बलात्कार के दोषी आसाराम बापू की अंतरिम जमानत रद, जोधपुर जेल में किया सरेंडर
जोधपुर, 28 मई। प्रवचनकर्ता आसाराम बापू ने गुरुवार की शाम जोधपुर केंद्रीय कारावास में अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। इससे एक दिन पहले राजस्थान उच्च न्यायालय ने 2013 के नाबालिग से बलात्कार मामले में उनकी आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखते हुए उनकी अंतरिम जमानत रद्द कर दी थी, जिसके बाद आसाराम ने यह कदम उठाया।
राजस्थान हाई कोर्ट ने बढ़ाई गई अंतरिम जमानत रद की
आसाराम बापू के आगमन की खबर सुनकर बड़ी संख्या में समर्थक जोधपुर हवाई अड्डे पर जमा हो गए थे। आसाराम ने अपने वाहन के अंदर से अपने अनुयायियों का अभिवादन किया, उन्हें आशीर्वाद दिया और इसके बाद वह पाली गांव स्थित अपने आश्रम की ओर रवाना हुए।
जोधपुर में अपने आश्रम में कुछ समय व्यतीत करने के बाद वह चिकित्सा परीक्षण के लिए एम्स गए और शाम को उन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया। उच्च न्यायालय की जोधपुर पीठ ने बुधवार को आसाराम की अपील खारिज करते हुए सात जुलाई तक बढ़ाई गई अंतरिम जमानत रद कर दी थी।
हरिद्वार में थे आसाराम
हाई कोर्ट के फैसले के समय आसाराम उत्तराखंड के हरिद्वार में थे। वह अक्टूबर से जमानत पर थे। उनके वकील ने कहा था कि वह आदेश का अध्ययन कर रहे हैं और उच्च न्यायालय के फैसले को उच्चतम न्यायालय में चुनौती देने के लिए आगे की काररवाई करेंगे। न्यायमूर्ति अरुण मोंगा और न्यायमूर्ति योगेंद्र कुमार पुरोहित की खंडपीठ ने इस सनसनीखेज मामले में विस्तृत फैसला सुनाते हुए निचली अदालत द्वारा दी गई आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखा था।
