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एशियाई मुक्केबाजी : 5 स्वर्ण पदकों के साथ भारतीय अभियान का समापन, विश्वनाथ को अंतिम दिन स्वर्ण

एशियाई मुक्केबाजी : 5 स्वर्ण पदकों के साथ भारतीय अभियान का समापन, विश्वनाथ को अंतिम दिन स्वर्ण

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उलानबटोर (मंगोलिया), 10 अप्रैल। भारत ने शुक्रवार को यहां एशियाई मुक्केबाजी चैम्पियनशिप के अपने यादगार अभियान का समापन पुरुषों के 50 किलोग्राम वर्ग में विश्वनाथ सुरेश के स्वर्ण पदक के साथ किया। प्रतियोगिता में भारतीय दल का पांचवां स्वर्ण पदक था। अन्य चार स्वर्ण पदक गुरुवार को महिला मुक्केबाजों ने जीते थे।

विश्वनाथ ने फाइनल में दबदबा बनाते हुए जापान के दाइची इवाई को 5-0 से शिकस्त दी। वहीं सचिन (60 किलोग्राम) ने कड़े मुकाबले में रजत पदक जीतकर पदकों की संख्या में इजाफा किया। उन्हें कजाखस्तान के ओराजबेक असिलकुलोव ने संघर्ष के बाद 3-2 से मात दी।

भारत पदक तालिका में कजाखस्तान के बाद दूसरे स्थान पर रहा

भारत पदक तालिका में पांच स्वर्ण पदक के साथ दूसरे स्थान पर रहा। कजाखस्तान ने भारत से एक स्वर्ण पदक ज्यादा जीता और तालिका में शीर्ष पर रहा। हालांकि कुल मिलाकर सर्वाधिक 16 पदक भारत ने ही जीते।

महाद्वीपीय स्तर पर भारतीय महिलाओं का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन

भारतीय दल में शामिल महिला मुक्केबाजों का प्रदर्शन तो ऐतिहासिक रहा, उन्होंने 10 पदक जीतकर तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया। इन 10 पदकों में चार स्वर्ण, दो रजत और चार कांस्य पदक शामिल थे, जो महाद्वीपीय स्तर पर उनके अब तक के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनों में से एक है।

BFI अध्यक्ष ने टीम के प्रदर्शन को सराहा

इस बीच भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (BFI) के अध्यक्ष अजय सिंह ने टीम के प्रदर्शन के सवाल पर कहा, ‘भारतीय मुक्केबाजी और हमारी महिला मुक्केबाजों के लिए यह एक असाधारण अभियान रहा है। हमारी महिलाओं ने चार स्वर्ण पदक जीतकर पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया है। हमारी पुरुष टीम का प्रदर्शन भी एक बार फिर प्रभावशाली रहा, विशेष रूप से युवा विश्वनाथ का जिन्होंने स्वर्ण पदक जीता। उनका प्रदर्शन हमारी पाइपलाइन (भविष्य के खिलाड़ियों की तैयारी) की मजबूती को दर्शाता है।’

उन्होंने कहा, ‘खास बात यह है कि हमारे यहां प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। पिछली विश्व चैम्पियनशिप के बाद टीम में कई बदलाव होने के बावजूद इस टीम ने जबर्दस्त जुझारूपन और क्षमता का प्रदर्शन किया है और महाद्वीप के कुछ बेहतरीन मुक्केबाजों को हराकर खिताब अपने नाम किए हैं। हम उभरती हुई प्रतिभाओं की एक नई लहर और कई पदक दावेदारों को बड़े मंच पर आगे आते देख रहे हैं।’

महिला वर्ग में इन मुक्केबाजो ने लूटी महफिल

महिला टीम के लिए मीनाक्षी हुड्डा (48 किलोग्राम), प्रीति पंवार (54 किलोग्राम), प्रिया घंघास (60 किलोग्राम) और अरुंधति चौधरी (70 किलोग्राम) ने स्वर्ण पदक जीते जबकि जैस्मीन लंबोरिया (57 किलोग्राम) और अल्फिया पठान (80 किलोग्राम से अधिक) ने रजत पदक हासिल किए। इनके अलावा चार मुक्केबाजों ने कांस्य पदक भी जीते।

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