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मोदी कैबिनेट ने 5 वर्षों के लिए ‘सार्थक’ पीडीएस योजना को दी मंजूरी, 25530 करोड़ रुपये होंगे खर्च

मोदी कैबिनेट ने 5 वर्षों के लिए ‘सार्थक’ पीडीएस योजना को दी मंजूरी, 25530 करोड़ रुपये होंगे खर्च

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नई दिल्ली, 27 मई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) ने बुधवार को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में राशन परिवहन और हैंडलिंग-आय में स्वचालन के लिए सहायता योजना (सार्थक पीडीएस) को अगले पांच वर्षों के लिए एक अंब्रेला योजना के रूप में जारी रखने को मंजूरी दे दी।

सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि पीडीएस में स्वचालन के साथ राशन परिवहन एवं प्रबंधन में सहायता देने वाली योजना अप्रैल, 2026 से मार्च, 2031 तक पांच वर्षों के लिए लागू रहेगी। इसके लिए केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 25,530 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, सीसीईए ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा खाद्यान्नों की राज्य के भीतर आवाजाही और हैंडलिंग पर किए गए खर्च, एफपीएस डीलरों के मार्जिन को पूरा करने के लिए केंद्रीय सहायता के मानदंडों को संशोधित करने और केंद्रीय सहायता के मौजूदा फंडिंग पैटर्न को जारी रखने का भी निर्णय लिया है।

बयान में कहा गया है कि इस योजना को 16वें वित्त आयोग की आबंटन अवधि में एक ‘अम्ब्रेला योजना’ के रूप में तैयार किया गया है। यह योजना एनएफएसए के तहत खाद्यान्नों के अंतर-राज्यीय आवागमन और एफपीएस डीलरों के मार्जिन के लिए राज्य एजेंसियों को सहायता और सार्वजनिक वितरण प्रणाली में प्रौद्योगिकी के माध्यम से आधुनिकीकरण और सुधार की योजना (स्मार्ट पीडीएस) को एकीकृत करती है, ताकि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 (एनएफएसए) के कार्यान्वयन को व्यापक रूप से मजबूत किया जा सके।

‘सार्थक’ पीडीएस योजना का उद्देश्य अंतरराज्यीय आवागमन, हैंडलिंग और एफपीएस डीलर के मार्जिन के लिए सुनिश्चित वित्तीय सहायता प्रदान करना, और एक एकीकृत, नागरिक-केंद्रित, बुद्धिमान और अंतर संचालनीय पीडीएस संरचना प्रदान करना है, जो अंतिम दूरी तक वितरण सुनिश्चित करती है। लीकेज को कम करती है और एनएफएसए के तहत खाद्य सुरक्षा के प्रति राष्ट्र की प्रतिबद्धता को मजबूत करती है। यह एकीकृत योजना 31 मार्च, 2031 तक संचालित रहेगी।

सार्थक पीडीएस योजना का उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), मशीन लर्निंग (एमएल), स्‍वाभाविक भाषा प्रसंस्करण (एनएलपी) और ब्लॉकचेन जैसी उन्नत प्रौद्योगिकियों के माध्यम से पीडीएस संचालन को आधुनिक बनाना, एकीकृत करना और बुद्धिमत्ता पूर्वक अनुकूलित करना है।

इसके तहत तत्‍क्षण निगरानी के लिए मानकीकृत संरचनाएं और एकीकृत डेटाबेस, एआई-संचालित शिकायत और विश्लेषण प्रणाली, डेटा-संचालित निरीक्षण के लिए राज्य कमांड नियंत्रण केंद्र और पीडीएस संचालन में पारदर्शिता, सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए आईएसओ-प्रमाणित प्रसंस्‍करण संरचनाएं तैयार की गई हैं।

यह योजना 81.35 करोड़ व्यक्तियों के लिए फायदेमंद साबित होगी

गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्नों की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध कराकर उन्हें भोजन और पोषण सुरक्षा प्रदान करना भारत सरकार की देशवासियों के प्रति सामाजिक और कानूनी प्रतिबद्धता है ताकि वे गरिमापूर्ण जीवन सुनिश्चित कर सकें। यह योजना राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा सहायता (एनएफएस) के अंतर्गत आने वाले 81.35 करोड़ व्यक्तियों के लिए भारत सरकार की प्रतिबद्धता को पूरा करने की दिशा में कार्य करेगी। वैधानिक और नीतिगत ढांचे पर आधारित, सार्थक-पीडीएस योजना वित्तीय सहायता घटक को बनाए रखते हुए उसे सुव्यवस्थित करती है और साथ ही इसे आधुनिक, प्रौद्योगिकी-आधारित पीडीएस प्रणाली में समाहित भी करती है।

केंद्र सरकार ने पिछले एक दशक में टीपीडीएस के संपूर्ण कम्प्यूटरीकरण, पीडीएस के एकीकृत प्रबंधन (आईएम-पीडीएस) और स्मार्ट पीडीएस जैसी कई डिजिटलीकरण पहलों को लागू क‍रने के साथ ही मेरा राशन, अन्न मित्र, राइटफुल टारगेटिंग डैशबोर्ड और अन्न सहायता जैसे नागरिक-केंद्रित पहलों को भी लागू किया है। एक अप्रैल, 2023 से स्मार्ट पीडीएस योजना ने 36 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में राशन कार्डों के पूर्ण डिजिटलीकरण, आधार सीडिंग, ई-पीओएस के माध्यम से एफपीएस स्वचालन, ऑनलाइन आवंटन और कम्प्यूटरीकृत आपूर्ति-श्रृंखला प्रबंधन को सक्षम बनाकर प्रौद्योगिकी-आधारित सुधारों की आधारशिला के रूप में कार्य किया है।

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