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राहुल गांधी ने बजट पर चर्चा के दौरान केंद्र पर साधा निशाना, बोले- ‘हम प्रधानमंत्री की आंखों में डर देख सकते हैं’

राहुल गांधी ने बजट पर चर्चा के दौरान केंद्र पर साधा निशाना, बोले- ‘हम प्रधानमंत्री की आंखों में डर देख सकते हैं’

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नई दिल्ली, 11 फरवरी। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने संसद के बजट सत्र के 11वें दिन बुधवार को बजट पर चर्चा करते हुए केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मार्शल आर्ट में सीक्वेंस है ग्रिप, चोक और टैप। यह ग्रिप पॉलिटिक्स में भी होती है। लेकिन पॉलिटिक्स में ग्रिप, चोक और टैप छिपे रहते हैं। दुनिया के हालात तेजी से बदल रहे हैं। हम युद्ध के दौर से गुजर रहे हैं। दुनिया के वैश्विक हालात तेजी से बदल रहे हैं।

‘मैं कह रहा हूं कि आपने इंडिया बेच दिया है, क्या आपको शर्म नहीं आती?’

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, ‘मैं कह रहा हूं कि आपने इंडिया बेच दिया है। क्या आपको इंडिया बेचने में शर्म नहीं आती? क्या आपको इंडिया बेचने में कोई शर्म नहीं है? आपने हमारी मां, भारत माता को बेच दिया है। मजेदार बात यह है कि मुझे पता है कि आम हालात में प्रधानमंत्री इंडिया को नहीं बेचते। आपको पता है उन्होंने इंडिया क्यों बेचा? क्योंकि वे उनका गला घोंट रहे हैं। उन्होंने उनकी गर्दन पकड़ रखी है। हम प्रधानमंत्री की आंखों में डर देख सकते हैं।’

बजट में कुछ खास नहीं

उन्होंने कहा, ‘देश के 140 करोड़ लोगों के सामने एक नया चैलेंज है। एआई के आने से एक अलग तरह का संकट दिख रहा है। एआई के लिए डाटा पेट्रोल की तरह है। बजट में कुछ खास नहीं है। बजट में डेटा से जुड़ा कुछ नहीं है। चीनी डेटा से मुकाबला करने के लिए कुछ नहीं है। अमेरिका को सिर्फ भारत का डेटा चाहिए। अमेरिका और चीन की नजर भारत के डेटा पर है। भारत के पास सबसे ज्यादा डेटा है। डॉलर को बचाने के लिए अमेरिका को भारत का डेटा चाहिए। बजट में मौजूदा चुनौतियों की बात नहीं है।

अमेरिका और चीन के बीच मुकाबले में सबसे कीमती चीज इंडियन डेटा है

कांग्रेस सांसद ने कहा, ‘एक बात मैं साफ करना चाहूंगा, अमेरिका और चीन के बीच मुकाबले में सबसे कीमती चीज इंडियन डेटा है। यदि अमेरिकन सुपरपावर बने रहना चाहते हैं, और यदि अमेरिकन अपने डॉलर को बचाना चाहते हैं, तो उसकी चाबी इंडियन डेटा है।’

जो डॉलर को बचा सकती है वह इंडियन लोगों के पास है

नेता प्रतिपक्ष ने कहा, ‘अगर I.N.D.I.A. अलायंस प्रेसिडेंट ट्रंप के साथ बातचीत कर रहा होता तो मैं आपको बताता हूं कि हम क्या कहते। सबसे पहले हम प्रेसिडेंट ट्रंप से कहते, इस इक्वेशन में सबसे जरूरी चीज इंडियन डेटा है। आप अपना डॉलर बचाना चाहते हैं? हम आपके दोस्त हैं। हम आपकी तारीफ करते हैं। हम आपके डॉलर को बचाने में आपकी मदद करना चाहते हैं, लेकिन प्लीज याद रखें कि अगर आप अपना डॉलर बचाना चाहते हैं, तो सबसे बड़ी एसेट जो आपके डॉलर को बचा सकती है, वह इंडियन लोगों के पास है।’

