भारत-यूके की साझेदारी में CETA महत्वपूर्ण क्षण, आर्थिक संबंध होंगे मजबूत : पीएम मोदी
नई दिल्ली, 15 जुलाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत-यूके व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (CETA), दोनों देशों की साझेदारी में एक महत्वपूर्ण क्षण है। इससे दोनों देशों के आर्थिक संबंध और गहरे होंगे।
पीएम मोदी ने बुधवार को केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के भारत-यूके सीईटीए के लागू होने की पोस्ट को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कोट करते हुए लिखा, “यह भारत-यूनाइटेड किंगडम साझेदारी में एक महत्वपूर्ण क्षण है। सीईटीए और ‘सोशल सिक्योरिटी एग्रीमेंट’ के लागू होने से हमारे आर्थिक संबंध और भी गहरे होंगे। ये समझौते मिलकर हमारी साझा महत्वाकांक्षाओं को हमारे लोगों के लिए ठोस अवसरों में बदलेंगे।”
This is a significant moment in the India-United Kingdom partnership!
With the coming into force of the Comprehensive Economic and Trade Agreement and the Agreement on Social Security, our economic linkages are going to get even deeper. Together, these agreements translate our… https://t.co/6yZR0IUfCP
— Narendra Modi (@narendramodi) July 15, 2026
किसानों, MSMEs और एंटरप्रेन्योर्स को मिलेगी नई गति
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘सीईटीए से हमारे किसानों, उद्यमियों और एमएसएमई को नई गति मिलेगी। कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को यूके के बाजार तक बेहतर पहुंच मिलेगी। इससे टेक्नोलॉजी, प्रोफेशनल सेवाओं और इनोवेशन के क्षेत्र में सहयोग भी बढ़ेगा, साथ ही कुशल भारतीय प्रतिभाओं की आवाजाही को भी बढ़ावा मिलेगा।’
उन्होंने कहा, ‘सोशल सिक्योरिटी एग्रीमेंट से यूके में कुछ समय के लिए काम कर रहे भारतीय पेशेवरों को बहुत मदद मिलेगी और भारतीय कम्पनियों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी। यह पल हमारे लोकतंत्रों के बीच भरोसे और व्यापार, टेक्नोलॉजी, निवेश और इनोवेशन पर आधारित भविष्य केंद्रित साझेदारी बनाने के हमारे संकल्प को दिखाता है। भारत और यूके मिलकर साझा समृद्धि के लिए काम करते रहेंगे।’
व्यापार और रोजगार पर बड़ा असर
वहीं केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भी इस विकास को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि यह समझौता भारत के लगभग 99% निर्यातकों को यूके में जीरो-ड्यूटी मार्केट एक्सेस प्रदान करता है और कुल व्यापार मूल्य के करीब 100% को कवर करता है।
मुख्य फायदे :
- टेक्सटाइल, लेदर, जेम्स-ज्वेलरी, इंजीनियरिंग गुड्स, मरीन प्रोडक्ट्स, केमिकल्स, प्रोसेस्ड फूड और फर्नीचर जैसे लेबर-इंटेंसिव सेक्टर्स को टैरिफ मुक्ति।
- कृषि क्षेत्र में लगभग सभी प्रोडक्ट्स को जीरो-ड्यूटी एक्सेस (कुछ संवेदनशील आइटम्स को छोड़कर)।
- IT, प्रोफेशनल, फाइनेंशियल, एजुकेशन और बिजनेस सर्विसेज सेक्टर के लिए नए रास्ते।
- सोशल सिक्योरिटी एग्रीमेंट के तहत UK में काम कर रहे भारतीय प्रोफेशनल्स को 5 साल तक डबल सोशल सिक्योरिटी कंट्रीब्यूशन से छूट।
- 1,800 भारतीय शेफ, योगा इंस्ट्रक्टर और क्लासिकल म्यूजिशियन के लिए सालाना विशेष मोबिलिटी कोटा।
पीयूष गोयल के अनुसार इस व्यापार समझौते से इन तमाम सेक्टर्स के साथ-साथ एमएसएमई, किसानों और मैन्युफैक्चरर्स को निर्यात के बड़े मौके मिलेंगे। इसे लेकर गोयल ने यूके के बिजनेस एंड ट्रेड सेक्रेटरी पीटर काइल और दोनों पक्षों की नेगोशिएटिंग टीमों की सराहना भी की। यह समझौता भारत को UK के 90 बिलियन डॉलर से अधिक के कृषि आयात बाजार में बेहतर पहुंच दिलाएगा और दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, टेक्नोलॉजी तथा इनोवेशन को नई ऊंचाई प्रदान करेगा।
