ख्यातिनाम खेल प्रशासक व एशियाई खेलों के पहले स्वर्ण पदक विजेता शूटर रणधीर सिंह का निधन

नई दिल्ली, 27 मई। ख्यातिनाम खेल प्रशासक और एशियाई खेलों की निशानेबाजी में भारत के पहले स्वर्ण पदक विजेता शूटर रणधीर सिंह का बुधवार को यहां उम्र संबंधित बीमारियों से जूझने के बाद निधन हो गया। पिछले कई दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहने के बाद 79 वर्षीय रणधीर सिंह ने यहां अपने आवास पर अंतिम सांस ली।

बिगड़ते स्वास्थ्य के ही कारण OCA अध्यक्ष पद से दिया था इस्तीफा

रणधीर सिंह ने स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं के कारण ही हाल ही में एशियाई ओलम्पिक परिषद (OCA) के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्हें 2024 में चार वर्ष के कार्यकाल के लिए चुना गया था।

निशानेबाजी और ओलम्पिक आंदोलन के विकास में अमूल्य योगदान – NRAI

भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (NRAI) के सचिव राजीव भाटिया ने कहा, ‘गहरे दुख के साथ हम राजा रणधीर सिंह के निधन की दुखद खबर साझा कर रहे हैं, जो आज 27 मई 2026 को स्वर्ग सिधार गए। एक विशिष्ट ओलंपियन, अर्जुन पुरस्कार विजेता और भारत, एशिया और अंतरराष्ट्रीय ओलम्पिक समिति में सबसे सम्मानित खेल प्रशासकों में से एक राजा रणधीर सिंह ने निशानेबाजी खेल और ओलम्पिक आंदोलन के विकास में अमूल्य योगदान दिया।’

भाटिया ने कहा, ‘एनआरएआई और पूरा निशानेबाजी समुदाय इस अपूरणीय क्षति पर शोक व्यक्त करता है और उनके परिवार तथा प्रियजनों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त करता है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे।’

ओलम्पिक में 5 बार भागीदारी, 1978 एशियाड में जीता था ट्रैप स्वर्ण

अपने शानदार खेल करिअर के दौरान रणधीर सिंह ने पांच बार ओलम्पिक खेलों में भागीदारी की 1978 के बैंकॉक एशियाई खेलों में ऐतिहासिक ट्रैप स्वर्ण पदक जीता। खेलों की तरह ही अपने सफल प्रशासनिक करिअर में भी उन्होंने भारतीय ओलम्पिक संघ (IOA) के महासचिव और अंतरराष्ट्रीय ओलम्पिक समिति (IOC) के सदस्य के रूप में कार्य किया।

भारतीय खेल जगत ने जताया शोक

इस बीच ओलम्पिक स्वर्ण पदक विजेता अभिनव बिंद्रा समेत समूचे भारतीय खेल जगत ने वरिष्ठ प्रशासक और पूर्व निशानेबाज रणधीर सिंह के निधन पर शोक जताते हुए उन्हें भारतीय खेलों का करिश्माई नेता और असल धुरंधर बताया है।

बिंद्रा ने एक्स पर लिखा, ‘राजा रणधीर सिंहजी के निधन से दुखी हूं। एक ओलम्पियन, एक खेल प्रशासक और भारतीय तथा विश्व खेलों में अपार योगदान देने वाले शख्स के रूप में उनका जीवन खेलों को समर्पित था। हमारे खेलों के इतिहास में उनकी विरासत अहम रहेगी। उनके परिवार को प्रियजनों को मेरी सांत्वना।’

एशियाई ओलम्पिक परिषद ने लिखा, ‘ओलम्पिक आंदोलन के दिग्गज राजा रणधीर का जीवन खेलों की सेवा और एशिया में ओलंपिक मूल्यों के प्रसार को समर्पित रहा। एशियाई ओलम्पिक परिषद उनके परिवार, दोस्तों, सहकर्मियों और पूरे ओलंपिक परिवार के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त करती है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे।’

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