पूर्व सीएम आतिशी होंगी दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष, AAP विधायक दल की बैठक में फैसला

नई दिल्ली, 23 फरवरी। पूर्व मुख्यमंत्री व आम आदमी पार्टी (AAP) की नेता आतिशी दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष होंगी। AAP मुख्यालय पर आज हुई पार्टी विधायक दल की बैठक में आतिशी के नाम पर मुहर लगाई गई। उल्लेखनीय है कि बीते विधानसभा चुनाव में आतिशी ने कालकाजी सीट से जीत हासिल की थी जबकि आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल व मनीष सिसोदिया सहित पार्टी के कई दिग्गज नेताओं को हार का सामना करना पड़ा था।

गोपाल राय ने की आतिशी के नाम की औपचारिक घोषणा

दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री व बीते चुनाव में शहादरा की बाबरपुर सीट से जीत हासिल करने वाले गोपाल राय ने आतिशी के नाम की औपचारिक घोषणा की। उन्होंने कहा कि आज आम आदमी पार्टी के विधायक दल की मीटिंग थी, जिसमें विधायकों ने सर्वसम्मति से आतिशी को नेता प्रतिपक्ष के रूप में चुना है। बैठक में अरविंद केजरीवाल भी शामिल हुए।

गोपाल राय ने कहा कि आतिशी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी बखूबी निभाई है। उनपर नेता प्रतिपक्ष होने के नाते केजरीवाल सरकार द्वारा किए गए कामों की रक्षा करना और भाजपा द्वारा जनता से किए वादों को पूरा करवाने की जिम्मेदारी होगी।

आतिशी ने केजरीवाल और सभी विधायकों को दिया धन्यवाद

वहीं नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने के बाद आतिशी ने कहा, ‘मैं AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और सभी विधायकों का धन्यवाद करती हूं, जिन्होंने मुझे नेता प्रतिपक्ष बनाया है। भाजपा ने जो भी वादे किए, विपक्ष के नाते हम उन सभी वादों को पूरा करवाने की जिम्मेदारी निभाएंगे। महिलाओं से वादा है कि प्रधानमंत्री मोदी ने जो पहली कैबिनेट मीटिंग में ही उन्हें ₹2,500 हर महीने देने की गारंटी दी थी, वो हम उन्हें दिलवा कर रहेंगे।’

मैंने बतौर सीएम विधानसभा स्पीकर को भेजी थी कैग रिपोर्ट – आतिशी

दिल्ली विधानसभा में पेश होने वाली कैग रिपोर्ट पर पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने कहा, ‘मैंने बतौर मुख्यमंत्री दिल्ली विधानसभा के स्पीकर को कैग रिपोर्ट भेजी थी। ये कैग रिपोर्ट चुनाव से पहले सीलबंद लिफाफे में विधानसभा भेजी गई थी। भाजपा यह भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है कि कैग रिपोर्ट उनकी तरफ से पेश की जा रही है। दिल्ली की जनता में फैलाई जा रही भ्रांति को जनता के सामने लाया जाना चाहिए।’

सोमवार से शुरू हो रहा विधानसभा सत्र

उल्लेखनीय है कि सोमवार (24 फरवरी) पूर्वाह्न 11 बजे से नवगठित दिल्ली विधानसभा का सत्र शुरू होगा। पहले विधायकों को शपथ दिलाई जाएगी। दोपहर में विधानसभा अध्यक्ष के रूप में विजेंद्र गुप्ता के चुनाव की औपचारिकता पूरी की जाएगी। 25 फरवरी को उप राज्यपाल वीके सक्सेना का अभिभाषण होगा। 27 फरवरी को अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव होगा। इसके बाद विधानसभा उपाध्यक्ष का चुनाव होगा। 26 फरवरी को महाशिवरात्रि होने के कारण सत्र नहीं बुलाया गया है।

पक्ष-विपक्ष में नोकझोंक के आसार

दिलचस्प यह है कि 70 सदस्यीय विधानसभा में सिर्फ दो पार्टियां – सत्तारूढ़ भाजपा व AAP रहेंगी। वजह यह है कि बीते चुनाव में भाजपा ने जहां 48 सीटें जीतीं वहीं बची 22 सीटें आम आदमी पार्टी ने जीती हैं।

फिलहाल सत्र के तीसरे दिन 27 फरवरी को पक्ष और विपक्ष के बीच नोकझोंक हो सकती है। सदन में उप राज्यपाल वीके सक्सेना के अभिभाषण पर बहस होगी। इसके बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सदन में जवाब देंगी। माना जा रहा है कि विपक्ष पर सत्ता पक्ष सीएजी की रिपोर्ट को आधार बनाकर भ्रष्टाचार का आरोप मढ़ेगा। इसमें हर विभाग से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं का लेखा-जोखा होगा। वहीं, ‘आप’ नेताओं के अनुसार चुनाव के दौरान जितने भी वादे भाजपा ने किए हैं, उन्हें पूरा करने के लिए दबाव बनाया जाएगा और सदन में सवाल पूछे जाएंगे।

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