आबादी एक आपदा नहीं, आबादी सबसे बड़ी संपत्ति है

राहुल गांधी ने कहा, ‘हम जो टेबल पर रखते हैं, वे हमारे लोग हैं, उनकी समझदारी, वे क्या करते हैं, उनकी पसंद, नापसंद, उनकी कल्पना और उनका डर। 21वीं सदी में अचानक इसकी वैल्यू हो गई है। 20वीं सदी में इसकी कोई वैल्यू नहीं थी। मुझे याद है कि बहुत से लोग कहते थे कि आबादी एक बोझ है, आबादी एक आपदा है। नहीं, आबादी सबसे बड़ी संपत्ति है, जो आपके पास हो सकती है। यह एक ताकत है, लेकिन यह तभी ताकत है, जब आप उस डेटा को पहचानते हैं।’

प्रेसिडेंट ट्रंप समझ लें – ‘आप हमसे ऐसे बात नहीं करेंगे, जैसे हम आपके नौकर हों’

कांग्रेस सांसद ने कहा, ‘प्रेसिडेंट ट्रंप, अगर आप इस डेटा का एक्सेस चाहते हैं, तो प्लीज समझ लें कि आप हमसे बराबरी पर बात करेंगे। आप हमसे ऐसे बात नहीं करेंगे, जैसे हम आपके नौकर हों। दूसरी बात जो हम कहेंगे वह यह है कि मिस्टर ट्रंप, प्लीज समझ लें कि हमारी एनर्जी सिक्योरिटी हमारी एनर्जी सिक्योरिटी है। चाहे कुछ भी हो जाए, हम अपनी एनर्जी सिक्योरिटी को बचाकर रखेंगे। तीसरी बात जो हम कहेंगे वह यह है कि प्रेसिडेंट ट्रंप, हम समझते हैं कि आपके पास एक वोटर बेस है, एक एग्रीकल्चरल वोटर बेस। हम समझते हैं कि आपको अपने किसानों को बचाने की जरूरत है, लेकिन हम भी अपने किसानों को बचाएंगे।’

मोदी सरकार ने ट्रेड रूल्स पर कंट्रोल छोड़ दिया

राहुल गांधी ने कहा, ‘हमें पाकिस्तान के बराबर नहीं बनाया जाएगा। प्रेसिडेंट ट्रंप ने तय किया कि पाकिस्तान आर्मी चीफ उनके साथ ब्रेकफास्ट करेंगे, तो हमें इस बारे में कुछ कहना होगा। अब क्या हुआ है? आपने एक ट्रेड डील की है, जो चीज 21वीं सदी में इंडिया को बदलने वाली है, जो चीज हमें 21वीं सदी में सुपरपावर बनाने वाली है, मोदी सरकार ने हमारे डेटा के साथ यही किया है। हम अपने डिजिटल ट्रेड रूल्स पर कंट्रोल छोड़ देते हैं।

‘डॉलर को चुनौती मिल रही है और अमेरिकी वर्चस्व को भी

बकौल राहुल गांधी, ‘प्रधानमंत्री ने कहा है और हैरानी की बात यह है कि राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनएसए) ने भी यही कहा है, कि युद्ध का युग समाप्त हो गया है। वास्तव में, हम युद्ध के युग में प्रवेश कर रहे हैं। इसलिए हम अस्थिरता के दौर में प्रवेश कर रहे हैं। डॉलर को चुनौती मिल रही है और अमेरिकी वर्चस्व को भी। हम एक महाशक्ति के दौर से एक ऐसे नए दौर की ओर बढ़ रहे हैं, जिसकी हम भविष्यवाणी नहीं कर सकते। यह एक अस्थिर दुनिया है, आर्थिक सर्वेक्षण भी यही कहता है और मैं इससे सहमत हूं।’

‘हम स्थिरता के दौर से अस्थिरता के दौर की ओर बढ़ रहे’

राहुल गांधी ने कहा, ‘मैं आर्थिक सर्वेक्षण देख रहा था। मुझे दो मुख्य बिंदु मिले। पहला, हम भू-राजनीतिक संघर्षों से भरे एक ऐसे दौर में जी रहे हैं, जहां संघर्ष लगातार बढ़ रहा है। चीन, रूस और अन्य ताकतें अमेरिका के प्रभुत्व को चुनौती दे रही हैं। दूसरा, हम ऊर्जा और वित्तीय हथियारों के इस्तेमाल के दौर में जी रहे हैं। इसका मुख्य संदेश यह है कि हम स्थिरता के दौर से अस्थिरता के दौर की ओर बढ़ रहे हैं।’

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