कांग्रेस अध्यक्ष खरगे को नोटिस पर भड़की कांग्रेस, EC को बताया गृह मंत्रालय का संलग्न कार्यालय

नई दिल्ली, 22 अप्रैल। मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस भारत निर्वाचन आयोग (ECI) की उस काररवाई पर भड़ उठी है, जिसके तहत EC ने प्रधानमंमत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की आतंकवादी वाली टिप्पणी का संज्ञान लेते हुए उनसे 24 घंटे में जवाब-तलब किया है। कांग्रेस ने आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव आयोग केंद्र सरकार का संलग्न कार्यालय है।

पीएम मोदी को आतंकवादी कहने पर ईसी ने खरगे से किया है जवाब-तलब

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि चुनाव आयोग अब एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था के बजाय केंद्रीय गृह मंत्रालय के एक संलग्न कार्यालय के रूप में काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह भारतीय संविधान पर एक बड़ा प्रहार है।

ईसी का मौजूदा आचरण संविधान के साथ विश्वासघात – जयराम रमेश

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जयराम रमेश ने लिखा, ‘यह काफी समय से स्पष्ट है कि चुनाव आयोग प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के इशारों पर नाच रहा है। कई लाख मतों की चोरी को अंजाम देने के बाद, आज उसने गृह मंत्रालय के कार्यालय की तरह काम करने का नया सबूत पेश किया है।’ उन्होंने आगे लिखा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक निकाय है, लेकिन इसका मौजूदा आचरण संविधान के साथ विश्वासघात है, जिसकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी मुख्य चुनाव आयुक्त पर है।

क्या था विवादित बयान?

दरअसल, यह पूरा विवाद मल्लिकार्जुन खरगे के उस बयान से शुरू हुआ, जो उन्होंने मंगलवार को चेन्नई में दिया था। खरगे ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए उन पर सरकारी तंत्र और केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग के जरिए विपक्षी दलों को डराने-धमकाने का आरोप लगाया था। खरगे ने कहा था, ‘ये एआईएडीएमके के लोग अन्नादुरई की फोटो लगाते हैं। वे मोदी के साथ कैसे जा सकते हैं? वह एक आतंकवादी हैं। वह समानता में विश्वास नहीं रखते। उनकी पार्टी न्याय और समानता में यकीन नहीं रखती।’

कुछ ही देर बाद खरगे ने दी थी सफाई

हालांकि, इसके तुरंत बाद कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनके कहने का यह मतलब था कि प्रधानमंत्री देश के लोकतांत्रिक ढांचे को आतंकित कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘वह लोगों और राजनीतिक दलों को डरा रहे हैं। मैंने उन्हें शाब्दिक अर्थों में आतंकवादी नहीं कहा। वह विपक्ष को बदनाम करने और दबाने के लिए अपनी शक्ति और सरकारी तंत्र का दुरुपयोग कर रहे हैं।’

चुनाव आयोग की काररवाई

फिलहाल खरगे की टिप्पणी से भड़की भाजपा की शिकायत पर चुनाव आयोग ने कांग्रेस अध्यक्ष को 24 घंटे के भीतर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। गौर करने वाली बात यह है कि यह नोटिस तमिलनाडु में मतदान और पश्चिम बंगाल के पहले चरण के चुनाव से ठीक एक दिन पहले जारी किया गया है, जिसे लेकर कांग्रेस ने टाइमिंग पर भी सवाल खड़े किए हैं।

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