AAP सरकार की नीतियों पर सवाल, लेकिन केजरीवाल पर निजी हमले नहीं करेगी कांग्रेस, दिल्ली चुनाव के लिए बनाई रणनीति

नई दिल्ली, 12 जनवरी। दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक पारा चढ़ा हुआ है। एक तरफ जहां इंडिया गठबंधन के नेता इस चुनाव में आम आदमी पार्टी के सपोर्ट में उतर गई है तो वहीं अब कांग्रेस भी अरविंद केजरीवाल पर निजी हमला नहीं करेगी। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस का आलाकमान चुनावी रैलियों में सिर्फ आम आदमी पार्टी की नीतियों पर सवाल करेगा।

राहुल गांधी केजरीवाल पर निजी हमला नहीं करेंगे

सीलमपुर में सोमवार (13 जनवरी 2025) को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की दिल्ली चुनाव को लेकर पहली रैली होने वाली है। इस नाम जय बापू, जय भीम, जय संविधान रैली रखा गया है। इसका मतलब है कि राहुल गांधी के निशाने पर मुख्य रूप से मोदी सरकार और बीजेपी रहेगी केजरीवाल नहीं। हालांकि दूसरी तरफ केजरीवाल और आम आदमी पार्टी दिल्ली कांग्रेस के नेताओं पर रोज निजी हमले किए जा रहे हैं।

लक्ष्मण रेखा नहीं लांघी जाएगी- कांग्रेस

कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि प्रदेश के नेताओं की ओर से इसके सियासी जवाब तो दिए ही जाएंगे, लेकिन लक्ष्मण रेखा नहीं लांघी जाएगी। इसी रणनीति के तहत बीते हफ्ते जय माकन को केजरीवाल को राष्ट्र विरोधी बताने वाला प्रेस कॉन्फ्रेंस करने से रोक दिया गया था। बीते एक हफ्ते से कांग्रेस नेता केजरीवाल के खिलाफ तीखे हमले नहीं कर रहे, बल्कि आम आदमी पार्टी और बीजेपी को एक साथ घेर रहे हैं।

इंडिया गठबंधन के दल AAP के सपोर्ट में उतरे

दिल्ली चुनाव में जिस तरह के राजनीतिक समीकरण बन रहे हैं, उससे इंडिया गठबंधन के अस्तित्व पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। पहले सपा चीफ अखिलेश यादव, फिर ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी और फिर उद्धव ठाकरे समेत विपक्ष के कई नेता आम आदमी पार्टी के सपोर्ट में खड़ी है।

अखिलेश यादव ने तो यहां तक कह दिया कि वह कांग्रेस के बजाय आम आदमी पार्टी के नेताओं के साथ मंच साझा करेंगे। शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस की जिम्मेदारी थी कि वह गठबंधन को जिंदा रखे और सभी दलों को साथ लेकर चले।

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