CMRL मनी लॉन्ड्रिंग केस : केरल के पूर्व सीएम विजयन के आवास सहित 12 ठिकानों पर ED की छापेमारी
तिरुवनंतपुरम, 27 मई। तटीय राज्य केरल में सत्ता पलटते ही पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और उनकी सरकार में मंत्री पद पर रहे कुछ नेताओं पर जांच एजेंसियां का शिकंजा कसने लगा है। इस क्रम में बुधवार सुबह विजयन और दूसरे पूर्व मंत्रियों के घर पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत छापेमारी की। जांच अधिकारियों ने बताया कि पूर्व सीएम विजयन के किराये के आवास समेत राज्य में कुल 12 ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।

विजयन की बेटी वीना की IT फर्म एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस से जुड़ा है मामला
आरोप है कि CMRL नाम की एक प्राइवेट कम्पनी ने 2018 से 2019 के दौरान विजयन की बेटी टी वीना की कम्पनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस को करीब 1.72 करोड़ रुपये का गैरकानूनी रूप से भुगतान किया, जबकि आईडटी (IT) फर्म ने कम्पनी को कोई सर्विस भी नहीं दी थी।
केरल हाई कोर्ट ने CMRL की याचिका भी खारिज की
वहीं, केरल हाई कोर्ट ने मंगलवार को CMRL की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें इस मामले में ईडी की काररवाई रद करने की मांग की गई थी। ईडी ने 2024 में आरोपों की जांच के लिए धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) केस फाइल किया था।

ईडी ने विपक्ष के नेता और पूर्व सीएम विजयन के किराए के घर समेत राज्यभर में 12 जगहों पर अचानक छापेमारी की। प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत शुरू की गई ये बड़ी छापेमारी, उनकी बेटी वीना विजयन की IT फर्म एक्सालॉजिक और कोच्चि की कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड से जुड़े कथित मंथली पेमेंट केस की चल रही जांच का हिस्सा है। तिरुवनंतपुरम और कोच्चि के साथ-साथ, एजेंसी ने पूर्व मंत्री और विजयन के दामाद मोहम्मद रियास के कोझिकोड घर पर भी छापेमारी की है।
छापेमारी के दौरान, ईडी अधिकारियों ने वीना विजयन और CMRL के मैनेजिंग डायरेक्टर शशिधरन कार्था से पूछताछ की। कोच्चि में CMRL के कॉरपोरेट ऑफिस और कार्था के घर पर बड़ी जांच चल रही है। खबर है कि जब जांच अधिकारी पहुंचे तो पिनाराई विजयन और उनकी बेटी तिरुवनंतपुरम में अपने घर पर मौजूद थे। डेटा इकट्ठा करने का पूरा काम सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स के भारी सिक्योरिटी कवर में चल रहा है।
यह काररवाई केरल हाई कोर्ट के ईडी को CMRL और एक्सालॉजिक के बीच हुए फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन की जांच आगे बढ़ाने की इजाजत देने के तुरंत बाद हुई है। CMRL की तरफ से काररवाई को रद करने की मांग वाली याचिका खारिज करते हुए कोर्ट ने एजेंसी की इस दलील को सही ठहराया कि इतने बड़े फाइनेंशियल लेन-देन की वजह से मनी लॉन्ड्रिंग कानूनों के तहत डिटेल में जांच की जरूरत है।
