सिर्फ धर्मेंद्र प्रधान की जगह नितिन गडकरी या स्मृति ईरानी को न लाएं। यदि आप सोनम वांगचुक जैसे वैज्ञानिक को देश का शिक्षा मंत्री बनाते हैं तो इससे पूरी दुनिया में एक मजबूत संदेश जाएगा। भारद्वाज ने कहा, ‘लोग सोनम वांगचुक में गांधी जी की झलक देखते हैं। वह एक ऐसे व्यक्ति हैं जो ‘सत्याग्रह’ कर रहे हैं, देश के लिए अपनी जान देने को तैयार हैं और अहिंसा के जरिए सरकार से अपनी मांगें मनवाने की कोशिश कर रहे हैं। हम भी अरविंद केजरीवाल की बात का समर्थन करते हैं। हम चाहते हैं कि सभी – विपक्षी दल, छात्र नेता, अलग-अलग संगठन, सामाजिक समूह – 20 तारीख को आएं और संसद की ओर मार्च करें।
प्रसिद्ध शिक्षा सुधारक व पर्यावरणविद् श्री सोनम वांगचुक जी की मांगे पूरी करे सरकार, उनका अनशन जल्द से जल्द खत्म कराया जाए। pic.twitter.com/wvj2nwmWsJ
— Samajwadi Party (@samajwadiparty) July 16, 2026
सपा सांसद डिंपल यादव भी वांगचुक से मिलीं
सपा सांसद डिंपल यादव जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक से मिलने पहुंचीं और प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया। डिंपल यादव ने सोनम वांगचुक के दृढ़ संकल्प और भूख हड़ताल कर रहे छात्रों के साहस को सलाम करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव युवाओं के साथ मजबूती से खड़े हैं और छात्रों से आग्रह किया कि वे इस लड़ाई में खुद को कभी अकेला न समझें। सरकार पर डर का माहौल बनाकर लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश का आरोप लगाते हुए उन्होंने सरकार को युवाओं की चिंताओं के प्रति संवेदनहीन और बेपरवाह बताया।

